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Updated: 12 अप्रिल, 2020 10:07 PM
मशाहिद अब्बास
मशाहिद अब्बास
  @masahid.abbas
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चीन (China) ने दुनियाभर को हिला कर रख दिया है. चीन में जन्में कोरोना वायरस (Coronavirus) ने दुनिया भर के शक्तिशाली देशों के माथे पर पसीना ला दिया है. सभी देश अपनी-अपनी तरह से इस वायरस से युद्ध कर रहे हैं. लेकिन इसी बीच चीन से ही एक और बुरी खबर सामने आ गई है, जो बेहद भयावह है. चीन ने दावा किया है कि हाल ही में किए गए जांचों से मालूम चला है कि लगभग 1500 से अधिक ऐसे कोरोना के मरीज़ मिले हैं, जिनमें कोरोना के कोई भी लक्षण नहीं थे. यह सभी लोग एकदम स्वस्थ थे लेकिन जांच में इनकी कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव पाई गयी है. यह खबर आग में घी के जैसी है क्योंकि लक्षण देख कर कोरोना से पार तो पाया जा सकता है लेकिन बिना लक्षणों के कैसे इन मरीजों की पहचान की जा सकेगी. चीन की इस खबर पर भारत (India) के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी मुहर लगाई. मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि भारत में भी ऐसे कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं जिनमें किसी भी तरह के लक्षण नहीं देखे गए हैं. यह बिल्कुल स्वस्थ दिखते हैं. इसलिए इनसे संक्रमण फैलने का खतरा भी अधिक रहता है.

Coronavirus, Lockdown, China, India, Diseaseकोरोना के नए मामलों ने सम्पूर्ण भारत सरकार को सकते में डाल दिया है

इसके अलावा भारत में कुछ ऐसे संक्रमित मरीजों की भी पहचान हुयी है जो न विदेश की यात्रा पर गए थे, और न ही किसी कोरोना पाजिटिव मरीज के संपर्क में आए थे. यह खबर भी बेहद बुरी है. क्योंकि भारत में अभी उन्हीं लोगों की जांच पर जोर दिया जा रहा है जो हाल ही में विदेश से लौटे हैं. या किसी कोरोना पाजिटिव मरीज के संपर्क में आए थे.

लेकिन अगर स्थिति ऐसी हो गई कि विदेश न जाने वाले और कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में ना आने वाले लोग भी संक्रमित पाए जाते हैं और इस तरह के मरीज अधिक संख्या में सामने आ गए तो चिंता बहुत बढ़ जाएगी और हालात बहुत बुरे हो जाएंगे. इसलिए प्रार्थना तो यही होगी कि ऐसी स्थिति न ही आए.

भारत सरकार के पास चुनौतियां अधिक हैं. अभी तक जो आंकड़े हैं वह अन्य देशों के मुकाबले कम ही हैं. इसकी एक वजह यह भी हो सकती है क्योंकि भारत की टेस्ट करने की रफ्तार भी अन्य देशों के मुकाबले बेहद धीरे ही है. इसलिए यहां के आंकड़े भी उसी रफ्तार से सामने आ रहे हैं. लॅाकडाउन की सीमा खत्म होने को अब चंद घंटे ही बचे हैं लेकिन कोरोना पर फिलहाल राहत की खबर सामने नहीं आ रही है.

ऐसे में पूरी उम्मीद जताई जा रही है कि लॅाकडाउन के समय को 1 से 2 हफ्तों तक और बढ़ाया जा सकता है ताकि स्थिति ज़्यादा बिगड़ने ना पाए. राज्य सरकारों के पास अब टेस्टिंग किट और सुरक्षा से जुड़े उपकरण आने शुरु हो गए हैं. यानी अगले 2 हफ्तों में भारत में कुछ राहत देखने को ज़रूर मिल सकती है. लेकिन इसके लिए लॅाकडाउन का रहना बेहद ज़रूरी है. सरकार लॅाकडाउन की सीमा को बढ़ाकर जांच में तेज़ी लाएगी जिससे कोरोना संक्रमित लोगों को जल्द ही अलग कर इलाज किया जा सकेगा.

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लेखक

मशाहिद अब्बास मशाहिद अब्बास @masahid.abbas

लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं

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