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Updated: 28 जून, 2019 01:09 PM
श्रुति दीक्षित
श्रुति दीक्षित
  @shruti.dixit.31
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चीन को दुनिया की फैक्ट्री कहा जाता है. पिछले दो दशकों से कई छोटी-बड़ी इंडस्ट्रियों की किसी न किसी जरूरत का सामान या तो चीन से आता है या फिर चीन में ही बनाया जाता है. सस्ता लेबर, स्टील जैसे धातु की बहुतायत, रॉ मटेरियल की भरपूर मात्रा और सस्ता मार्केट प्राइस. चीन की इन कुछ बातों के कारण ही वो दुनिया की फैक्ट्री बन चुका है. अमेरिका जैसे देशों को छोड़ दिया जाए तो लगभग हर विकसित देश में चीन का सामान धड़ल्ले से बिकता है. इसमें भारत का नंबर काफी ऊपर है. हमारे पड़ोसी देश से भले ही कैसे भी राजनयिक संबंध हों, लेकिन व्यापार के मामले में कुछ कमी नहीं है. स्मार्टफोन मार्केट में इसकी बढ़त देखी जा सकती है. एक से बढ़कर एक चीनी स्मार्टफोन Xiaomi, Oppo, Vivo, Huawei जैसी कंपनियां ग्लोबल मार्केट में उतार चुकी हैं जिनमें से भारत बहुत अहम है. ऐसे में अब यही कारनामा ऑटोमोबाइल सेक्टर में हो सकता है! आज पहली चीनी-ब्रिटिश गाड़ी MG Hector भारतीय मार्केट में लॉन्च हुई. MG Hector Launch Price ने ये साबित कर दिया कि चीनी कंपनी इसे भारतीय SUV के टक्कर में सबसे बेहतर प्रोडक्ट की तरह दिखाना चाहती है.

MG Hector Features, Price and Specifications जिस तरह से दिए गए हैं वो इस गाड़ी को भारतीय ग्राहकों की पहली पसंद बना सकते हैं. क्योंकि 8 से 12 लाख की गाड़ियों का मार्केट भारत में काफी बढ़ रहा है इसलिए ये भी कहा जा सकता है कि MG Hector जैसे फीचर्स के लिए ग्राहक मिल सकते हैं.

क्यों भारतीय कार मार्केट है सबसे उपयुक्त?

एक समय चीनी मार्केट ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए बहुत अच्छा हुआ करता था, लेकिन अब वहां ठहराव आ गया है. चीनी ऑटोमोबाइल मार्केट में डीग्रोथ हो रही है. Association of Automobile Manufacturers (CAAM) के मुताबिक 2019 की शुरुआत से ही 15% की डीग्रोथ देखी गई है और पिछले साल से ही लगातार इस तरह की समस्या सामने आ रही है. अब ये भारत की ओर बढ़ रही है. न सिर्फ भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ी से आगे बढ़ रही है बल्कि लोगों के खरीदने की क्षमता भी बढ़ रही है. Society of Indian Automobile Manufacturers के मुताबिक 2017-18 में पैसेंजर और कमर्शियल गाड़ियां मिलाकर 4.01 मिलियन की रिकॉर्ड सेल दर्ज की गई जो 10% बढ़ी हुई थी.

चीन, MG Hector, ऑटोमोबाइल, तकनीकMG Hector की कीमत 12.18 लाख रुपए से शुरू होती है.

2020 तक भारत जापान को पीछे छोड़ देगा और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल मार्केट बन जाएगा. ऐसे में चीन और अमेरिका से ही पीछे रहेगा. अब MG Hector की एंट्री से ये साफ होता है कि भारतीय मार्केट में चीन का दखल शुरू हो गया है.

स्मार्टफोन वाली स्ट्रैटजी पर लॉन्च हुई MG Hector?

कम कीमत, बेहतरीन फीचर्स, बढ़िया प्रमोशन.... कुछ याद आया? यही हुआ था जब स्मार्टफोन्स भारतीय मार्केट में आने शुरू हुए थे. पहले जहां टच स्क्रीन स्मार्टफोन्स को एक लग्जरी समझा जाता था, चीनी मोबाइल के आते-आते ये एक आम बात बन गई. सस्ते फीचर्स में जहां एक अच्छी तकनीक वाला फोन मिलने लगा वहां भारतीय स्मार्टफोन मेकर्स ने भी कमर कस ली. एक दौर आया जब माइक्रोमैक्स, इंटेक्स, कार्बन, लावा जैसे स्मार्टफोन्स भारतीय मार्केट में आए. फिर आया चीनी कंपनी Xiaomi का Mi 3 फोन और उसके बाद तो सब इतिहास हो गया. अब देखिए सैमसंग (साउथ कोरियाई कंपनी) और शाओमी (चीनी कंपनी) भारतीय मार्केट पर राज करती हैं.

