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Updated: 09 जनवरी, 2020 01:52 PM
अनुज मौर्या
अनुज मौर्या
  @anujkumarmaurya87
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एक तरफ दीपिका पादुकोण (Deepika Padukon) अपनी फिल्म छपाक (Chhapak) के प्रमोशन में लगी हुई हैं तो वहीं दूसरी ओर वह जेएनयू हमला (JNU Violence), नागरिकता कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (NRC) के विरोध में हो रहे प्रदर्शन (Protest) पर भी अपनी राय दे रही हैं. जेएनयू हमले के विरोध में तो वह प्रदर्शन में भी उतर आईं, जिसके बाद से उनका विरोध भी हो रहा है. हालांकि, वहां पर उन्होंने कुछ कहा नहीं, लेकिन प्रदर्शन करने वालों में कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) भी शामिल थे, जिसके बाद दीपिका पादुकोण का रुख कुछ हद तक लोगों को साफ हो गया. ऐसे में सोशल मीडिया पर बहुत से लोग उनकी फिल्म छपाक का विरोध तक करने लगे. खुद भाजपा प्रवक्ता तजेंदर पाल सिंह बग्गा ने एक तस्वीर ट्वीट करते हुए कहा कि दीपिका पादुकोण टुकड़े-टुकड़े गैंग का समर्थन कर रही हैं, उनकी फिल्मों का बहिष्कार करना चाहिए. दीपिका पादुकोण ने किसी भी मौके पर सरकार पर सीधा हमला नहीं किया है, लेकिन उनका रुख जरूर लोगों को साफ हो गया है. जेएनयू हमला, नागरिकता कानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण को लेकर पूरा बॉलीवुड (Bollywood) 3 हिस्सों में बंट गया है. आइए जानते हैं कौन मोदी सरकार (Modi Government) के साथ है और कौन खिलाफ. ये रही पूरी लिस्ट.

CAA NRC JNU Violence divided Bollywood0000000000

पहले वो, जो मोदी सरकार का समर्थन कर रहे हैं

- विवेक अग्निहोत्री, जिन्होंने पीएम मोदी पर फिल्म पीएम नरेंद्र मोदी बनाई थी. अब वो तो खुलकर मोदी सरकार का समर्थन करेंगे ही, ये साफ है. वह ना केवल मोदी सरकार का समर्थन कर रहे हैं, बल्कि सरकार का विरोध करने वालों को जवाब भी दे रहे हैं. उन्होंने फरहान अख्तर को भी ऐसे ही जवाब दिया था.

- अनुपम खेर, जिनकी पत्नी किरन खेर भाजपा में हैं. वह सीएए-एनआरसी से लेकर जेएनयू हिंसा तक को लेकर सरकार का ही समर्थन कर रहे हैं. उनकी पत्नी तो भाजपा में ही हैं तो उनका समर्थन तो भाजपा के अलावा किसी और के लिए हो ही नहीं सकता.

- कंगना रनौत भी कई मौकों पर मोदी सरकार का समर्थन कर चुकी हैं. वह मोदी सरकार की नीतियों का समर्थन करती आई हैं. उन्होंने नागरिकता कानून को सही ठहराते हुए हिंसक प्रदर्शनों पर विरोध भी जताया था.

- मोदी सरकार ने सीएए को लेकर जागरुकता फैलाने के संबंध में बॉलीवुड सितारों से जो मीटिंग रखी थी, उसमें राहुल रावैल, अनु मलिक, सिधवानी, कुनाल कोहली, शैलेश लोधा, सिंगर कैलाश खेर, रूप कुमार राठौड़ और शान भी थे. ये लोग खुलकर मोदी सरकार के समर्थन में सामने नहीं आते, लेकिन मोदी दबे स्वर में मोदी सरकार का ही समर्थन कर रहे हैं.

दूसरे वो हैं जो सरकार के विरोध में खड़े हैं

- स्वरा भास्कर, जो एनआरसी और सीएए के खिलाफ खुलकर मोदी सरकार के विरोध में हैं. उन्होंने कहा था कि सरकार उनसे तमाम सबूत मांगेगी नागरिकता के तो वह कहां से लाएंगी सबूत. जेएनयू हिंसा के विरोध में भी वह सरकार के खिलाफ भी हैं. वह कई बार कन्हैया कुमार के साथ रैलियों में भी शामिल रही हैं, जिसके बाद से ही उनका खूब विरोध हो रहा है. बता दें कि मोदी सरकार ने सीएए और एनआरसी के बारे में लोगों को समझाने के लिए बॉलीवुड के कलाकारों के साथ एक मीटिंग रखी थी, लेकिन उसमें स्वरा भास्कर को नहीं बुलाया था.

