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Updated: 03 मार्च, 2018 07:03 PM
बिलाल एम जाफ़री
बिलाल एम जाफ़री
  @bilal.jafri.7
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54 साल की मशहूर अदाकारा श्रीदेवी दुनिया को अलविदा कह चुकी हैं. अपने आखिरी समय में श्रीदेवी, अपनी बेटी जाह्नवी कपूर से हजारों किलोमीटर दूर थीं. एक मां और बेटी का रिश्ता बेहद खास होता है. इस बात में कोई संदेह नहीं है कि जब भी जाह्नवी अपनी मां की मृत्यु के क्षणों को याद करेंगी उनकी आंखें खुद ब खुद नम हो जाएंगी और आंसू छलक पड़ेंगे. बताया जाता है कि जाह्नवी अपनी मां को बहुत प्यार करती थीं और उनमें ही उनकी दुनिया बसती थी.

जाह्नवी और श्रीदेवी का रिश्ता कितना मजबूत था, इस बात का अंदाजा उस चिट्ठी को देखकर लग जाता है जो इस समय जाह्नवी कपूर के इंस्टाग्राम अकाउंट पर मौजूद है और पूरे सोशल मिदा पर वायरल हो रही है. जाह्नवी कपूर द्वारा मां श्रीदेवी के लिए इंस्टाग्राम पर लिखी इस चिट्ठी को पढ़कर साफ हो जाता है कि, श्रीदेवी न सिर्फ एक लोकप्रिय और सशक्त महिला थीं. बल्कि एक बेहद प्यार करने वाली मां भी थीं.

जाह्नवी कपूर, श्रीदेवी, इंस्टाग्राम, चिट्ठी चिट्ठी को देखकर साफ पता चल रहा है कि मां और बेटी एक दूसरे से बहुत प्यार करती थीं

 

जाह्नवी द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट की गयी इस चिट्ठी को पढ़कर मिलता है कि श्रीदेवी बेटी जाह्नवी और खुशी के बेहद करीब थीं और एक मां से ज्यादा वो उनकी दोस्त थीं. एक ऐसा दोस्त जिसने उन्हें हर वो खुशी दी जो उन्होंने चाही और हर मुश्किल परिस्थितियों में उनकी मदद की.

 

On my birthday, the only thing I ask of all of you is that you love your parents. Cherish them and devote yourself to making them feel that love. They have made you. And I ask that you remember my mother fondly, pray for her soul to rest in peace. Let the love and adulation you’ll showered on her continue and please know that the biggest part of my mother was the love she shared with papa. And their love is immortal because there was nothing like it in the whole world. Nothing as joyful and pure and no two people as devoted to one another as they were. Please respect that because it hurts to think anyone would ever try to tarnish it. Preserving the sanctity of what they had would mean the world not only to my mother but also to a man who’s entire being revolved around her, and her two children who are all that remains of their love. Me and Khushi have lost our mother but papa has lost his “Jaan”. She was so much more than just an actor or a mother or a wife. She was the ultimate and the best in all these roles. It mattered a great deal to her to give love and to get love. For people to be good and gracious and kind. She didn’t understand frustration or malice or jealousy. So let’s be that. Let’s be full of only good and give only love. That would make her happy, to know that even in death, she gave you all something. The courage and inspiration to fill yourselves with nothing but love and rid yourselves of bitterness in any way and form. That’s what she stood for. Dignity, strength and innocence. Thank you for the love and support everyone has shown us in the past couple of days. It’s given us hope and strength and we can’t thank you all enough.

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अपनी चिट्ठी में जाह्नवी ने लिखा है कि "मेरे दिल में एक अजीब सी बेचैनी है. मगर मैं जानती हूं कि आगे मुझे इसी के साथ जीना पड़ेगा. इस अकेलेपन के साथ भी मैं आपके प्यार को महसूस करती हूं. मैं ये महसूस कर सकती हूं कि आप मुझे इस दुख और दर्द से बचा रही हैं. हर बार जब भी मैं अपनी आंखें बंद करती हूं तो मेरे पास याद करने के लिए वो पल ही होते हैं जो मैंने आपके साथ बिताए थे. मैं जानती हूं, वो आप ही हैं जो ये सब कर रही हैं. आप हमारे जीवन में एक आशीर्वाद की तरह थी. ये हमारी खुशनसीबी थी कि हम आपके साथ रहे. लेकिन आप इस दुनिया के लिए नहीं थी क्योंकि आप बहुत ही अच्छी, नेक दिलवाली और प्यार से भरी हुई थीं. इसलिए भगवान ने आपको वापस बुला लिया. लेकिन ये भी सच है कि हमने आपके साथ वक्त बिताया है.

जाह्नवी कपूर, श्रीदेवी, इंस्टाग्राम, चिट्ठी बताया जाता है कि श्रीदेवी और जाह्नवी कपूर की बॉन्डिंग बेमिसाल थी

मेरे दोस्त अक्सर ये कहते थे कि, मैं खुश रहती हूं और अब मैं समझ सकती हूं कि ये सब आपकी वजह से मुमकिन था. जब भी कोई कुछ कह देता तो उससे मुझे फर्क नहीं पड़ता था. आपके रहते कोई भी मुश्किल मुझे बड़ी नहीं लगती थी और मैं कभी उदास भी नहीं होती थी. आप मुझसे प्रेम करती थीं और यही वजह भी है कि इस चीज के अलावा मुझे किसी और चीज की जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि मुझे सिर्फ आप चाहिए थीं. आप मेरी आत्मा का एक हिस्सा हैं. आप अपनी पूरी जिंदगी हमें सिर्फ देती रहीं और यही मैं आपके लिए करना चाहती थीं मम्मा.

मैं चाहती हूं कि आपको मेरे कारण गर्व महसूस हो. हर सुबह मैं यही सोचती थी कि एक दिन आपको भी मेरे उपर उतना ही गर्व हो जितना कि मुझे आप पर होता है. मैं आपसे वादा करती हूं कि अब भी मैं इसी सोच के साथ उठूंगी. क्योंकि आप यहीं हैं और मैं आपको महसूस कर सकती हूं. आप मुझमें, खुशी और पापा में बसी हुईं हैं. जो छाप आप हमपर छोड़ गईं हैं वो हमारे आगे चलते रहने के लिए काफी है. लेकिन ये चीज कभी भी पूरी नहीं पड़ेगी. आई लव यूं, आप मेरी सबकुछ हैं".

इस चिट्ठी से एकबात ये भी साफ हो जाती है कि वक्त के साथ भले ही एक फैन अपनी पसंदीदा अभिनेत्री श्रीदेवी को भुला दें. मगर जब बात एक बेटी की होगी तब ऐसा हरगिज नहीं होगा. एक बेटी को हर मुश्किल परिस्थितयों में अपनी मां की याद आएगी. वो उन हंसीं पलों को याद करते हुए खुश होगी जो उसने अपनी मां के साथ बिताए थे. साथ ही उस वक़्त उसकी आंखों में आंसू आएंगे जब उसे जीवन की इन कठिन राहों में अपनी मां की सबसे ज्यादा जरूरत होगी.

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लेखक

बिलाल एम जाफ़री बिलाल एम जाफ़री @bilal.jafri.7

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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