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Updated: 14 फरवरी, 2019 07:23 PM
श्रुति दीक्षित
श्रुति दीक्षित
  @shruti.dixit.31
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वैलेंटाइन डे प्यार का प्रतीक माना जाता है. पर प्यार कई बार इंसान को मुश्किल में डाल देता है. चाहें वो वैलेंटाइन डे के दिन बजरंग दल वालों से पिटाई को लेकर हो या प्यार में पड़े किसी आशिक की सनक को लेकर. किसी भी चीज़ की अति अच्छी नहीं होती है और ये इश्क के लिए भी है. बेहद इश्क किसी को कब पागल बना दे कोई नहीं जानता. न जाने कितने ही लोग इस पागलपन का शिकार हुए और दूसरों को नुकसान पहुंचा बैठे हैं. एक ऐसी ही कहानी इस वैलेंटाइन डे पर भी सामने आई है जिसमें एक पिता ने प्यार का नाम लेकर ऐसा खौफनाक खेल खेला है जो किसी को भी अंदर तक झकझोर सकता है.

एक 62 साल का पिता अपने 40 साल के बेटे का कत्ल कर दे तो उस वाक्ये को सुनकर आप क्या कहेंगे? ये अपने आप में बहुत दर्दनाक घटना है, लेकिन जब ये सुनें कि ये कत्ल किस बेरहमी से हुआ है तो यकीनन किसी का चौंक जाना वाजिब है.

प्यार के हफ्ते में इश्क के लिए किया बेटे का कत्ल-

वैलेंटाइन वीक प्यार का हफ्ता है जिसके हर दिन का कोई न कोई मतलब है. पर जिस तरह ये कत्ल किया गया उससे तो लग रहा है जैसे प्यार का मतलब 62 साल के छोटा सिंह ने कुछ और ही निकाल लिया.

हत्या, वैलेंटाइन डे, इश्क, प्यारकोई पिता आखिर अपने बेटे को इतनी बेरहमी से कैसे मार सकता है.

11 फरवरी, प्रॉमिज डे: एक अपराध का खुद से वादा किया

शायद 11 फरवरी प्रॉमिज डे पर खुद से इस व्यक्ति ने वादा किया हो कि वो अपने बेटे का कत्ल कर देगा क्योंकि उसे तो अपने बेटे राजविंदर सिंह को मारना था. उसे तो अपने बेटे की पत्नी जस्वीर से प्यार था. जस्वीर कौर जो रिश्ते में तो छोटा सिंह की बहू लगती थी, लेकिन असल में तो छोटा सिंह उसे अपनी पत्नी बनाना चाहता था.

12 फरवरी, किस डे: जब उसने अपने हथियार को चूमा

किस डे यानि 12 फरवरी को छोटा सिंह ने रात में ही अपने बेटे का कत्ल कर दिया. वो बेटा जिसे शायद प्यार से कभी छोटा सिंह ने चूमा होगा. कभी प्यार दिखाया होगा, कभी उसे भी स्नेह किया होगा. उसी बेटे को किसी धारदार हथियार से मार दिया. इतना ही नहीं बेटे की लाश के कई टुकड़े कर सीवर में फेंकने की प्लानिंग थी छोटा सिंह की. कोई पिता अपने बेटे के साथ इतनी बेरहमी कैसे दिखा सकता है ये सोचने वाली बात है.

13 फरवरी, हग डे: तकदीर ने जब हत्‍यारे को गले लगाया

अपने बेटे का कत्ल करके आखिर छोटा सिंह कैसे बच पाता? तकदीर ने उसे गले लगा ही लिया. छोटा सिंह का गुनाह उनके गांव 'डाबरी खाना' (फरीदकोट के पास) में लगभग सभी को पता चल गया. दरअसल, रात में जब छोटा सिंह अपने बेटे के टुकड़े घर से बाहर ले जा रहा था तब उसका भतीजा गुरचरण सिंह जाग गया. उसने छोटा सिंह के आस-पास और पूरे घर में खून के धब्बे देखे और समझ गया कि मामला क्या था. उसने छोटा सिंह को पुलिस के हवाले कर दिया.

14 फरवरी, वैलेंटाइन डे: खूनी इश्क की दास्तां बाहर आई

प्यार के दिन में ही प्यार की भेंट चढ़ी एक जान की कहानी बाहर आई. छोटा सिंह के अपराध की जानकारी जिसे भी लगी वो परेशान सा हो गया. एक खौफनाक कहानी जिसकी शुरुआत एक नाजायज इश्क से हुई थी उसने इस दिन को ही बदनाम कर दिया.

12 साल पहले हुई थी राजविंदर और जस्वीर की शादी-

छोटा सिंह के बेटे और बहू की शादी 12 साल पहले हुई थी. दोनों के दो बच्चे भी थे. पर छोटा सिंह और जस्वीर का अफेयर शुरू हो गया और इसकी भनक राजविंदर को भी लग गई. इसी के चलने पिता और बेटे में दुश्मनी थी. छोटा सिंह ने तो फरीदकोट शहर में एक किराए का घर भी लेकर रखा था जिसमें छोटा सिंह की पत्नी और बहू जस्वीर कौर रहती थीं. छोटा सिंह का प्लान था कि राजविंदर को मारने के बाद वो उसकी पत्नी जस्वीर से शादी कर लेगा.

इस कहानी को क्या कहेंगे आप? इश्क या पागलपन? एक तरह से तो ये पागलपन ही है जहां किसी पिता ने अपने ही बेटे की बलि चढ़ा दी है. छोटा सिंह पर धारा 302 कत्ल औऱ धारा 201 सबूत मिटाने के जुर्म में केस दर्ज हुआ है.

इस मामले में जस्वीर कौर और छोटा सिंह की पत्नी का कोई भी बयान नहीं आया है. एक पिता के सिर पर सवाल ये भूत इश्क को बदनाम करता है. आखिर कोई कैसे इतने विभत्य कारनामे को अंजाम दे सकता है. एक पिता का दिल नहीं कांपा होगा ऐसा करते समय? पर शायद ये सब कुछ पागलपन में दिखाई नहीं दिया. प्यार करना अच्छा है, लेकिन वो किस हद तक? ये सवाल शायद हर इंसान को खुद से करना चाहिए.

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श्रुति दीक्षित श्रुति दीक्षित @shruti.dixit.31

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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