होम -> सोशल मीडिया

 |  5-मिनट में पढ़ें  |  
Updated: 02 नवम्बर, 2019 04:45 PM
पारुल चंद्रा
पारुल चंद्रा
  @parulchandraa
  • Total Shares

किसी अपने के खोने का दुख जीवन का सबसे बड़ा दुख होता है और सच ये है कि किसी के जाने के बाद कोई भी उस जगह को भर नहीं सकता. लेकिन उस दुख से उबरने के लिए लोग अपना मन तरह-तरह की चीजों में लगाते हैं. एक महिला ने 4 साल पहले अपने पिता को खो दिया था. और पिता के जाने के बाद वो पिता के मोबाइल पर हर रोज मैसेज किया करती थी.

अमेरिका की 23 साल की चैस्टिटी पैटरसन पिता के नंबर पर हर रोज अपने दिल की बात लिखती थी. जीवन में होने वाली रोजाना की गतिविधियों के बारे में बताती थी. ऐसा करके वो खुद को अपने पिता के करीब समझती थी. लेकिन पिता की चौथी पुण्यतिथि पर चैस्टिटी ने अपने पिता के नंबर पर एक बड़ा सा भावुक मैसेज भेज दिया. और 4 साल में पहली बार ऐसा हुआ कि पिता के नंबर से जवाब आया.

daughter got reply from fatherमृत पिता का 4 साल बहाद जवाब आया

चैस्टिटी ने अपने मैसेज और मैसेज में आया जवाब फेसबुक पर शेयर किया, जिसे जिसने भी पढ़ा उसकी आंखे नम हो गईं.

चैस्टिटी ने अपने मैसेज में लिखा था-

Dad,

कल का दिन फिर से काफी मुश्किल होगा. आपको खोए हुए आज 4 साल बीत गए. और एक दिन भी ऐसा नहीं गया जब मैंने आपको मिस नहीं किया हो. इस छोटे से वक्त में काफी कुछ हो गया. मुझे पता है कि आप वो सब जानते हो क्योंकि मैंने हमेशा ही आपको बताया है. मैंने कैंसर को मात दी है, और मैं तब से बीमार भी नहीं पड़ी क्योंकि मैंने आपसे वादा किया था कि मैं अपना ठीक से ख्याल रखूंगी. मेरा कॉलेज खत्म हो गया और मैंने ग्रैजुएशन कर ली है. मुझे प्यार भी हुआ और प्यार में दिल भी टूटा (आप होते तो उसे मार ही डालते) लेकिन मैं फिर से और भी मजबूत बनकर खड़ी हुई. मेरे सारे दोस्त छूट गए लेकिन एक और है जो मेरे जीवन में आया और और उसने मुझे संभाला हुआ है. अभी तक मेरे कोई बच्चा नहीं है. लेकिन होंगे तो मुझे बहुत खुशी होगी, और इसके लिए मैं तैयार हूं. मैं अब भी मां के साथ खूब मस्ती करती हूं, और उनका ख्याल रखती हूं. मुझे माफ करना मैं तब आपके पास नहीं थी जब आपको मेरी सबसे ज्यादा जरूरत थी. मुझे शादी से डर लगता है क्योंकि तब शादी की जगह तक का रास्ता मुझे अकेले चलना होगा, आप ये बताने के लिए वहां नहीं होगे कि 'सब अच्छा होगा'. मैं मजे में हूं और आपको मझपर गर्व होगा. नहीं, मेरा बातें करना और मेरा attitude जरा भी नहीं बदला है और हां मेरा वजन भी नहीं बढ़ा है. मैं आपसे बस इतना कहना चाहती हूं कि मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं और आपको बहुत मिस करती हूं.

letter

अपने पिता से दिल की बातें शेयर करने के बाद सबसे हैरान कर देने वाली बात ये थी कि इस मैसेज का जवाब भी आया.

जवाब में लिखा था-

प्यार बच्ची,

मैं तुम्हारा पिता नहीं हूं. लेकिन पिछले 4 सालों से मुझे तुम्हारे सारे मैसेज मिल रहे हैं. मैं तुम्हारे सुबह के मैसेज और रात के मैसेज दोनों पढ़ता हूं. मेरा नाम ब्रैड है और मैंने 2014 में अपनी बेटी को एक कार एक्सीडेंट में खो दिया था. तुम्हारे संदेशों ने मुझे जिंदा रखा है. जब तुम मुझे मैसेज भेजती हो तो मुझे लगता है कि ये मैसेज ऊपरवाले ने भेजा है. मुझे अफसोस है कि तुमने अपने बेहद करीब शख्स को खोया है. लेकिन मैं इतने सालों से तुम्हें सुन रहा हूं और तुम्हें बड़ा होते देख रहा हूं. मैं सालों से तुम्हारे संदेशों का जवाब देना चाहता था लेकिन तुम्हारा दिल नहीं तोड़ना चाहता था. तुम एक असाधारण महिला हो और मैं उम्मीद करता हूं कि मेरी बेटी भी तुम्हारी ही तरह होती. रोजाना के अपडेट देने के लिए तुम्हारा शुक्रिया. तुमने मुझे याद दिलाया कि ईश्वर है, और इसमें उसका कोई दोष नहीं है कि मेरी बेटी आज मेरे साथ नहीं. उसने मुझे बेटी के रूप में तुम्हें दे दिया, नन्ही परी. सब कुछ अच्छा होगा, तुम भी रोज विश्वास से भरी रहो और ईश्वर ने जो रौशनी तुम्हें दी है उससे चमकती रहो. मुझे अफसोस है कि तुम्हें इन सबसे गुजरना पड़ा, लेकिन इससे अगर थोड़ा सा भी बेहतर होता है तो मुझे तुमपर गर्व होगा. अपना ध्यान रखना और मैं तुम्हारे कल के अपडेट का इंतजार कर रहा हूं.

letter

चैस्टिटी के जीवन में भले ही काफी कुछ बुरा हुआ लेकिन अंत अच्छा ही हुआ. चार साल से एक पिता चैस्टिटी के मैसेज में अपनी खोई हुई बेटी की झलक देखता था तो वहीं, चैस्टिटी हर रोज अपने पिता को संदेशों के जरिए जिंदा रखे हुए थी. ये भावुक कर देने वाली कहानी जिसे पढ़कर ही मन भीग जाता है सोचो इन दोनों के जीवन पर कितना असर करती होगी. लेकिन एक बात जो अंत में समझ आती है कि- यूं ही इत्तेफाक नहीं होते, कुछ साजिशें तो ऊपरवाला भी करता है...

ये भी पढ़ें-

राष्ट्रगान पर खड़े होने की बहस में पीरियड का बहाना क्‍यों?

अरेंज मैरिज या लव मैरिज? आज की लड़कियों की सोच हैरान कर सकती है

बेटी की शादी के लिए ये सब करना बंद कर दें पिता

 

लेखक

पारुल चंद्रा पारुल चंद्रा @parulchandraa

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं

iChowk का खास कंटेंट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक करें.

आपकी राय