समाज | 5-मिनट में पढ़ें
क्लास में आराम फरमाती टीचर को पंखा झलती स्टूडेंट बिहार की बदहाली की तस्वीर है!
बिहार में बेतिया जिले के प्राइमरी स्कूल से वायरल हुए एक वीडियो ने पुनः बिहार की प्राइमरी एजुकेशन पर सवालिया निशान लगा दिए हैं. जैसा कि वीडियो में दिख रहा है क्लासरूम में कुर्सी पर टांगें पसारकर एक टीचर सो रही है वहीं उसके बगल में एक छात्रा खड़ी है जो सोती हुई टीचर को हाथों से पंखा झल रही है.
समाज | 3-मिनट में पढ़ें
तालिबान सरकार ने तैयार कर दिया अफगानिस्तान का खौफनाक चेहरा
तालिबान के हाथों में आने के बाद हर बीतते दिन के साथ अफगानिस्तान की स्थिति बद से बदतर हो रही है. चाहे एक मोस्ट वांटेड आतंकी का अफगानिस्तान का गृहमंत्री बनना हो या फिर वहां के शिक्षा मंत्री का बयान कहना गलत नहीं है कि जल्द ही अफगानिस्तान गर्त के अंधेरों की भेंट चढ़ जाएगा.
ह्यूमर | 4-मिनट में पढ़ें
पढ़ाई के लिए इस टाइम-टेबल को भले ड्रामा कहिये, लेकिन बनाया बहुत खूब है
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे REET के एक टाइमटेबल के बाद कहना गलत नहीं है कि भारत का हर लड़का टाइम टेबल बनाता है. शायद हमारी अपब्रिंगिंग ही ऐसी है. मगर इतिहास गवाह है कामयाब वही हुआ है जिसने बिना टाइम टेबल के पढ़ाई की और सिर्फ पढ़ाई ही की.
सियासत | 7-मिनट में पढ़ें
New Education policy 2020 एक क्रांतिकारी कदम है, बशर्ते...
34 सालों बाद शिक्षा नीति (New Education policy 2020) में जो बदलाव हुए हैं, उसके बाद माना यही जा रहा है कि इसकी बदौलत शिक्षा की गुणवत्ता (Quality Education) में तो सुधार होगा. साथ ही इसकी बदौलत मामूली से मामूली कोर्स करने के बावजूद छात्रों को नौकरी मिल जाएगी. बस सरकार इसे ढंग से अमली जामा पहनाए.
सियासत | 6-मिनट में पढ़ें
समाज | 4-मिनट में पढ़ें
Board results: अपने बच्चे को ट्रॉफी नहीं इंसान समझें...
तमाम बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे (Board Results ) आए हैं और बच्चों (kids) ने भी एक से एक बढ़ियां नंबर हासिल किये हैं मगर जैसा अब मां बाप (Parents) का रुख है साफ़ है कि बच्चों से ज्यादा नंबरों की फ़िक्र मां बाप को है जिन्होंने अपने बच्चों को इंसान नहीं नंबर लाने की मशीन समझ लिया है.
समाज | 4-मिनट में पढ़ें
यूपी में सरकारें बदल जाएंगी लेकिन मास्टर साहब नहीं!
हम में से ज्यादातर लोग अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में नहीं पढ़ाना चाहते, ये जानते हुए भी कि वहां पढ़ाई के लिए कोई फीस नहीं है. लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाते हैं और रो-रो कर फीस भी भरते हैं. और एक वायरल वीडियो ये बता रहा है कि भारत के लोग ऐसा क्यों करते हैं.
सियासत | बड़ा आर्टिकल





