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Updated: 01 अक्टूबर, 2019 12:03 PM
अनुज मौर्या
अनुज मौर्या
  @anujmaurya87
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कहते हैं वो खेल कोई खेल नहीं होता, जिसे देखने के लिए दर्शक ना हों. पाकिस्तान के कराची में भी ऐसा ही नजारा दिख रहा है. पाक में इन दिनों पाकिस्तान और श्रीलंका (Pak Vs SL) के बीच वन डे मैच की सीरीज चल रही है, लेकिन स्टेडियम खाली पड़े रहते हैं. 2009 में आतंकी हमले का सामना कर चुकी श्रीलंकाई टीम एक बार फिर से पाकिस्तान की सरजमीं पर मैच खेलने पहुंची है, लेकिन मैच देखने के लिए लोग नहीं पहुंचे हैं. यहां आपको बता दें कि श्रीलंका के 10 खिलाड़ी अपनी सुरक्षा के मद्देनजर पहले ही पाकिस्तान की जमीन पर मैच खेलने से मना कर चुके हैं. वैसे उन्होंने सही भी किया, क्योंकि सोमवार को पाकिस्तान-श्रीलंका के बीच तीन मैचों की वन डे सीरीज का दूसरा मैच खेला गया और मैच से कुछ देर पहले ही बलोचिस्तान के चमन इलाके में बम धमाके हुए. कई लोगों के मारे जाने की भी खबर है. अब ऐसे में पाकिस्तान के साथ कोई देश क्या क्रिकेट खेले. आखिर, जान हथेली पर लेकर तो क्रिकेट नहीं खेला जाता है.

बात अगर क्रिकेट स्टेडियम की करें तो आलम ये है कि करीब 20 फीसदी टिकट ही बिक पाए हैं. बताया जा रहा है कि लगभग 7000 टिकट बिके हैं, जबकि 10 हजार टिकट फ्री में बांट गए हैं ताकि अधिक से अधिक लोग क्रिकेट देखने आएं. #CricketComesHome हैशटैग भी ट्विटर पर चला, जिसके जरिए लोगों से अपील की गई कि वह मैच देखने आएं. कुछ लोगों ने पब्लिक से स्टेडियम आने की अपील की, तो कुछ लोग उन्हें तरह-तरह की दुहाई देकर बुलाते रहे, लेकिन स्टेडियम दर्शकों से नदारद रहा.

पाकिस्तान, श्रीलंका, क्रिकेट, खेल10 साल बाद श्रीलंका की टीम पाकिस्तान में क्रिकेट खेलने तो पहुंची, लेकिन दर्शक इस खेल को देखने स्टेडियम नहीं पहुंचे.

सोशल मीडिया पर हो रहीं ये बातें

खाली स्टेडियम देखकर एक पाकिस्तानी नागरिक का दिल पसीज गया और वह बोलीं- कराची के लोग बार-बार कहते हैं कि कराची में मैच होना चाहिए, अब जब कराची में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट हो रहा है तो उसे देखने के लिए पब्लिक ही नहीं आई, स्टेडियम खाली पड़ा है. ऐसा क्यों? तो क्या वो चिल्लाना, नारेबाजी करना सब बिलावल भुट्टो की तरह ड्रामा था? कराची ने निराश किया.

एक अन्य पाकिस्तानी नागरिक अजफार अली ने ट्विटर पर खाली स्टेडियम की एक तस्वीर जालते हुए लिखा है- स्टेडियम में इतने कम लोग क्यों हैं?

यही नहीं, सोशल मीडिया पर बहुत से लोग यही बात कह रहे हैं कि करीब 10 सालों बाद पाकिस्तान की धरती पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट हो रहा है, लेकिन सिर्फ 20 फीसदी टिकट ही बिके. यहां तक की पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड मुफ्त में भी टिकट बांट रहा है. आखिर क्यों कराची के लोग क्रिकेट का समर्थन नहीं कर रहे हैं.

क्यों खाली पड़ी हैं कुर्सियां?

क्रिकेट वो खेल है, जिसे भारी संख्या में लोग देखते हैं. बावजूद इसके, कराची स्टेडियम में कुर्सियों का खाली पड़े रहना सवाल उठाता है कि ऐसा क्यों. वैसे, इसकी कई वजहें हो सकती हैं.

- सबसे बड़ी वजह तो यही है कि पाकिस्तान और श्रीलंका का मैच किसी को दिलचस्प नहीं लग रहा. वो भी तब, जब श्रीलंका के अहम खिलाड़ियों ने पाकिस्तान आने से ही मना कर दिया. पब्लिक खेल देखने जाती है, लेकिन अगर खिलाड़ी ही ना हों तो मैदान में जाने का क्या मतलब.

