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Updated: 26 जून, 2018 07:23 PM
विमल सिंह
विमल सिंह
  @vimal.singh.589
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अर्जेंटीना के आगे बढ़ने की राह में जरूरी था कि नाईजीरिया आइसलैंड को मात दे. हुआ भी कुछ ऐसा ही और मेसी के लिए संजीवनी लेकर आए 25 साल के अहमद मूसा. मूसा का पिछला मैच देखिये आइसलैंड के खिलाफ जो दो गोल उन्होंने किए वो विश्व कप इतिहास के सबसे बेहतरीन गोल में से एक हैं. कहना गलत नहीं है ऐसे दो गोल अगर किसी यूरोपियन या लैटिन अमेरिकन खिलाड़ी ने किए होते तो दुनिया उसे सिर आंखों पर उठा लेती. लेकिन मूसा के नाम पर खामोशी रही और यहां भी चर्चा मेसी को मिली लाइफलाइन की रही.

अहमद मूसा, मेसी, फीफा वर्ल्ड कप 2018अगर अर्जेंटीना को मुकाबले में बने रहना है तो आज उसे हर हाल में मुकाबला जीतना ही होगा

बात अगर मूसा के बारे में हो तो बताते चलें कि रूस उनके रोम रोम में बसा है. 2012 से 16 तक वो CSKA मास्को टीम में खेले हैं. 2016 सीजन में वो प्रीमियर लीग साइड लेस्टर सिटी आ गए थे और इस साल लोन पर एक बार फिर CSKA मास्को लौट गए लेकिन फिलहाज वो लेस्टर सिटी की टीम का ही हिस्सा हैं. नाइजीरिया के लिए 74 मैंचों में 15 गोल कर चुके हैं मूसा. 2014 वर्ल्ड कप में भी फाइनल ग्रुप गेम अर्जेंटीना के खिलाफ खेला था नाईजीरिया ने और इसमें मूसा ने दो गोल दागे थे लेकिन मेसी & कंपनी मुकाबला 3-2 से जीत गई थी.

आज ग्रुप डी के मुकाबले में एक बार मेसी और मूसा आमने सामने होंगे. दुनिया को डबल M की इस टक्कर का बेसब्री से इंतजार है, मुकाबला यदि बराबरी पर छूटा तो अर्जेंटीना का बोरिया बिस्तर बंधना तय है, जीत भी अंतिम 16 की गारंटी नहीं है, ग्रुप डी के एक अन्य मुकाबले में क्रोशिया की आइसलैंड पर जीत जरूरी है तभी मेसी एंड कंपनी के विश्वकप 2018 में आगे खेलते दिखेंगे.

फुटबॉल फैंस का दिल भले ही मेसी के साथ है लेकिन जो इस खेल की बारीकी से समझते हैं उनका दिमाग़ जरूर मूसा के आगे बढ़ने की बात कह रहा होगा. आखिरी बार अर्जेंटीना 2002 में ग्रुप स्टेज पर वर्ल्ड कप से बाहर हुआ था और तब भी इस ग्रुप में नाइजीरिया से टक्कर हुई थी 1 गोल की जीत के बावजूद अर्जेंटीना आगे नहीं बढ़ पाया था आज एक बार फिर दो बार की विश्वविजेता को जीत की दरकार है लेकिन जीत जब्जे वाली चाहिए, बड़ी जीत चाहिए जो आत्मविश्वास खो गई टीम को नई ऊर्जा दे.

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मेसी के लिए करो या मरो का मुकाबला!

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विमल सिंह विमल सिंह @vimal.singh.589

लेखक आजतक में पत्रकार हैं.

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