- अनुराग कश्यप, जो हमेशा ही मोदी सरकार के खिलाफ खुलकर बोलते हैं. इस बार उन्होंने जेएनयू हिंसा के विरोध में एक ट्वीट करते हुए कहा है कि भाजपा का सच सबको बताना है. उन्होंने तो मोदी सरकार को आतंकवादी तक कह दिया है.

- विशाल भारद्वाज, जिन्होंने जेएनयू हिंसा पर मोदी सरकार का विरोध करते हुए चंद लाइनें तक सुनाई हैं, जो सीधे-सीधे मोदी सरकार विरोध है. उन्होंने साफ-साफ कह दिया है कि मोदी सरकार लोगों पर जुल्म कर रही है.

- फरहान अख्तर ने सीएए और एनआरसी के विरोध के बीच कश्मीर का एक नक्शा शेयर किया था, जो गलत था. बाद में उन्होंने इसके लिए माफी भी मांगी, लेकिन विवेक अग्निहोत्री ने उन्हें जमकर फटकारा. जहां फरहान अख्तर खुलकर मोदी सरकार का विरोध कर रहे हैं, वहीं बचाव में भी उसी बॉलीवुड के विवेक अग्निहोत्री हैं.

- इनके अलावा जावेद अख्तर, शबाना आजमी, परिणीति चोपड़ा, रिचा चड्ढा और मोहम्मद जीशान अय्यूब भी सीएए पर अपना विरोध जता चुके हैं. मोदी सरकार ने बॉलीवुड कलाकारों के साथ जो मीटिंग रखी थी, उसमें जावेद अख्तर, रिचा चड्ढा, कबीर खान और करण जौहर नहीं पहुंचे थे, जबकि उन्हें भी न्योता दिया गया था. यानी ये लोग विरोध में तो हैं, लेकिन खुलकर नहीं, बल्कि दबे स्वर में विरोध कर रहे हैं.

- दीपिका पादुकोण का विरोध भी खुलकर नहीं है. वह खुलकर सरकार के खिलाफ कुछ नहीं बोल रही हैं. यहां तक कि जेएनयू हिंसा के विरोध में जिस प्रदर्शन में वह शामिल हुई थीं, उसमें भी वह सीधे-सीधे कन्हैया के साथ नहीं खड़ी थीं, लेकिन आईशी के समर्थन में थीं. इससे उनका रुख तो साफ हो ही जाता है.

- विकी कौशल ने सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शनों के बाद जो हिंसा फैली थी और जिसमें कई लोग मारे भी गई, उसे लेकर अपना विरोध दर्ज किया था. उन्होंने कहा था कि जो भी हो रहा है वह सही नहीं है. लोगों का अधिकार है शांतिपूर्ण प्रदर्शन का, उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता. उन्होंने सीधे-सीधे मोदी सरकार पर हमला नहीं बोला था, लेकिन दबे स्वर में ये जता दिया कि वह मोदी सरकार के विरोध में हैं.

तीसरे वो, जो ना समर्थन में हैं ना विरोध में बल्कि चुप हैं

- इस लिस्ट में सबसे पहला नाम तो अमिताभ बच्चन का ही है, जिनका चुप रहना ही उन्हें भारी पड़ गया है. बल्कि पूरे बच्चन परिवार को उनका चुप रहना भारी पड़ा है. सोशल मीडिया पर अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन और जया बच्चन तीनों को ही ट्रोल किया जा रहा है. जया बच्चन तो सपा में हैं, अभिषेक बच्चन सपा का प्रचार कर चुके हैं, लेकिन कुछ बोल नहीं रहे.

- शाहरुख खान, जो कई बार बोलकर मोदी सरकार के समर्थकों द्वारा लताड़े जाने के डर से शायद चुप हैं. खैर, वह कब बोलते हैं, कुछ बोलते भी हैं या नहीं, ये देखना दिलचस्प रहेगा.

- सलमान खान भी यूं तो एक से बढ़कर एक फिल्में देते हैं, लेकिन सामाजिक मुद्दों पर उनकी भी बोलती बंद ही हो जाती है. सीएए, एनआरसी और जेएनयू हिंसा पर भी उनकी ओर से कुछ सुनाई नहीं दे रहा है.

- आमिर खान, जो कई बार शाहरुख खान की तरह ही कुछ बोलने पर ट्रोलर्स का शिकार हो चुके हैं, वह भी किनारा करते दिख रहे हैं.

- अक्षय कुमार भी चुप-चुप नजर आ रहे हैं. शायद वह अभी पुरानी ट्रोलिंग नहीं भूले हैं, जिसमें उन्होंने जामिया मिलिया के स्टूडेट्स को पुलिस द्वारा पीटे जाने वाले वीडियो को लाइक किया था.

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