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Updated: 05 सितम्बर, 2019 02:24 PM
अनुज मौर्या
अनुज मौर्या
  @anujkumarmaurya87
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जैसे ही मोदी सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई, यूं लगा जैसे पाकिस्तान पर हमला कर दिया हो. मोदी सरकार के इस फैसले पर जिस कदर पाकिस्तान बिफर पड़ा है, कश्मीर को लोगों को भी इतनी शिकायत नहीं होगी. यहां तक कि जम्मू-कश्मीर के भी अधिकतर लोग मोदी सरकार के फैसले से खुश थे. लेकिन पाकिस्तान इतना नाराज हुआ कि उसने भारत के साथ रिश्ते तोड़ने शुरू कर दिए. राजनयिक रिश्ते तोड़े, ट्रेड बंद कर दिया, यहां तक कि समझौता एक्सप्रेस को भी बंद करने का फैसला कर लिया. खैर, पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने भले ही अपना वोटबैंक मजबूत करने के लिए ये कदम उठा लिए, लेकिन सच तो ये है कि भारत के बिना पाकिस्तान का गुजारा भी होना मुश्किल है. तभी तो, अब उन्होंने यूटर्न लेना शुरू कर दिया है.

अपने यूटर्न की शुरुआत इमरान खान ने दोनों देशों के बीच ट्रेड में थोड़ी ढील देकर की है. मंगलवार को पाकिस्तान ने भारत से जीवन-रक्षक दवाएं आयात करने पर लगे बैन को हटा लिया है. इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि पाकिस्तान में इन जीवन-रक्षक दवाओं की कमी हो गई है. इसमें दिल से जुड़ी बीमारियों की दवा और कैंसर तक की दवा शामिल है. वैसे तो पाकिस्तान अपनी जिद पर अड़ा था, लेकिन पाकिस्तान के लोगों की जान खतरे में देख उसके सामने कोई रास्ता नहीं बचा और यूटर्न लेते हुए दवाओं के आयात से बैन हटाना पड़ा. आने वाले समय में जब बाकी चीजों की कमी होगी तो पाकिस्तान खुद ही बाकी चीजों के ट्रेड पर से भी बैन हटा देगा.

पाकिस्तान, इमरान खान, कश्मीर, धारा 370इमरान खान ने भारत के खिलाफ लगाए बैन पर यूटर्न लेना शुरू कर दिया है.

अभी तो राजनयिक रिश्तों को लेकर भी यूटर्न लेगा पाकिस्तान

पाकिस्तान के सामने अब ज्यादा विकल्प नहीं हैं. ले दे कर उसके पास चीन ही होता है, जो उसकी मदद करे. जो मदद चीन से नहीं मिल पाती है, वह जरूरत भारत से ही पूरी होती है. पाकिस्तान से धारा 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने भारत से पाकिस्तानी उच्चायुक्त को वापस बुला लिया था और पाकिस्तान से भारतीय उच्चायुक्त को वापस भेज दिया था. आने वाले समय में पाकिस्तान इस रिश्ते को फिर से जोड़ेगा. आपको बता दें कि पाकिस्तान के बहुत से लोग बीमारी की वजह से भारत आते हैं और यहां से इलाज कराते हैं. बिना दूतावास के पाकिस्तान से भारत आना-जाना पहले जितना आसान नहीं रहेगा.

समझौता एक्स्प्रेस भी फिर से चलेगी

जब पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख रशीद ने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस को बंद किया जा रहा है तो उन्होंने अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारने का काम किया. उन्होंने भारत के साथ रिश्ते कश्मीर के मुद्दे पर तोड़ दिए, जबकि कश्मीर भारत का आंतरिक मुद्दा है, जिसमें किसी भी बाहर वाले को दखल नहीं देना चाहिए. एक बड़ा वर्ग है जो मानता है कि समझौता एक्सप्रेस को बंद करना एक बड़ी भूल है और इस तरह का फैसला लेकर पाकिस्तानी हुक्मरानों ने सिर्फ अपनी अपरिपक्वता दिखाई है. पाकिस्तान के पत्रकार हामिद मीर ने भी कहा था कि इस फैसले से सिर्फ पंजाबी और सिख कम्युनिटी को ही होगा.

एयर स्पेस बंद करने के बाद पाकिस्तान को झेलना पड़ा था नुकसान

बालाकोट हमले के बाद पाकिस्तान ने भारत के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था. इसकी वजह से भारत को 550 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था, जिसे देखकर पाकिस्तान खुश होता रहा. लेकिन जब पाकिस्तान के नुकसान की बात हुई तो पता चला कि पाकिस्तान को करीब 685 करोड़ रुपए का नुकसान हो गया, क्योंकि एयरस्पेस और एयरपोर्ट चार्जेज की वजह से पाकिस्तान खूब कमाई करता है. आखिरकार पाकिस्तान को समझ आ गया था कि एयरस्पेस बंद करने से उसे ही नुकसान है.

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