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Updated: 13 जून, 2019 06:52 PM
अनुज मौर्या
अनुज मौर्या
  @anujmaurya87
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आज बालश्रम का विरोध करने का दिन (World Day Against Child Labour) है. नेता से लेकर राजनेता तक ट्विटर पर बालश्रम के विरोध में आवाज उठा रहे हैं. जहां एक ओर पूरी दुनिया बालश्रम के विरोध में खड़ी है, वहीं दूसरी ओर, बच्चों के यौन शोषण के खिलाफ अमेरिका के अलाबामा में एक सख्त कानून को मंजूरी मिल गई है. इस कानून के तहत बच्चों का यौन शोषण करने के दोषियों को नपुंसक बनाने वाला इंजेक्शन लगा दिया जाएगा. हालांकि, ये स्थाई नहीं होगा, बल्कि कुछ शर्तों को ध्यान में रखते हुए होगा.

इस नए कानून के तहत अलाबामा में 13 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ रेप करने वाले शख्स को अगर जेल से छुट्टी दी जाती है यानी पेरोल मिलता है तो उस स्थिति में उसे ये इंजेक्शन लगाया जाएगा. इस इंजेक्शन से कुछ समय के लिए व्यक्ति में नपुंसकता आ जाएगी और वह रेप करने की सोच भी नहीं सकेगा. अलाबामा के इस कानून से बच्चों के साथ रेप करने वालों पर कुछ हद तक लगाम तो लग जाएगी, लेकिन ये कानून भी अपने आप में कई सवालों के घेरे में खड़ा है. हालांकि, इसमें अच्छी बातें अधिक हैं. वैसे भी, बच्चों के साथ रेप करने वालों को सजा जब तक सख्त नहीं मिलेगी, अपराध रुकेंगे नहीं.

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दोषी को ही देना होगा सारा खर्च

ये कानून इसलिए बनाया गया है ताकि दोषी व्यक्ति जेल से छुट्टी लेकर बाहर जाकर फिर से वैसा ही अपराध ना करे. जितने समय तक कोई दोषी पैरोल पर बाहर रहे, उसे ये ट्रीटमेंट लेते रहना होगा. आपको बता दें कि इसे लेते रहते से भी किसी के स्वास्थ्य पर नपुंसकता का स्थायी असर नहीं पड़ेगा. अगर उसने ऐसा करना बंद किया तो वो एक अलग अपराध होगा, जिसके लिए अलग से सजा है. ऐसा करने पर क्लास सी के तहत दोषी पाया जाएगा और 10 साल तक की जेल के साथ-साथ 15 हजार डॉलर तक का जुर्माना भी लगेगा. जो लोग ये इंजेक्शन लगवाने से मना करेंगे, उन्हें जेल से छुट्टी ही नहीं मिलेगी.

कुछ इस बिल को कह रहे 'अमानवीय'

इस बिल का प्रस्ताव रखने वाले स्टीव हर्स्ट कहते हैं कि कुछ लोगों ने उनसे कहा कि किसी शख्स को कैमिकल देकर नपुंकस बनाना अमानवीय नहीं है? इस पर वह बोले- 'मैंने उनसे कहा, इसे ज्यादा अमानवीय क्या होगा कि आप एक छोटे बच्चे का यौन शोषण करते हैं, जबकि वो बच्चा ना भाग सकता है ना ही खुद अपनी रक्षा कर सकता है और उसे इन सबसे गुजरना पड़ता है.' ऐसे बिल को अमानवीय कहने वाले शायद बच्चों के बारे में नहीं सोच रहे, वह सिर्फ उस शख्स के बारे में सोच रहे हैं, जिसे इंजेक्शन दिया जा रहा है.

सवाल, जो खड़े हो रहे हैं

इस बिल की अगर तारीफें हो रही हैं, तो इस पर कुछ सवाल भी खड़े हो रहे हैं. एक तो ये कि ये जरूरी नहीं कि इस इंजेक्शन के बार व्यक्ति की सेक्स की इच्छा खत्म हो ही जाए. अलग-अलग व्यक्तियों पर इसका असर अलग-अलग हो सकता है. वहीं दूसरी ओर इस पर एक सवाल ये भी खड़ा हो रहा है कि किसी को इंजेक्शन लगाकर नपुंसक बना देने भर से उसे अपराध करने से रोकना संभव नहीं है. कई बार सिर्फ सेक्स के लिए ही यौन शोषण नहीं किया जाता, बल्कि अपनी ताकत दिखाने या किसी को सबक सिखाने के मकसद से भी ऐसा किया जाता है. ये भी कहा जा रहा है कि ऐसी स्थिति में व्यक्ति इस तरह से मेडिकेशन से बचने के लिए फरार भी हो सकता है, जो समाज के लिए और भी बड़ा खतरा साबित हो सकता है.

इस बिल पर सवाल तो कई उठ रहे हैं, लेकिन कुछ आंकड़े ऐसे हैं, जो इस बिल को सही साबित करते हैं. अमेरिका में 2016 में करीब 57,000 बच्चे यौन शोषण का शिकार हुए थे. 93 फीसदी मामलों में ये पाया गया था कि बच्चों के साथ ऐसी घिनौनी हरकत करने वाले बच्चों के ही परिचित थे. एक छोटी बच्ची के साथ ऐसी घिनौनी हरकत करने वालों को नपुंसकता का इंजेक्शन लगाने का बिल लाने वाले हर्स्ट वही शख्स हैं जो इससे पहले सर्जरी के जरिए रेप के दोषियों को नपुंसक बनाने का प्रस्ताव कर चुके हैं.

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Alabama, Chemical Castration, Sex Offenders

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