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समाज  |  5-मिनट में पढ़ें
कहीं आपके आधार से दर्जन भर मोबाइल लिंक तो नहीं हैं

कहीं आपके आधार से दर्जन भर मोबाइल लिंक तो नहीं हैं

आधार को लेकर सरकार की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. रोज़ ऐसा कुछ न कुछ हो रहा है जिसको देखकर आम आदमी के सामने आधार की विश्वसनीयता खत्म होती जा रही है.
सियासत  |   बड़ा आर्टिकल
आखिर नेताजी से डरते क्यों थे जवाहर लाल नेहरु ?

आखिर नेताजी से डरते क्यों थे जवाहर लाल नेहरु ?

ट्रेड यूनियन के इतिहास को जानने वाले जानते हैं कि नेताजी के प्रयासों के बाद आगे चलकर देश की दूसरी बड़ी कंपनियों ने भी अपने मजदूरों को बोनस देना शुरू कर दिया. जमशेदपुर में मजदूरों का नेतृत्व करने के दौरान नेताजी को दो-दो बार एटक का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी चुना गया.
समाज  |  3-मिनट में पढ़ें
ऐसे हुई थी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत! अंग्रेजों ने की थी साजिश...

ऐसे हुई थी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत! अंग्रेजों ने की थी साजिश...

बोस से जुड़ी कोई भी बात हो उनकी मृत्यु की गुत्थि का जिक्र जरूर होता है. आम थ्योरी कहती है कि बोस की मौत 1945 में एक प्लेन क्रैश में हो गई थी, लेकिन क्या ये सच्चाई है?
सियासत  |  6-मिनट में पढ़ें

"मी-लार्ड" का बंदूक के लाइसेंस के लिए यूं गिड़गिड़ाना! ये तो बहुत टेंशन की बात है

चारा घोटाले पर फैसला देकर सबको हैरत में डालने वाला जज अगर खुद न्याय की आस में दौड़े या फिर अपना काम करवाने के लिए बार-बार प्रशासन के दरवाजे पर आए और खाली हाथ वापस लौटा दिया जाए तो समझ लीजिये देश की हालत कितनी गंभीर है.
समाज  |  3-मिनट में पढ़ें
असहिष्णुता छोड़िए इस असंवेदनशीलता पर क्या कहेंगे आप?

असहिष्णुता छोड़िए इस असंवेदनशीलता पर क्या कहेंगे आप?

दो 15 साल के लड़के बाइक से एक्सिडेंट होने पर सड़क किनारे पड़े हुए थे और यूपी पुलिस उन्हें अपनी गाड़ी में अस्पताल ले जाने को तैयार नहीं हुई. कारण? पुलिस वालों को चिंता थी कि कहीं उनकी गाड़ी गंदी न हो जाए.
समाज  |  7-मिनट में पढ़ें
क्यों नहीं बवाना हादसे को सुनियोजित हत्याकांड कहा जाए?

क्यों नहीं बवाना हादसे को सुनियोजित हत्याकांड कहा जाए?

हैरानी की बात यह है कि इस पटाखा फैक्ट्री के गोदाम में आने जाने के लिए केवल एक ही रास्ता था. इस वजह से आग लगने के बाद भी कर्मचारी गोदाम से समय रहते नहीं निकल नहीं पाए. गोदाम के अंदर महिलाओं की लाश एक दूसरे के ऊपर पड़ी मिली.
समाज  |  5-मिनट में पढ़ें
अजी हमारी छोड़िये! आप ही बता दीजिये, आपने देश के लिए क्या किया?

अजी हमारी छोड़िये! आप ही बता दीजिये, आपने देश के लिए क्या किया?

हम एक ऐसे दौर में हैं जहां हमारे द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब तो नहीं मिल रहे उल्टा हम से ही सवाल कर लिए जाते हैं और जानने का प्रयास किया जाता है कि उस मुद्दे पर अब तक हमने क्या किया.
सोशल मीडिया  |  5-मिनट में पढ़ें
गर्व नहीं, शर्म बन गयी व्हाट्सऐप में उलझी पत्रकारिता!

गर्व नहीं, शर्म बन गयी व्हाट्सऐप में उलझी पत्रकारिता!

मौजूदा वक़्त की पत्रकारिता शर्मसार करने वाली है. ऐसा इसलिए क्योंकि जब पत्रकारिता फेसबुक और व्हाट्सऐप के भरोसे हो तब न तो ख़बरों में विश्वसनीयता ही बचती है और न ही उस खबर की नैतिकता.
स्पोर्ट्स  |  4-मिनट में पढ़ें
विराट और टीम को अभी लम्बा सफर तय करना है

विराट और टीम को अभी लम्बा सफर तय करना है

विदेशी जमीन पर जिस तरह टीम इंडिया प्रदर्शन कर रही है उससे एक बात तो साफ है कि अभी टीम इंडिया और विराट कोहली को और मेहनत की जरूरत है ताकि वो अपनी रैंकिंग में बढ़त बनाए रहे.