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Updated: 30 सितम्बर, 2019 07:10 PM
अनुज मौर्या
अनुज मौर्या
  @anujmaurya87
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Maruti Suzuki S-Presso भारतीय बाजार में लॉन्च हो चुकी है. इसकी शुरुआती कीमत 3.69 लाख रुपए है, जो 4.91 लाख तक जाती है. इसके जरिए कंपनी एक तो अपनी ही कार Alto K10 के ग्राहकों को इस अपडेटेड वर्जन की तरफ लाना चाह रही है, वहीं दूसरी ओर Renault Kwid जैसी गाड़ियों को भी टक्कर देने की पूरी तैयारी में है. जिस दौर में मारुति ने अपनी इस कार को लॉन्च किया है, वह इस कार के लिए बिल्कुल सही है. पूरी दुनिया मंदी की मार झेल रही है और भारत में भी लोग मंदी से परेशान हैं. ऑटो सेक्टर में मंदी का सबसे तगड़ा असर दिख रहा है, जिसमें गाड़ियां नहीं बिक रही हैं. अब मारुति के भरोसे वाली ये सस्ती कार ऑटो सेक्टर के पहियों को थोड़ी रफ्तार देने का काम कर सकती है. वहीं सरकार ने प्रदूषण और कार सेफ्टी को लेकर बहुत से नियम बनाए हैं. ये कार हर पैमाने पर खरी उतरती है.

सबसे पहली बात तो ये है कि ये कार बीएस-6 इंजन वाली है. आपको बता दें कि अभी तक बीएस-4 इंजन की कारें बन रही थीं, जो अधिक प्रदूषण करती थीं, लेकिन बीएस-6 इंजन की कारें कम प्रदूषण करेंगी. सरकार ने साफ कर दिया है कि 1 अप्रैल 2020 के बाद बीएस-4 इंजन वाली कारें नहीं बेची जा सकेंगी. ऐसे में मारुति ने S-Presso को बीएस-6 के साथ लॉन्च कर के काफी समझदारी दिखाई है. कंपनी इसके माइलेज को लेकर भी जो दावा कर रही है, वह भी लोगों को खुश करने वाला है. कंपनी के अनुसार इसका स्टैंडर्ड वर्जन 21.4 किलोमीटर प्रति लीटर की माइलेज देगा, जबकि बाकी 21.7 किलोमीटर प्रति लीटर की माइलेज देंगे.

मारुति, कार, ऑटोमोबाइल, बिजनेसMaruti Suzuki S-Presso भारतीय बाजार में लॉन्च हो चुकी है. इसकी शुरुआती कीमत 3.69 लाख रुपए है.

Maruti Suzuki S-Presso safety feature: ताकि चालान न बने

अधिक चीजों के बारे में तो नहीं कह सकते, लेकिन कम से सीट बेल्ट नहीं लगाने और तेज गति से गाड़ी चलाने का चलाना इस कार में शायद ही किसी का कटे. वैसे भी अब चालान इतना तगड़ा कटने लगा है कि एक छोटी सी गलती से भी बड़ी चपत लग सकती है. इसके बावजूद अगर सीट बेल्ट ना लगाने ये ओवरस्पीडिंग के लिए जिसका चालान कटेगा वो किसी जिद्दी से कम नहीं होगा. दरअसल, इसमें कंपनी ने सीट बेल्ट अलर्ट दिया है. वो भी ना सिर्फ ड्राइवर के लिए, बल्कि आगे की सीट पर बैठे यात्री के लिए भी. यानी दोनों में से अगर किसी ने सीट बेल्ट नहीं लगाई तो बजर बोलने लगेगा. ये तब तक बजता रहेगा, जब तक आप सीट बेल्ट नहीं लगा देते. वहीं दूसरी ओर, इस कार में हाई स्पीड अलर्ट भी है. भारत में अलग-अलग हाईवेज पर 80-120 किलोमीटर प्रति घंटा तक की स्पीड लिमिट है. गाड़ी की स्पीड 80 पार करते ही गाड़ी आपको कुछ बीप के जरिए अलर्ट करेगी कि आप तेज गाड़ी चला रहे हैं, लेकिन अगर आपकी स्पीड 120 से ऊपर गई तो ये बीप लगातार बजेगा, क्योंकि भारत की सड़कों पर 120 से ऊपर गाड़ी चलाने की इजाजत कहीं नहीं है.

आपकी सुरक्षा के लिए काफी कुछ है इसमें

इस कार में आपकी सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा गया है. सीट बेल्ट और ओवरस्पीडिंग के बारे में तो आप जान ही चुके हैं. इसके अलावा सभी वैरिएंट की कारों में ड्राइवर साइड एयरबैग दिया गया है. इसके अलावा VXi+ MT / VXi+ AGS वैरिएंट में साथ वाले यात्री की तरफ भी एयरबैग दिया गया है. यहां तक कि फ्रंटल ऑफसेट क्रैश को भी ध्यान में रखा गया है. आपको बता दें ये वो क्रैश होता है, जिसमें ड्राइवर की तरफ का हिस्सा किसी दूसरी गाड़ी या फिर किसी और चीज से टकराता है. इसके अलावा गाड़ी में एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम यानी एबीएस भी दिया गया है. ये गाड़ी के पहियों को लॉक होने से रोकता है, जिसके चलते गाड़ी फिसलती नहीं है. ये खासकर तब काम आता है, जब किसी मोड पर ब्रेक लगाई जाती है. गाड़ी को पार्क करते समय आपकी गाड़ी सुरक्षित रहे, इसलिए इसमें पार्किंग सेंसर भी दिए गए हैं.

