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Updated: 27 जून, 2020 06:30 PM
अनु रॉय
अनु रॉय
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और स्वरा भास्कर (Swara Bhaskar) जी आपकी ये सीरिज़ देख कर हम भूल गए कि वेब-सीरिज़ (Web Series) देख रहें या रामसे ब्रदर की प्यासी चुड़ैल या भोजपुरी फ़िल्म पति फ़ौज में और भऊजी मौज़ में. नहीं क्या सोच कर आपने ये सीरिज़ की है? कुल 8 एपिसोड हैं Amazon Prime Video के नए सीरिज़ में और तमाम 8 एपिसोड देखने के बाद भी हम नहीं समझ पा रहें कि आप दिखाना क्या चाहती थीं. जहां से मैं देख रही हूं वहां से ये सीरिज़ B ग्रेड की किसी घटिया फ़िल्म की भौंडी कॉपी भर है. सॉफ़्ट पॉर्न मैं इसे नहीं कहूंगी क्योंकि उसमें भी एक क्लास होता है. जो अभिनेत्री उसमें अभिनय कर रही होती है उसे पता होता है कहां कितना और कैसी आवाज़ें निकालनी हैं. आप तो उनकी भी ऐक्टिंग सही से नहीं कर पायीं.

Rasbhari, Amazon Prime, Swara Bhaskar, Film, Bollywood  स्वरा भास्कर की रसभरी देखकर दर्शकों के हाथ निराशा ही लगी है

मैंने सिर्फ़ ये सीरिज़ आपका नाम देख कर ही देखा. मुझे लगा आप फ़ेमनिज़्म, महिला सशक्तिकरण और देश के तमाम मुद्दों पर खुल कर अपने विचार व्यक्त करती हैं तो, इस वेब सीरिज़ में भी कुछ ख़ास होगा लेकिन ख़ास क्या मैम इसमें तो सामान्य सा भी कुछ नहीं था.

पहले जिन्होंने नहीं देखा है ये सीरिज़ उन्हें कहानी एक लाइन में बता देती हूं. स्वरा भास्कर जो कि रसभरी सीरिज़ में रसभरी बनीं हैं वो मल्टीपल पर्सनालिटी डिसऑर्डर की शिकार हैं. जो कभी सख़्त मिज़ाज इंग्लिश टीचर रहती हैं तो कभी सेक्स की भुख़ी चुड़ैल बन जाती हैं. बस.

पहले एपिसोड से आख़िरी एपिसोड तक सिर्फ़ क्लीशे और स्टीरियोटाइप्स से ये सिरिज भरी पड़ी है. मैं हूं न कि सुष्मिता सेन की इतनी गंदी कॉपी करके रसभरी की इंग्लिश टीचर का लूक बनाया गया है. ऊपर से स्वरा की ऐक्टिंग. हे भगवान क्यों देखा मैंने अब यही सवाल कर रही हूं ख़ुद से.

क्या भारत में Women Empowerment सिर्फ़ सेक्स दिखा कर ही हो सकता है? स्वरा शायद कहेंगी कि भारत में सेक्स पर बातें नहीं होती इसलिए उन्होंने ये सिरिज़ करके क्रांति लाने की कोशिश की हैं. वो शायद ये भी कहें कि एक औरत सेक्स की डिमांड कर सकती है, मैंने ये सीरिज़ करके ये औरतों को सीखाया है एंड ब्ला-ब्ला!

तो सॉरी फ़ॉर बीइंग ऑनेस्ट लेकिन मैम रसभरी देख कर कहीं से भी empowering वाली फ़ीलिंग नहीं आयी मुझे. मुझे सच में बुरा लगा कि #MultiplePersonalityDisorder जैसी बीमारी का इतना घटिया मज़ाक़ बना दिया है इस सीरिज़ में. अमेजन प्राइम सिरियसली कुछ इतना बकवास दिखाएगा ये नहीं सोचा था. वैसे भी पंचायत से जो साख बनी थी उसको ख़ुद ही नीचे ले आए हैं रसभरी दिखा कर.

मतलब सच में दिमाग़ भन्नाया हुआ है. इतना सब लिख लेने के बाद भी मुझे अब भी स्वरा के फ़ैसले पर संदेह हो रहा. न जाने किस मजबूरी में आप ने इस सीरिज़ को करने के लिए हां किया होगा. काश आप जैसे CAA और बाक़ी के चीज़ों पर खड़ी रहती हैं वैसे ही इसके लिए ना कर दिया होता. आप से कई बातों पर मतभेद रहता है मगर एक Strong Lady के जैसे मैंने आपको हमेशा देखा है और उसके लिए मैं सच में मैं आपका सम्मान करती हूं.

नहीं करना चाहिए था आपको रसभरी जैसी सीरिज़. एक दर्शक के तौर पर मैं निराश हुई हूं. आप रसभरी के किरदार में मुझे बेहद असहज लगीं. आप जब भी “राजा शर्मा काहे रहे हो या बबुआ हमारे दरवाज़े पर काहे खड़े हो” जैसे संवाद बोलती थी मुझे अजीब लगता रहा हर बार. वो किरदार जो आपको सूट न करे या आप जिसे निभा न सके उसे मत ही कीजिएगा.

Sorry मगर सिर्फ़ घटिया सेक्स-सीन के अलावा कुछ भी नहीं है आपके #रसभरी में.

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लेखक

अनु रॉय अनु रॉय @anu.roy.31

लेखक स्वतंत्र टिप्‍पणीकार हैं, और महिला-बाल अधिकारों के लिए काम करती हैं.

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