New

होम -> सियासत

 |  2-मिनट में पढ़ें  |  
Updated: 02 सितम्बर, 2016 08:49 PM
राकेश चंद्र
राकेश चंद्र
  @rakesh.dandriyal.3
  • Total Shares

जी20 समिट 4 से 5 सितंबर 2016 को पूर्वी चीन के हैंगझाऊ में होना है. शिखर वार्ता ऐसे समय पर हो रही है जब एक तरफ चीन दक्षिण चीन सागर मामले में चारों ओर से घिरा हुआ है और भारत से मदद चाहता है, तो वहीं भारत भी चीन से ‘पाकिस्तान फैक्टर', जिसमें 46 अरब डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे, एनएसजी ग्रुप की सदस्यता को लेकर चीन से नाराज है. .भारत के अलावा चीन का जापान, ब्रिटेन और अमेरिका, वियतनाम के साथ संबंधों में तनाव भी चल रहा है.

चीन की नज़रें मोदी की विएतनाम यात्रा पर लगीं हैं जिसके साथ चीन के दक्षिण चीन सागर पर अधिपत्य को लेकर विवाद है.

इसे भी पढ़ें: दक्षिण चीन सागर में अमेरिका ने क्यों दिखाई चीन को अपनी ताकत?

हांगझोउ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय मुलाकात होगी. मोदी और शी जिनपिंग पहले भी आपस में मिलते रहें हैं और अगले महीने (अक्टूबर) में गोवा में ब्रिक्स सम्मेलन में भी मिलने वाले हैं. मोदी और जिनपिंग अंतिम बार शंघाई सहयोग परिषद (एससीओ) ताशकंद की बैठक मिले थे . लेकिन मुलाकात का नतीजा सर्वविदित है. भारत के प्रस्ताव को चीन ने ख़ारिज कर दिया था. और भारत की एंट्री एनएसजी ग्रुप में नहीं हो पाई.

g20_650_090216082357.jpg
 जी-20 सम्मेलन में शिरकत करेंगे नरेंद्र मोदी

लेकिन इस बार मुलाकात ऐसे समय में होगी जब चीन-भारत संबंधों पर ‘पाकिस्तान फैक्टर' हावी रहेगा. आतंकवाद से लेकर 46 अरब डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे और बलूचिस्तान तक द्विपक्षीय संबंधों पर असर पडा है. एक और जहाँ भारत आंतकवाद को आर्थिक मदद और करों की चोरी और जरूरी दवाओं तक पहुंच का मुद्दा उठा सकता है, तो दूसरी तरफ अमेरिका NSG में भारत की एंट्री को लेकर इस बारे में चीन से जी20 सम्मेलन में बात कर सकता है .दक्षिण चीन सागर पर अमेरिका ने कहा था कि फैसल कानून सम्मत है और इस पर अमल होना चाहिए.

इसे भी पढ़ें: नेपाल में क्यों फेल हो रही मोदी की विदेश नीति?

ओबामा उठा सकते है साइबर अपराध का मुद्दा.......

हैकरों ने फरवरी 2016 में बांग्लादेश की बैंकिंग व्यवस्था ध्वस्त करते हुए स्विफ्ट बैंकिग नेटवर्क के इस्तेमाल से न्यूयार्क के फेडरल रिजर्व बैंक से बड़ी रकम निकाली थी.

अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा के लिए एशिया का उनका यह अंतिम दौरा होगा क्योंकि राष्ट्रपति के रुप में उनका दूसरा कार्यकाल पूरा होने जा रहा है.

लेखक

राकेश चंद्र राकेश चंद्र @rakesh.dandriyal.3

लेखक आजतक में सीनियर प्रोड्यूसर हैं

iChowk का खास कंटेंट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक करें.

आपकी राय