Maruti Suzuki S-Presso varient and Price:

S-Presso Std - 3.69 लाख रुपए

S-Presso LXi - 4.05 लाख रुपए

S-Presso VXi - 4.24 लाख रुपए

S-Presso VXi AGS - 4.67 लाख रुपए

S-Presso VXi+ - 4.48 लाख रुपए

S-Presso VXi+ AGS - 4.91 लाख रुपए

मारुति को मिलेगा मंदी का फायदा !

ऑटो सेक्टर इस समय भारी मंदी झेल रहा है. हालात ये हैं कि इस सेक्टर में बहुत से लोगों ने नौकरी तक गंवा दी. यहां तक कि कंपनियों को कुछ-कुछ दिनों के लिए प्रोडक्शन तक बंद करना पड़ गया था. यही वजह है कि निर्मला सीतारमण ने कॉरपोरेट टैक्स में कटौती की, ताकि कम से कम ऑटो सेक्टर में लोगों की नौकरियां ना जाएं. अब आप ही सोचिए, मंदी के इस दौर में एक सस्ती कार, वो भी मारुति की, जो एसयूवी का फील दे... बस एक ग्राहक को यही सब तो चाहिए. पैसे भी कम खर्च हुए, मारुति का भरोसा भी मिला और एसयूवी का फील तो सोने पर सुहागा ही समझिए. यानी जहां एक ओर हर कंपनी को मंदी से नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर

आपकी पहली कार हो सकती है S-Presso

मारुति अल्टो और Alto K10 के ग्राहकों में सबसे बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो अपनी पहली कार खरीद रहे होते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि ये कारें सस्ती हैं और लोग मारुति पर आंख मूंद कर भरोसा कर सकते हैं. तो जो लोग अपनी अल्टो या अल्टो के10 से बोर हो गए हैं और कम पैसों में कुछ नया आजमाना चाहते हैं, उनके लिए तो Maruti Suzuki S-Presso खास है ही. साथ ही, अगर पहली कार खरीदनी है तो ये कार बिल्कुल बजट में है और ये आपकी पहली कार होने की सारी काबीलियत रखती है.

एक कमी भी है इसमें

यूं तो इस कार की खूबियां इतनी हैं कि इसमें को कमी ना दिखे, लेकिन फिर भी कुछ ग्राहकों को इसमें एक बड़ी कमी दिख सकती है. ये कमी है इसमें सीएनजी का ना होना. वैसे तो ये कार सिर्फ पेट्रोल में है और इसका डीजल वैरिएंट भी नहीं है, लेकिन डीजल से प्रदूषण बहुत अधिक होता है तो एक बार के लिए इसे कमी के बजाए अच्छी बात समझा जा सकता है. वहीं दूसरी ओर, बहुत से ग्राहक ऐसे होते हैं, जिन्हें सीधे कंपनी से ही सीएनजी वाली कार लेनी होती है. सीएनजी की कार सिर्फ प्रदूषण रहित ही नहीं है, बल्कि पेट्रोल के मुकाबले सीएनजी सस्ती भी है, जिससे खर्च कम होता है. वैसे हो सकता है कि कंपनी आने वाले समय में सीएनजी वैरिएंट भी लॉन्च कर दे, लेकिन अभी तो सीएनजी की चाह रखने वाले ग्राहकों को निराश ही होना पड़ेगा.

Maruti Suzuki S-Presso design स्विफ्ट से बेहतर

ये कार मारुति सुजुकी की 5वीं जनरेशन के हर्टेक्ट प्लेटफॉर्म पर बनी है, जिस पर वेगन-आर, स्विफ्ट, डिजायर, एर्टिगा, इग्निस और बलेनो जैसी कारें बनी हैं. बात अगर स्विफ्ट की करें तो उसकी ड्राइविंग सीट नीचे की ओर है, जिससे बैठने वाले को सामने का उतना अच्छा व्यू नहीं मिलता, जितना ऊंची गाड़ियों में गाड़ी चलाने वाले को मिलता है. मिनी एसयूवी S-Presso ऊंची गाड़ियों वाला फील देती है. बाहर से भी और अंदर से भी.

27 सितंबर 1999 को भारतीय बाजार में लॉन्च होने के बाद Maruti Alto एक के बाद एक रिकॉर्ड बनाती रही. 2006 से ही मारुति अल्टो भारत की सबसे अधिक बिकने वाली कार है. 2008 में मारुति 800 और मारुति ओम्नी के बाद मारुति अल्टो इस कंपनी तीसरी ऐसी कार बन गई थी, जिसकी 10 लाख से अधिक कारें बनाई गई थीं. 2014 में तो ये कार छोटी कारों में पूरी दुनिया में सबसे अधिक बेची जाने वाली कार रही. 2014 में कुल 2,64,544 मारुति अल्टो बेची गई थीं, जबकि दूसरे नंबर पर जर्मनी की फॉक्सवेगन गोल्फ थी, जिसकी 2,55,044 कारें बिकी थीं. भारत में पिछले 15 सालों में Maruti Alto बेस्ट सेलिंग कार रही है. इसकी शुरुआती कीमत 2.93 लाख है, जो अधिकतम 3.71 लाख तक जाती है. ये देखना दिलचस्प रहेगा कि पिछले 15 सालों से लोगों के दिलों पर राज कर रही मारुति अल्टो को कंपनी की ये नई कार रिप्लेस कर पाती है या फिर मुंह की खाती है.

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