- कराची और इमरान खान की सरकार में संघर्ष की स्थिति देखने को मिलती है. कराची में मानवाधिकार का खूब उल्लंघन हो रहा है और पाकिस्तानी सेना लोगों के साथ बर्बरता कर रही है. इसी के चलते कराची में इमरान खान की सरकार का खूब विरोध होता है. यहां तक कि इमरान खान कराची को केंद्र शासित राज्य बनाने की फिराक में हैं. संयुक्त राष्ट्र में पहुंचे इमरान खान के विरोध में न्यूयॉर्क में भी पाकिस्तानी लोगों ने प्रदर्शन भी किया था. लोगों के क्रिकेट ना देखने जाने की एक बड़ी वजह इमरान खान का विरोध करना भी हो सकता है, क्योंकि आखिरकार क्रिकेट के जरिए श्रीलंका से नजदीकी बढ़ाने का काम तो इमरान खान ही कर रहे हैं.

- अगर सोशल मीडिया की मानें तो कराची के लोगों को श्रीलंका की टीम पाकिस्तान के सामने मामूली लग रही है और उस मैच को देखने की टिकट महंगी. ऐसे में वह खुद को बेवकूफ नहीं मानते और घटिया सौदे नहीं करते.

- एक वजह ये भी हो सकती है कि ये मैच सोमवार को हो रहा है, जो कि सप्ताह का पहला वर्किंग डे होता है. इससे पहले ये मैच रविवार को होने वाला था. अगर ये रविवार को ही होता तो शायद 2-4 हजार लोग और आ गए होते.

- कुछ लोगों का ये भी कहन है कि गर्मी की वजह से कम पब्लिक खेल देखने आई है. बता दें कि आज यानी सोमवार को कराची में आसमान बिल्कुल साफ है और कड़ाके की गर्मी पड़ रही है.

सख्त सुरक्षा ने नहीं आने दिया लोगों को !

ट्विटर की मानें तो संख्या कम होने की एक वजह ये भी हो सकती है कि नेशनल स्टेडियम, कराची के आस-पास भारी सुरक्षा तैनात है. वहीं आने जाने वाली सड़कों पर भी सख्त चेकिंग हो रही है. हो सकता है कि इससे भी पब्लिक कम आई हो. एक शख्स ने अपना अनुभव शेयर करते हुए लिखा- 'मैं इस समय स्टेडियम में हूं. मैंने ऑफिस से छुट्टी ली हुई है और मुझे अंदर आने में 2 घंटे लगे हैं. 9 जगहों पर सुरक्षा अधिकारियों ने मेरी चेकिंग की और इस चिलचिलाती गर्मी में लाइन में खड़े रहना पड़ा.' इतना ही नहीं, उस यूजर ने ये भी लिखा है कि उसे काफी पैदल भी चलना पड़ा. उस शख्स का कहना है कि पीएसएल के दौरान 4-5 जगह चेकिंग हुई थी, लेकिन इस बार तो चेकिंग बहुत अधिक बढ़ा दी गई है.

सेना की सुरक्षा और बख्तरबंद गाड़ियों में आए खिलाड़ी

श्रीलंका के खिलाड़ियों को स्टेडियम तक सेना के काफिले की सुरक्षा और बख्तरबंद गाड़ियों में ले जाया गया. यहां तक कि सड़क पर कर्फ्यू जैसा माहौल था, जहां से आम जनता नहीं गुजर सकती थी. आपको बता दें कि 2009 में लाहौर में श्रीलंका की टीम पर आतंकी हमला हुआ था. इस हमले में श्रीलंका के 6 खिलाड़ी घायल हुए थे, जबकि 6 पुलिसवाले और 2 नागरिक मारे गए थे. इसके बाद अधिकतर देशों ने पाकिस्तान जाने से मना कर दिया था. काफी समय तक पाकिस्तान संयुक्त अरब अमीरात में जाकर दूसरे देशों के साथ मैच खेलता रहा. इस बार जब पाकिस्तान में क्रिकेट खेलने की बात हुई तो श्रीलंका के 10 शीर्ष खिलाड़ियों ने वहां मैच खेलने से ही बना कर दिया. अब आप ही सोचिए, माहौल जब इतना खराब हो तो सेना का काफिला तो चाहिए ही. बता दें कि खिलाड़ियों को लाने वाले सेना के काफिले में कुल 35 गाड़ियां थीं. ये वीडियो देखकर आप भी समझ जाएंगे कि श्रीलंका के खिलाड़ियों को कितनी सुरक्षा दी जा रही है.

सख्त सुरक्षा व्यवस्था, भीषण गर्मी, वर्किंग मंडे, पाकिस्तान के मुकाबले श्रीलंका की कमजोर टीम, महंगी टिकट और कराची के लोगों का इमरान के खिलाफ विरोध... इन सबने मिलकर कराची का स्टेडियम खाली किया है. वो तो आपने सुना ही होगा कि 'किसी को शिद्दत से चाहो तो कायनात भी आपको उससे मिलाने की कोशिश करती है.' पाकिस्तान में इसका ठीक उल्टा देखने को मिला. जर्रे-जर्रे ने ये कोशिश की कि पाकिस्तान स्टेडियम में लोग ना पहुंचें. तभी तो हर स्थिति स्टेडियम में ऑडिएंस के पहुंचने के खिलाफ हो गई. नतीजा... खाली स्टेडियम. खैर, इमरान खान का मुख्य मकसद तो ये था कि दो देशों के बीच रिश्ते सुधरें, भले ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का फायदा हो या नुकसान. उनका मकसद पूरा होता ही दिख रहा है.

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