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Updated: 30 जुलाई, 2019 01:40 PM
बिजय कुमार
बिजय कुमार
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बीजेपी के बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़िता और उसके परिवार के साथ रायबरेली जाते समय सड़क हादसा हुआ. बता दें कि रविवार को एनएच 32 पर अटोरा गांव के पास उनकी कार और ट्रक में टक्कर हो गई जिसमें पीड़िता की मौसी और चाची की मौत हो गई, जबकि पीड़िता और उसके वकील की हालत नाजुक है. दोनों का मेडिकल कॉलेज लखनऊ में इलाज चल रहा है.

इस घटना के बाद से यूपी का राजनीतिक माहौल गर्मा गया है और इसकी गूंज संसद तक पहुंच चुकी है. इस सड़क दुर्घटना को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं क्योंकि हादसे के बाद कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं. पहली ट्रक के नंबर प्लेट पर कालिख लगी थी और दूसरा  सरकार की ओर से मुहैया कराए गए सुरक्षाकर्मी साथ नहीं थे. यह घटना हादसा है या हत्या की साजिश इस पर पुलिस के आलाधिकारियों व नेताओं की टिप्पणी भी आनी शुरू हो गई है.

unnao-victim-accidentसड़क हादसे में पीड़िता गंभीर रूप से घायल

यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने इस मामले में बड़ा बयान देते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा में कोई लापरवाही नहीं हुई अपने वाहन में जगह की कमी के कारण, दुष्कर्म पीडिता ने सुरक्षा के लिए तैनात सुरक्षाकर्मियों से अनुरोध किया कि वह कल रायबरेली में उसके साथ न जाएं. साथ ही उन्होंने कहा कि हम इसकी निष्पक्षता से जांच करेंगे और अगर परिवार मांग करता है तो केस सीबीआई को सौंप देंगे. बता दें कि दूसरी ओर पीड़िता का परिवार आरोप लगा रहा है कि ये विधायक की साजिश होगी.

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सड़क हादसे की सीबीआई जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि घटना की जांच सीबीआई से करानी चाहिए. घटना से बीजेपी का विधायक जुड़ा है और प्रदेश में बीजेपी की सरकार है. प्रदेश में जंगल राज है और अपराधी बेखौफ हैं. समाजवादी पार्टी ने कहा है कि वो पीड़िता के इलाज का पूरा खर्च भी उठाएगी.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट कर इस हादसे को चौंकाने वाला बताया और लगे हाथ बीजेपी सरकार पर कई सवाल भी खड़े किए. 

priyanka tweets

वहीं आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की दुर्घटना पर नियम 267 के तहत राज्यसभा में सस्पेंशन ऑफ बिजनेस पर नोटिस दिया है.

बीएसपी प्रमुख मायावती ने भी इस घटना के पीछे षडयंत्र की आशंका जाहिर की है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को इसका संझान लेकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की गुहार लगयी है.

पुलिस इस मामले में हत्या की साजिश और हादसा, दोनों मानकर जांच कर रही है. उत्तर प्रदेश के एडीजी राजीव कृष्णन ने घटना के बाद कहा था, "ट्रक के नंबर पर पेंट के बारे में जानकारी नहीं है लेकिन उसकी फोरेंसिक जांच होगी. एडीजी ने कहा कि 9 पुलिसकर्मी सुरक्षा में हैं, लेकिन वो साथ क्यों नहीं थे, इसके लिए एसपी उन्नाव को जांच के आदेश दिए गए हैं. हालांकि प्रथम दृष्टया पता चला है कि आज इन्होंने खुद ही सुरक्षाकर्मियों के लिए मना कर दिया था."

बता दें कि उन्नाव रेप केस के चर्चा में आने के बाद योगी सरकार विरोधियों के निशाने पर आ गई थी. पीड़ित नाबालिग ने आरोप लगाया था कि जब वो अपने एक रिश्तेदार के साथ नौकरी मांगने गई थी तब विधायक कुलदीप सेंगर ने अपने घर पर 2017 में उसका रेप किया था.

अप्रैल 2018 में पीड़िता के पिता के साथ विधायक के भाई ने मारपीट की, जिसके बाद पुलिस की हिरासत में ही लड़की के पिता की मौत हो गई. आरोप लगा कि विधायक के भाई और समर्थकों ने पुलिस की मौजूदगी में मारा-पीटा था. प्रशासन ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने के आदेश दिए थे और फिर सीबीआई ने ही कुलदीप सेंगर को गिरफ्तार किया था. कुलदीप सेंगर के खिलाफ माखी थाने में बलात्कार और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया. विधायक कुलदीप सिंह सेंगर इस कथित रेप कांड में फिलहाल जेल में बंद है.

बता दें कि इस घटना के पहले इस मामले में दो मौतें हो चुकी हैं. पीड़िता के पिता की जेल में ही अप्रैल 2018 में और हमले के चश्मदीद गवाह की अगस्त 2018 में संदेहास्पद हालत में मौत हो गई थी.

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लेखक

बिजय कुमार बिजय कुमार @bijaykumar80

लेखक आजतक में एसोसिएट प्रोड्यूसर हैं

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