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राम रहीम को पेरोल देना क्या न्याय व्यवस्था का राजनीतिकरण नहीं है?
राम रहीम को आजीवन पैरोल ही दे दो ना. माना कोई उसकी पैरोल के खिलाफ अदालत का दरवाजा नहीं खटखटाएगा. लेकिन अदालत स्वतः संज्ञान तो ले ही सकती है. बलात्कारी और हत्यारे को स्पष्ट राजनैतिक स्वार्थ के लिए यूं जब तब पैरोल दे दिया जाना क्या न्याय व्यवस्था का राजनीतिकरण नहीं है?
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राजनीति और अपराध के नेक्सस का सबसे घटिया नमूना है 'राम रहीम पॉलिटिक्स'
बलात्कारी गुरमीत रामरहीम (Rapist Gurmeet Ramrahim) जेल से बाहर आकर सत्संग (Online Satsang) कर रहा है और एक मेयर सहित कई बीजेपी नेता (BJP Leaders) न सिर्फ उसे श्रद्धाभाव से सुन रहे हैं, 'पिताजी के आशीर्वाद' की अपेक्षा भी रखते हैं - लेकिन हकीकत जान कर आपकी रूह कांप उठेगी!
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