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Updated: 30 मार्च, 2020 07:04 PM
बिलाल एम जाफ़री
बिलाल एम जाफ़री
  @bilal.jafri.7
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कोरोना वायरस (Coronavirus) के बाद पूरे विश्व की स्थिति किसी से छुपी नहीं है. इंसानों में यह वायरस चीन (China) के बेहूदा खानपान की वजह से आया. चीन में चमगादड़ को खुराक बनाया जाना अब पूरी दुनिया के लिए खतरा बन गया है. लेकिन चीन को लगता है कोई फर्क नहीं पड़ता है. चीन में जश्न मनाया जा रहा है. कोरोना वायरस पर जीत का जश्न. और इस जश्न के परिणाम स्वरूप खरगोश (Rabbits) और बत्तखों (Ducks) के प्राणों की आहुति ली जा रही है. हालात कितने विभत्स है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चीन में लोग जश्न के नाम पर इतने उतावले हो गए है कि उन्होंने खरगोश और बत्तख काट काटकर चीन की सड़कों को लाल कर दिया है. जी हां उपरोक्त बातें विचलित करने वाली हैं मगर सच यही है. चीन में कोरोना वायरस पर विजय के मद्देनजर जश्न मनाया जा रहा है और इस जश्न में खरगोश और बत्तखों के मांस के जरिये पूरी फीस्ट का आयोजन किया जा रहा है.

China, Coroonavirus, Lockdown, Meat, Rabbit, Ducksदुनिया के डर से बेफिक्र चीन में कोरोना को लेकर जश्न हो रहा है जहां खरगोशों के प्राण पर संकट है

बताया ये भी जा रहा है कि लोगों में जश्न का सुरूर कुछ ऐसा है कि एक बार फिर चीन में चमगादड़ों की मांग तेज़ हो गयी है. लोग इन जानवरों को अपने गजर ला रहे हैं और इन्हें अपने ही हाथों से काट रहे हैं. खबर अंग्रेजी अखबार डेली मेल के हवाले से है. डेली मेल में छपी जानकारियों पर यकीन करें तो चीन में अजीब का नजारा देखने को मिल रहा है. वुहान समेत चीन के तमाम बड़े शहरों में जश्न का माहौल है.

बता दें कि कोरोना वायरस के रूप में ये महामारी वुहान के जरिये ही पूरे विश्व में फैली और दुनिया के तमाम मुल्कों के लोगों को अपने अपने घरों में रहने को बाध्य कर दिया. बता दें कि चीन में कोरोना वायरस पैंगोलिन से चमगादड़ के रास्‍ते इंसान के शरीर में आया और आज पूरे विश्व की तबाही का कारण बना.

फ़िलहाल चीन में हर तरफ मरे हुए जानवरों के अवशेष नजर आ रहे हैं और लोग ज्यादा से ज्यादा खरीदारी कर सकें इसलिए चीन के सबसे गंदे मार्केट में शुमार वेट मार्केट को खोल दिया गया है. ध्यान रहे कि अब से तगीन महीना पहले वुहान की वेट मार्केट को ही दुनिया में कोरोना वायरस के फैलने की अहम वजह माना गया था.

बात आगे बढ़ाने से पहले हमारे लिए कोरोना वायरस के खतरे को समझ लेना बहुत जरूरी है. ये खौफनाक बीमारी अब तक 34,000 लोगों की मौत का कारण बन गई है. साथ ही इस बीमारी के कारण अभी भी पूरे विश्व के 7 लाख से ऊपर लोग प्रभावित हैं. बात अगर भारत की हो तो भारत में भी स्थिति चिंताजनक है. बीमारी देश के लोगों को अपनी चपेट में न ले इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आव्हान के बाद 21 दिनों के लॉक डाउन की घोषणा कर दी गयी है और लोग अपने अपने घरों में रहने को मजबूर हैं.

जिक्र चीन में चल रहे इस जश्न का हुआ है तो हमारे लिए ये भी बताना बहुत जरूरी है कि दक्षिण पश्चिम चीन में गुइलिन इलाके में हजारों लोग मीट मार्केट में हैं जहां उन्हें मांस के लिए जिन्दा जानवरों को खरीदते हुए आसानी से देखा जा सकता है. सारी दुनिया को इस खौफनाक बीमारी से आतंकित करने वाले चीन की अर्थ व्यवस्था इस बीमारी के बाद बुरी तरह प्रभावित हुई है इसलिए वहां पर रोजगार को गति मिले इसलिए लॉक डाउन हटा दिया है जिस कारण लोग खासे खुश हैं और जश्न का माहौल है.

चीन में लोग मांस की तरफ इस लिए भी वापस लौट रहे हैं क्योंकि अधिकारियों की तरफ से उन्हें इस बात का आश्वासन दिया जा रहा है कि अब खतरा टल चुका है और लोग वापस वैसे ही अपनी जिंदगी गुजार सकते हैं जैसे वो पहले कर रहे थे.

बहरहाल, इन मुश्किल हालात में चीन द्वारा दोबारा की जा रही इस मूर्खता का असर क्या होता है? इसका फैसला वक़्त करेगा। लेकिन जो वर्तमान है वो बेहद डरावना है. लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं. एक के बाद एक उनकी मौतों की खबर आ रही है जो अपने आप में एक गहरी चिंता का विषय है.

चीन का शुमार एक विकसित मुल्क में है. एक ऐसे समय में जब पूरी दुनिया डरी हुई है और लगातार मौत की ख़बरों से दुनिया परेशान है. सबकी निगाहें उसकी तरफ थी और अब जबकि वहां से ये खबर आई है चीन की आलोचना होना स्वाभाविक है. वक़्त मुश्किल था चीन और वहां के लोगों को अपने पर थोड़ा नियंत्रण रखना चाहिए था.

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लेखक

बिलाल एम जाफ़री बिलाल एम जाफ़री @bilal.jafri.7

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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