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Updated: 06 मार्च, 2018 07:27 PM
अनुज मौर्या
अनुज मौर्या
  @anujkumarmaurya87
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त्रिपुरा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद से वहां माहौल कुछ बदल सा गया है. सत्ता से तो वामपंथ का सफाया हो ही चुका है, लेकिन अब यह लड़ाई सड़कों तक जा पहुंची है. भाजपा समर्थकों ने सोमवार दोपहर को त्रिपुरा के बेलोनिया कॉलेज स्क्वायर में स्थित व्लादिमिर लेनिन का पुतला गिरा दिया. लेकिन ऐसा नहीं है कि सिर्फ त्रिपुरा में ही लोगों ने लेनिन की विचारधारा को नापसंद किया और उसे गिरा दिया, पूरी दुनिया में कई जगह लेनिन के पुतले गिराकर लोगों ने उस पर अपना गुस्सा निकाला है.

लेनिन 1917 में रूस में हुई बोल्शेविक क्रांति का चेहरा थे, जो इस क्रांति के बाद पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो गए और जगह-जगह उनकी मूर्तियां लगाई गईं. लेकिन जो लोग उनकी विचारधारा से सहमत नहीं हैं, जब उन्हें मौका मिला तो उन्होंने लेनिन की मूर्ति को धराशायी कर दिया और उस पर अपना गुस्सा निकाला. आइए जानते हैं त्रिपुरा के अलावा और कहां-कहां गिराए गए हैं लेनिन के पुतले.

- यूक्रेन में लेनिन की कई प्रतिमाएं गिराई गई हैं. 1991 में यूक्रेन में लेनिन की करीब 5,500 प्रतिमाएं थीं, जबकि सिर्फ 2013 से 2015 के बीच ही करीब 500 प्रतिमाओं को गिरा दिया गया. 2013 में दिसंबर में भी लेनिन की एक मूर्ति को गिराया था. इसे गिराने वाले प्रदर्शकारी यूक्रेन के राष्ट्रपति का विरोध कर रहे थे. यही कारण है कि राष्ट्रपति को लेनिन की मूर्तियों के बारे में गंभीरता से सोचना पड़ा.

- सितंबर 2014 में यूक्रेन के ही खारकोव शहर में लगी लेनिन की मूर्ति को धराशायी कर दिया गया था. इस मूर्ति को गिराने की लाइव स्ट्रीमिंग हुई थी, जिसे कई सारे चैनलों ने दिखाया था. करीब 3000 लोगों ने 'खारकोव- ये यूक्रेन है' के नारे के तहत यहां जमा हुए थे. 15 मई 2015 को तो यूक्रेन के राष्ट्रपति ने देश से लेनिन की मूर्तियां हटाने के लिए कानून में एक बिल भी जोड़ दिया था. अगस्त 2017 तक यूक्रेन से लेनिन की सभी मूर्तियों को हटा दिया गया.

- यूक्रेन के Cherkassy में 28 नवंबर 2008 को भी लेनिन की एक प्रतिमा को गिराया गया था. इसे गिराने के लिए क्रेन की मदद ली गई थी. देखिए वीडियो.

- जर्मनी में 19 अप्रैल 1970 को लेनिन के 100वें जन्मदिन से महज 3 दिन पहले ही उनकी एक मूर्ति स्थापित की गई थी. इसे देखने के लिए लगभग 2 लाख लोग जमा हुए थे. लेकिन 1991 में बर्लिन के मेयर ने इसे भी गिराने के आदेश दे दिए थे. उनका मानना था कि ऐसी कोई प्रतिमा नहीं होनी चाहिए जो तानाशाही को दिखाती है.

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- Ethiopia का तानाशाह Mengistu Haile Mariam जब देश छोड़कर भाग गया था तो उसके बाद 23 मई 1991 को लोगों ने लेनिन की एक प्रतिमा गिरा दी थी. लोग व्लादिमिर लेनिन को तानाशाही के प्रतीक के रूप में देख रहे थे. हजारों की संख्या में लोग ये नजारा देखने के लिए जमा हो गए थे. प्रतिमा को गिराने के लिए उसे केबल से लपेटकर खींचा गया और वेल्डिंग मशीन का भी सहारा लिया गया.

त्रिपुरा, चुनाव, भाजपा, सीपीआईएम, हिंसा, मोदी सरकारयूक्रेन में गिराई गई प्रतिमा पर अपना गुस्सा जाहिर करते लोग.

त्रिपुरा में तो लेनिन की प्रतिमा को गिरा दिया गया, लेकिन क्या अब देश के बाकी हिस्सों में भी ऐसा ही होगा? दरअसल, भारत में और भी कई जगह लेनिन की प्रतिमा लगी है, जिनमें दिल्ली का नेहरू पार्क भी शामिल है. इसके अलावा पश्चिम बंगाल के कोलकाता और आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में भी लेनिन की प्रतिमा है. दिल्ली, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में अभी भाजपा की सरकार नहीं है, देखना ये होगा कि जब वहां भाजपा की सरकार बनेगी तो क्या वहां स्थित लेनिन की मूर्तियों को भी गिराया जाएगा?

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