सिनेमा | 3-मिनट में पढ़ें
Adipurush Controversy : आज के मुंतशिर से बेहतर थे कल के रज़ा
आज पक्के सनातनी होने का बार-बार दावा करने वाले संवाद लेखक मनोज मुंतशिर भी शायद सनातनियों की भावनाओं को नहीं समझ पाए हैं. रामायण के प्रसंगों और हनुमान के चरित्र को चरितार्थ करते हुए उन्होंने जिन फूहड़ संवादों का मुजाहिरा किया है वो कई मायनों में आहत करने वाले हैं.
समाज | बड़ा आर्टिकल
Rahi Masoom Raza Birthday: 'समय' को स्टोरीटेलर बनाकर नये ज़माने के व्यास बन गए राही!
Rahi Masoom Raza Birthday: एक ऐसे समय में जब हम हिंदू मुस्लिम (Hindu-Muslim) से लेकर भाषाओं पर अधिकार तक कई विषयों को लेकर लड़ रहे हों हमारे लिए राही मासूम रज़ा (Rahi Masoom Raza) जैसे लोगों को याद करना इस लिए भी जरूरी हो जाता है क्योंकि इनकी रचनाएं जितनी देश के हिंदुओं के लिए थीं उतना ही हक़ उसपर मुसलमानों का भी था.
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Adipurush Controversy : आज के मुंतशिर से बेहतर थे कल के रज़ा
आज पक्के सनातनी होने का बार-बार दावा करने वाले संवाद लेखक मनोज मुंतशिर भी शायद सनातनियों की भावनाओं को नहीं समझ पाए हैं. रामायण के प्रसंगों और हनुमान के चरित्र को चरितार्थ करते हुए उन्होंने जिन फूहड़ संवादों का मुजाहिरा किया है वो कई मायनों में आहत करने वाले हैं.
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