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Nusrat Jahan: एक स्त्री अपने जीवन के निजी फैसलों के लिए समाज की अग्निपरीक्षा से क्यों गुजरे?
लड़कियों के सपने के राजकुमार उनके ख्वाब तक ही सीमित होते हैं, असलियत के पुरूष कल्पनाओं की चौकठ तक आ जाएं वह भी बहुत है. अब भला क्या इच्छाओं की भी कोई सीमा होती है, नहीं ना तो फिर सारे गुण किसी एक इंसान में कैसे समाहित हो सकते हैं.
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