होम -> समाज

 |  4-मिनट में पढ़ें  |  
Updated: 25 मार्च, 2020 09:44 AM
बिलाल एम जाफ़री
बिलाल एम जाफ़री
  @bilal.jafri.7
  • Total Shares

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के राष्ट्र के नाम सम्बोधन और उस सम्बोधन के दौरान 21 दिन के सम्पूर्ण लॉक डाउन (Complete Lockdown In India) के बाद. ये बात स्पष्ट हो गयी है कि अब वो वक़्त आ गया है जब कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर गंभीर हो जाना चाहिए. भारत में 500 से ऊपर कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामलों और 10 मौतों के बाद (Coronavirus Death In India) बड़ा सवाल ये है कि आखिर वो वक़्त कब आएगा जब मेडिकल साइंस इसे काबू करेगी? बता दें कि फिलहाल कोरोना वायरस को लेकर कोई दवाई (Coronavirus Vaccine) अस्पतालों में मौजूद नहीं है, इसलिए चिंता का होना लाजमी है. सवाल लोगों को लगातार परेशान कर रहा है तो इसलिए हमारे लिए भी ये जरूरी हो जाता है कि लोगों की चिंता का निवारण जल्द से जल्द किया जाए. तो बता दें कि एक ऐसे समय में जब कोरोना वायरस लोगों की जान का दुश्मन बना है अच्छी खबर आने की सुगबुगाहट भी तेज हो गयी है. चीन (China) पहले ही इस बात की घोषणा कर चुका था कि बीमारी का तोड़ निकाला जा रहा है और जल्द ही दवा बाजार में उपलब्ध होगी. वहीं कोरोना को लेकर विश्व की सुपर पावर अमेरिका (America) भी गंभीर हुआ है. दावा किया जा रहा है कि जल्द ही दवा के जरिये बीमारी पर लगाम कस ली जाएगी.

Coronavirus, America, China, Medicine, WHO, Deathचीन के बाद अब अमेरिका ने भी कोरोना वायरस की दवाई बनाने का दावा किया है

जल्द ही कोरोना वायरस (Covid-19) का टीका (वैक्सीन) हमारे बीच होगा. बता दें कि अमेरिकी फार्मास्युटिकल कंपनी मॉडर्ना, Covid-19 के टीके की टेस्टिंग पर पिछले कुछ अर्से से काम कर ही है. कंपनी का दवा है कि वो टीके को इसी साल सीमित मात्रा में बाजार में उतार देगी. कंपनी ने यूएस सिक्योरिटीज़ एंड एक्सचेंज कमीशन को इस संबंध में डिस्कलोज़र रिपोर्ट पेश की है.

रिपोर्ट में मॉर्डना के सीईओ स्टीफेन बेंसेल के उस बयान का हवाला दिया गया है जो उन्होंने गोल्डमैन सैक्स के प्रतिनिधि को दिया था. बयान में बेंसेल ने कहा था कि, कमर्शियल तौर पर उपलब्ध होने वाला टीका अभी 12-18 महीने तक उपलब्ध नहीं हो सकेगा. लेकिन आपातकालीन इसतेमाल के लिए ये टीका कुछ लोगों के लिए उपलब्ध हो सकता है जिनमें संभवत: हेल्थकेयर में शामिल लोग हो सकते हैं.

गौरतलब है कि कंपनी एंटी-Covid19 टीका mRNA-1273 के नाम से विकसित कर रही है. ये टीका अमेरिका स्थित वैक्सीन रिसर्च सेंटर (VRC) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिसीज (NIAID) के शोधकर्ताओं के शोध पर आधारित है.

टीके की फेज 1 स्टडी पर किए गए काम में 16 मार्च 2020 को पहले भागीदार को इसकी डोज़ दी गई. साइंटिस्ट और डॉक्टर्स अभी डोज़ के सुरक्षा और प्रतिरोधात्मक पहलुओं का आकलन कर रहे हैं. इस प्रोग्राम में एक स्वस्थ व्यक्ति को 28 दिन के अंतराल में टीके की दो डोज़ दी जाएंगी.

आपको बताते चलें कि रिपोर्ट के मुताबिक, स्टडी में 45 स्वस्थ वयस्कों को शामिल किया जाएगा. इन को 12 महीने तक निगरानी में रखने के बाद टीके को कमर्शियल तौर पर बाज़ार में उपलब्ध करा दिया जाएगा.

कोरोना को लेकर पूरी दुनिया डरी हुई है. इसलिए इस खबर को एक बड़ी राहत कहना कहीं से भी गलत नहीं है. दवा कब आती है इसका फैसला वक़्त करेगा. लेकिन जिस हिसाब से अमेरिका और चीन दवा, या ये कहें कि टीके को लेकर दिन रात एक कर रहे हैं, साफ़ है कि दोनों ही देशों में बीमारी पर लगाम लगाने को लेकर कम्पटीशन जबरदस्त है. बस अब फर्स्ट कौन आता है इसपर सारी दुनिया की निगाहें हैं.

ये भी पढ़ें -

Corona virus in India: आखिर मानव-बम क्यों बन रहे हैं लोग !

शर्मनाक, शाहीन बाग प्रदर्शन सरकार से नहीं, वायरस से ही खत्म होना था!

पैसेंजर के छींकने से पायलट प्लेन से कूद भागा, समझिए यही हाल घर-घर के हो सकते हैं

Coronavirus Vaccine, Corona Virus Lockdown, Narendra Modi

लेखक

बिलाल एम जाफ़री बिलाल एम जाफ़री @bilal.jafri.7

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

iChowk का खास कंटेंट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक करें.

आपकी राय