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2020 में जान'लेवा' जमात के इशारे पर चलती दिखी जान'देवा' जमात
2020 बेसिर-पैर वाले आंदोलनों का साल भी रहा. तब्लीगी जमात के मुखिया मौलाना साद की सरपरस्ती में कोरोना को चुनौती देने वाली ऐसी हवा चली, जिसने सरकार और प्रशासन के सामने अजीबोगरीब स्थिति पेश की. और जमात की करतूत को छुपाने के लिए कुछ बुद्धिजीवियों ने सरकारों पर मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने की साजिश का आरोप लगा डाला.
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Maulana Saad appeal: तो क्या दिल्ली पुलिस कोरोना फैलने से रोक सकती थी?
तब्लीगी जमात (Tablighi Jamaat) के प्रमुख मौलाना साद (Maulana Saad) धीरे धीरे लाइन पर आ चुके हैं - और ये दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की सख्ती के बाद हुआ लगता है. ये तो ऐसे ही लगता है कि अगर दिल्ली पुलिस ने शुरू में सख्ती बरती होती तो तब्लीगी जमात की वजह से देश भर में कोरोना वायरस इस कदर नहीं फैल पाता.
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