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Updated: 17 मई, 2019 08:28 PM
बिलाल एम जाफ़री
बिलाल एम जाफ़री
  @bilal.jafri.7
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चुनावों के दौरान हमारे नेताओं का विवादस्पद बयान देना और उन बयानों के बल पर सुर्खियां बटोरना नया नहीं है. ताजा मामला कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का है. जिन्होंने देश की 17वीं लोकसभा के लिए हो रहे चुनाव के सातवें चरण के प्रचार के अंतिम दिन अपने भाषण में अमिताभ बच्चन को घसीटकर एक बेवजह के विवाद को जन्म दे दिया है. प्रियंका गांधी वाड्रा उत्तर प्रदेश के मर्जापुर में थीं. मिर्जापुर में कांग्रेस प्रत्याशी ललितेशपति त्रिपाठी के पक्ष में रोड शो करने आई प्रियंका ने प्रधानमंत्री को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. अपने भाषण में प्रियंका ने पीएम मोदी को अमिताभ बच्चन से बड़ा अभिनेता करार दिया है.

मिर्जापुर की जनता से संबोधित होते हुए प्रियंका ने कहा है कि, अब आप समझ लीजिए कि आपने दुनिया के सबसे बड़े अभिनेता को अपना पीएम बना दिया है. इससे तो अच्छा आप अमिताभ बच्चन को ही पीएम बना देते.

प्रियंका गांधी, लोकसभा चुनाव 2019, नरेंद्र मोदी, मिर्जापुर, अमिताभ बच्चन  अपने भाषण में अमिताभ बच्चन को लाकर प्रियंका गांधी ने एक व्यर्थ के विवाद को जगह दे दी है

रोड शो के समापन के बाद अपने संबोधन में प्रियंका ने प्रधानमंत्री पर तंज करते हुए कहा कि बीजेपी का मकसद किसी भी तरह सत्ता हासिल करना है. मोदी ने पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान जो वादे किए थे, उन्हें आज तक पूरा नहीं किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस झूठे वादे नहीं करती बल्कि किसानों, गरीबों और युवाओं के हक में काम करती है. इसके बाद वह बोलीं, 'अब आप समझ लीजिए कि आपने दुनिया के सबसे बड़े अभिनेता को अपना पीएम बना दिया है. इससे अच्छा तो आप अमिताभ बच्चन  को ही बना देते. करना तो किसी ने कुछ नहीं था आपके

Priyanka Gandhi Vadra in Mirzapur: Ab aap samajh lijiye ke apne duniye ke sabse bade abhineta ko apna PM bana diya hai, is se accha toh aap Amitabh Bachchan ko hi bana dete, karna toh kisi ne kuch nahi tha aapke liye. pic.twitter.com/oYrtXdGuwS

— ANI UP (@ANINewsUP) May 17, 2019

अपने भाषण में अमिताभ बच्चन को लाने के बाद प्रियंका ने देश के प्रधानमंत्री को और भी कई मुद्दों पर घेरा. प्रियंका ने कहा कि पीएम मोदी सिर्फ वादे करना जानते हैं. जीएसटी, नोटबंदी को लेकर सिर्फ जनता और किसान ही कतार में लगे रहे. इस दौरान कोई मंत्री या नेता कतार में नहीं नजर आया. प्रियंका ने कहा कि नीयत ठीक होती तो केंद्र और प्रदेश में सरकार होने के बाद मिर्जापुर का विकास जरूर होता जो नहीं हुआ.

बहरहाल, किसी और पर बात करने से पहले हम अमिताभ पर बात करेंगे. जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाने के लिए प्रियंका ने अमिताभ को घसीटा है साफ है कि प्रियंका अब भी अमिताभ बच्चन को भूल नहीं पाई हैं और कहीं न कहीं आज भी उनके दिल में अमिताभ के लिए नफरत है.

गौरतलब है कि किसी जमाने में अमिताभ और राजीव गांधी अच्छे दोस्त थे. दोनों की दोस्ती कैसी थी इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि न सिर्फ अमिताभ INS विराट से गांधी परिवार के साथ घूमने गए थे. बल्कि राजीव गांधी के सोनिया से विवाह के पहले जब सोनिया 13 जनवरी 1968 में भारत भारत आईं तो वो उन्हें लेने एअरपोर्ट तक आए थे.

बताया जाता है कि सोनिया और उनके परिवारवाले शादी के पहले अमिताभ बच्चन के घर पर ही रुके थे. तेजी बच्चन ने सोनिया को भारतीय संस्कृति और रीति रिवाजों को समझाने में मदद की. सोनिया गांधी का कन्यादान भी हरिवंश राय बच्चन और तेजी बच्चन ने किया था.

70 और 80 के दशक तक अमिताभ काफी लोकप्रिय हो गए थे और उनकी लोकप्रियता को देखते हुए राजीव गांधी ने उन्हें राजनीति में आने की सलाह दी थी. 1984 में अमिताभ बच्चन कांग्रेस के टिकट पर इलाहाबाद से चुनाव लड़े और जीत हासिल की. चुनाव जीतने के फौरन बाद ही बोफोर्स घोटाले ने देश की राजनीति में नया सियासी घमासान शुरू किया. जिसके निशाने पर अमिताभ और उनके भाई अजिताभ भी आए.

माना जाता है कि यही से राजीव और अमिताभ की दोस्ती टूटी. चुनाव जीतने के 3 साल बाद ही अमिताभ ने इस्तीफा देकर राजनीति से तौबा कर लिया. 1991 में जिस वक़्त राजीव गांधी की हत्या हुई उस वक़्त भी अमिताभ ने परिवार से दूरी बनाई थी. गांधी परिवार का कहना था कि इस मुश्किल वक़्त में बच्चन परिवार ने उन्हें अकेला छोड़ दिया है. वहीं गांधी परिवार के इस तर्क पर अपना काउंटर करते हुए बच्चन परिवार का कहना था राजनीति में लाकर राजीव ने उन्हें बीच मझधार में छोड़ा था.

इसके अलावा अपने एक इंटरव्यू में उस वक़्त अमिताभ ने ये कहकर सबको हैरत में डाल दिया कि इस परिवार ने (गांधी और नेहरू) भारत के ऊपर सदियों से राज किया है. वो राजा हैं हम रंक हैं. राजा निर्धारित करेगा कि किसके साथ उसको संबंध बनाना है. किसके साथ उसको दोस्ती निभानी है. रंक नहीं निर्धारित कर सकता है। हमारा स्नेह आदर उस परिवार के साथ हमेशा रहेगा लेकिन उन्हें निर्धारित करना होगा कि इस रंक के साथ अपना रिश्ता बनाए रखना है या नहीं. माना जाता है कि अमिताभ के इसी इंटरव्यू के बाद प्रियंका गांधी अमिताभ को लेकर तल्ख हुईं थीं.

खैर, अब जबकि मोदी विरोध को हथियार बनाकर प्रियंका ने पुरानी बातों का बदला ले लिया है. देखना दिलचस्प होगा कि इस पूरे मामले पर अमिताभ क्या प्रतिक्रिया देते हैं. कोई प्रतिक्रिया देते भी हैं या हमेशा की तरह वो इस मामले पर भी चुप्पी साध लेंगे.

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लेखक

बिलाल एम जाफ़री बिलाल एम जाफ़री @bilal.jafri.7

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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