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Updated: 13 सितम्बर, 2015 06:56 PM
विनीत कुमार
विनीत कुमार
  @vineet.dubey.98
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अभी हाल में दिल्ली के एक रोड का नाम बदले जाने की घोषणा के बाद औरंगजेब के व्यक्तित्व और इतिहास पर खूब चर्चा हुई. औरगंजेब हिंदू विरोधी था या आज सत्ता के केंद्र में पहुंचे लोग मुस्लिम विरोधी, इसे लेकर भी सब अपने-अपने दांव फेंकते रहे. उत्तर भारत में जिस तरह औरंगजेब हमेशा एक विवादास्पद शासक के तौर पर जाना जाता रहा है, कुछ वैसे ही दक्षिण में टीपू सुल्तान के बारे में बातें होती हैं.

टीपू सुल्तान की एक कहानी यह है कि उसने अंग्रेजों के खिलाफ जंग लड़ी. इसलिए उसे हीरो के तौर पर भी पेश किया जाता रहा है. लेकिन उसी टीपू सुल्तान की एक छवि यह है कि उसने हिंदुओं पर अत्याचार किया. हजारों की संख्या में हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराया. दक्षिण में टीपू सुल्तान का नाम एक बार फिर चर्चा में है और इसके लपेटे में साउथ के सुपर स्टार रजनीकांत भी आ गए हैं. उन्हें कट्टरपंथी संगठनों से धमकी मिली है कि वे टीपू सुल्तान पर बनने वाली फिल्म में काम न करें.

टीपू सुल्तान एंटी हिंदू था या नहीं, इस पर बहस होती रहेगी. लेकिन आईए, आपको बताते हैं इतिहास में दर्ज टीपू सुल्तान से जुड़ी वे बातें जो उसे हीरो से 'औरंगजेब' बना देती हैं...

1. 19वीं सदी में ब्रिटिश गवर्मेंट के अधिकारी और लेखक विलियम लोगान ने अपनी किताब 'मालाबार मैनुअल' में लिखा है कि कैसे टीपू सुल्तान ने अपने 30,000 सैनिकों के दल के साथ कालीकट में तबाही मचाई थी. टीपू सुल्तान हाथी पर सवार था और उसके पीछे उसकी विशाल सेना चल रही थी. पुरुषों और महिलाओं को सरेआम फांसी दी गई. उनके बच्चों को उन्हीं के गले में बांध पर लटकाया गया.

2. इसी किताब में विलियम यह भी लिखते हैं कि शहर के मंदिर और चर्चों को तोड़ने के आदेश दिए गए. यहीं नहीं, हिंदू और इसाई महिलाओं की शादी जबरन मुस्लिम युवकों से कराई गई. पुरुषों से मुस्लिम धर्म अपनाने को कहा गया और जिसने भी इससे इंकार किया उसे मार डालने का आदेश दिया गया.

3. कई जगहों पर उस पत्र का भी जिक्र मिलता है, जिसे टीपू सुल्तान ने सईद अब्दुल दुलाई और अपने एक अधिकारी जमान खान के नाम लिखा है. पत्र के अनुसार टीपू सुल्तान लिखता है, 'पैगंबर मोहम्मद और अल्लाह के करम से कालीकट के सभी हिंदूओं को मुसलमान बना दिया है. केवल कोचिन स्टेट के सीमवर्ती इलाकों के कुछ लोगों का धर्म परिवर्तन अभी नहीं कराया जा सका है. मैं जल्द ही इसमें भी कामयाबी हासिल कर लूंगा.'

4. यहां 1964 में प्रकाशित किताब 'लाइफ ऑफ टीपू सुल्तान' का जिक्र भी जरूरी है. इसमें लिखा गया है कि उसने तब मालाबार क्षेत्र में एक लाख से ज्यादा हिंदुओं और 70,000 से ज्यादा ईसाइयों को मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया.

5. इस किताब के अनुसार धर्म परिवर्तन टीपू सुल्तान का असल मकसद था, इसलिए उसने इसे बढ़ावा दिया. जिन लोगों ने इस्लाम स्वीकार किया, उन्हें मजबूरी में अपने बच्चों की शिक्षा भी इस्लाम के अनुसार देनी पड़ी. इनमें से कई लोगों को बाद में टीपू सुल्तान की सेना में शामिल किया गया और अच्छे ओहदे दिए गए.

6. टीपू सुल्तान के ऐसे पत्रों का भी जिक्र मिलता है, जिसमें उसने फ्रेंच शासकों के साथ मिलकर अंग्रेजों को भगाने और फिर उनके साथ भारत के बंटवारे की बात की. ऐसा भी जिक्र मिलता है कि उसने तब अफगान शासक जमान शाह को भारत पर चढ़ाई करने का निमंत्रण दिया, ताकि यहां इस्लाम को और बढ़ावा मिल सके.

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लेखक

विनीत कुमार विनीत कुमार @vineet.dubey.98

लेखक आईचौक.इन में सीनियर सब एडिटर हैं.

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