कुछ-कुछ ऐसा ही हाल MG Hector का भी समझिए. अभी तक गाड़ी के स्पेयर पार्ट्स चीन से आते थे अब पूरी की पूरी गाड़ी चीन से आ गई है. वैसे ही तकनीकी फीचर्स. मिड रेंज सेग्मेंट के ग्राहकों के लिए बखूबी बहुत कुछ है. स्मार्ट कनेक्टेड कार. ऐसे में MG Hector की स्ट्रैटजी भी कुछ-कुछ वैसी ही लग रही है. चीनी कंपनियां मिड रेंज सेग्मेंट से शुरू कर एंट्री लेवल तक अपनी बढ़त बनाने की कोशिश कर सकती हैं.

क्यों चीनी कंपनियां सफल हो सकती हैं?

कम कीमत में ज्यादा फीचर्स-

MG Hector का लॉन्च जिस तरह से भारतीय ग्राहकों को लुभाने के लिए किया गया था वो देखने लायक है. ऐसे में अन्य चीनी कंपनियों यहां तक की MG की ही अन्य गाड़ियों से भी इसी तरह की प्राइसिंग की उम्मीद की जा सकती है. अगर ये गाड़ियां एंट्री लेवल में आ जाती हैं तो टू-सीटर, 4-सीटर, यहां तक कि 5-सीटर एंट्री लेवल गाड़ियां भी भारतीय ग्राहकों के काम की हो सकती हैं.

मेट्रो शहरों की समस्या बन सकती है चीनी कंपनियों के लिए वरदान-

जरा सोचिए कि 2 से 3 लाख के बीच एक 5 सीटर गाड़ी आप खरीद सकते हैं. ऐसे में ओला-ऊबर का क्या होगा? एक ऐसी गाड़ी जिसकी मेनटेनेंस भी आसानी से हो सकती है. मेट्रो शहरों की समस्या ये है कि एप आधारित कैब का खर्च अपनी पर्सनल कार से ज्यादा सस्ता होता है, लेकिन ऐसे में ही अगर सस्ती चीनी गाड़ियां आने लगीं जो ईंधन भी बचाएं और सस्ती भी हों तो ये क्राउड अपनी पर्सनल गाड़ी ले सकता है.

फीचर्स के मामले में पहल-

चीनी कंपनियां सस्ते दाम में तकनीक देने में पारंगत हैं. ये हमने स्मार्टफोन के मामले में भी देखा और अब ये ऑटोमोबाइल मार्केट में भी हो सकता है. MG Hector के कई फीचर्स महंगी प्रीमियम गाड़ियों में भी नहीं हैं. ऐसे में कहीं न कहीं सस्ती कारों का सेग्मेंट अभी खुला हुआ है.

भले ही भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट की बढ़त उतनी स्पीड से नहीं हो रही हो, लेकिन चीन जो 20 सालों से ऑटोमोबाइल मार्केट पर राज कर रहा है उसके लिए इस समस्या का निदान पाना बहुत आसान है. इलेक्ट्रिक गाड़ियां भी अब भारतीय बाजार में दिखने लगी हैं और ये भी एक अच्छा मौका है चीनी कंपनियों के लिए भारतीय मार्केट के कैप्चर करने का.

Make in India प्लान के तहत ये कंपनियां भारत में ही मैनुफैक्चरिंग और सर्विसिंग प्लांट लगा सकती हैं. MG के साथ यही हुआ. कई विदेशी कंपनियां भारत में इसी तरह से अपना बिजनेस फैला रही हैं. तो कुल मिलाकर MG Hector का लॉन्च एक तरह से भारतीय मार्केट में चीनी ऑटोमोबाइल कंपनियों की शुरुआत को दिखा सकता है. अगर अर्थव्यवस्था जैसी चल रही है वैसी ही चलती रही तो ये मुमकिन जरूर है.

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श्रुति दीक्षित श्रुति दीक्षित @shruti.dixit.31

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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