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Updated: 28 जुलाई, 2020 10:21 PM
बिलाल एम जाफ़री
बिलाल एम जाफ़री
  @bilal.jafri.7
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अभी गत दिनों ही लद्दाख (Ladakh) स्थित गलवान घाटी (Galwan Valley) में चीन (China) की सेना ने जो कुछ भारतीय सैनिकों (Indian Army) के साथ किया उसपर दोनों देशों के बीच की खाई पटने का नाम नहीं ले रही है. भारत ने फिर एक बार ड्रैगन की पूंछ पर वार करने की तैयारी तेज कर दी है. खबर है कि भारत ने 47 चीनी ऐप्स को प्रतिबंधित कर दिया है. माना जा रहा है कि हाल फिलहाल में बैन की गई ये ऐप्स पूर्व में बैन की गईं 59 ऐप्स की क्लोन हैं. ताजा मामले में कौन कौन से ऐप्स भारत में प्रतिबंधित किये गए हैं इसपर फिलहाल कोई जानकारी हाथ नहीं लगी है मगर जैसे कयास हैं इस बार सबसे ज्यादा खतरा पब्जी पर है. इस खबर के बाद कि सरकार के निशाने पर PUBG है. गेमर्स समुदाय के बीच खासी मायूसी है. गेमर्स बस यही प्रार्थना करते पाए जा रहे हैं कि सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करे और हो सके तो गेमर्स कम्युनिटी को राहत दे और यदि फैसला ले लिया गया है तो उसे वापस ले.

ध्यान रहे कि गत दिनों ही भारत ने गलवान में चीन द्वारा की गई घुसपैठ के बाद बड़ा फैसला लिया था और चीन की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने के उद्देश्य से टिक टॉक, शेयर इट, हेलो, यूसी ब्राउज़र, एम आई कम्युनिटी, कैम स्कैनर, ईएस फ़ाइल एक्सप्लोरर, वी मेट जैसी कई महत्वपूर्ण ऐप्स को बैन किया. बताते चलें कि 47 चीनी ऐप्स पर लगाए गए ताजे बैन पर सरकार जल्द ही नोटिफिकेशन जारी करेगी और इसकी आधिकारिक घोषणा करेगी.

PUBG, Chinese Apps, Modi Government, Ban, Chinaखबर है कि अब सरकार पब्जी समेत अन्य 46 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने वाली है

47 चीनी ऐप्स के बैन पर जो सबसे अहम जानकारी हाथ लगी है, यदि उसपर यकीन किया जाए तो मिल रहा है कि, इस बार जो ऐप्स दो देशों के बीच नफरत की भेंट चढ़ी हैं. उनमें ज्यादातर ऐप्स कई लोकप्रिय गेम्स के लिए जानी जाती हैं. ये एक्शन सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है. कहा जा रहा है कि 275 चीनी ऐप्स सरकार के निशाने पर हैं. सरकार का आरोप है कि ये तमाम ऐप्स भारतीयों की गुप्त जानकारी को हासिल कर रही हैं जो कि सीधे सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है.

गौरतलब है कि अभी तक जिन भी चीनी ऐप्स का रिव्यू हुआ है उनमें एक बात जो निकल कर सामने आई है वो ये कि इन्होंने भारतीयों का डेटा चुराया और कई ऐसी जानकारियां हासिल की हैं जिससे चीन, भारत की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है.

मामले के मद्देनजर अंग्रेजी वेबसाइट द इकोनॉमिक टाइम्स ने एक रिपोर्ट छापी है जिसके अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा और यूज़र प्राइवेसी के उल्लंघन को लेकर चीनी ऐप्स की जांच की जा रही है. माना जा रहा है जून में 59 ऐप्स के बाद अब जुलाई के अंत तक अन्य बैन ऐप्स की भी घोषणा सरकार द्वारा कर दी जाएगी.

जैसा कि हम ऊपर ही बता चुके हैं. 49 ऐप्स को बैन किया जाना एक तरफ है. और लोकप्रियता के कारण पब्जी को बैन किया जाना एक तरफ है. बात भारत में पब्जी यूजर्स की हो तो आज भारत की एक बड़ी आबादी इस मोबाइल गेम की दीवानी है. यदि आंकड़ों पर नजर डालें तो मिलता है कि अब तक पब्जी को भारत में कुल 50 मिलियन लोगों द्वारा डाउन लोड किया गया है जिसमें फ़िलहाल इस गेम के 33 मिलियन एक्टिव यूजर्स हैं.

चूंकि इस गेम को एक साथ कई लोगों द्वारा खेला जा सकता है इसलिए युवा भारत के युवा इसके हद से ज्यादा दीवाने हैं और तकनीक के चलते इस गेम को हाथों हाथ लेते हैं. सरकार द्वारा पब्जी समेत 49 ऐप्स को बैन करना कितना कारगर होने वाला है इसका जवाब वक़्त देगा. लेकिन जो वर्तमान है उसे देखकर इतना  साफ़ है कि चोट भारत ने ड्रैगन के ऊपर की है वो उसे लंबे समय तक दर्द देगी.

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बिलाल एम जाफ़री बिलाल एम जाफ़री @bilal.jafri.7

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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