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खेलों में भारत का भविष्य क्यों उज्जवल है? ये दो बड़ी खबरें भरोसा जगाती हैं
भारत सरकार ने जूनियर लेवल से ही खिलाड़ियों को ओलंपिक (Olympic) खेलों में प्रदर्शन की तैयारी शुरू करा दी है. इसके लिए टारगेट ऑफ पोडियम स्कीम यानी टॉप्स कार्यक्रम (TOPS) चलाया जा रहा है. भारत के लिए वर्ल्ड कैडेट जूडो चैंपियनशिप में गोल्ड हासिल करने वाले लिन्थोई चनंबम (Linthoi Chanambam) इसी टॉप्स स्कीम का हिस्सा हैं.
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Neeraj Chopra ने टोक्यो में पहला भाला फेंकते ही तय कर दिया था आखिरी परिणाम
टोक्यो ओलंपिक में जेवलिन थ्रो (भाला फेंक) मुकाबले का स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने अपने मिशन का आगाज चैंपियन वाली स्टाइल में ही किया था. उन्होंने क्वालिफाईंग राउंड में पहला ही थ्रो 86.65 मीटर तक फेंक दिया, जिसे फाइनल तक बाकी एथलीट छू नहीं पाए. और नीरज बन गए आजाद भारत के लिए ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले एथलीट.
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Neeraj Chopra: गोल-मटोल हरियाणवी छोरे ने ऐसे जगाया ओलंपिक गोल्ड का सपना
भारत की ओर से पहला ओलंपिक खेल रहे नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) जेवलिन थ्रो (Javelin Throw) यानी भाला-फेंक के क्वालिफाइंग राउंड में पहले स्थान पर रहे हैं. हो सकता है कि नीरज चोपड़ा के थ्रो से टोक्यो ओलंपिक में भारत को अपना पहला स्वर्ण पदक भी मिल जाए.
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Neeraj Chopra भाला-फेंक में फिलहाल अव्वल हैं, Vetter जानबूझकर दूसरे नंबर पर तो नहीं?
नीरज चोपड़ा ने अपनी पहली ही कोशिश में 86.65 मीटर जेवलिन थ्रो कर पूल ए की लिस्ट में टॉप किया. 2018 में कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और वर्ल्ड जूनियर चैंपियन ने इस स्कोर के साथ फाइनल में जगह पक्की कर ली. लेकिन, नीरज चोपड़ा के बाद जो खिलाड़ी दूसरे नंबर पर रहा, वो जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल का प्रबल दावेदार और 2017 का विश्व चैंपियन है.
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