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Updated: 12 मार्च, 2019 07:04 PM
अनुज मौर्या
अनुज मौर्या
  @anujmaurya87
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भारत की ओर से पाकिस्तान के बालाकोट में की गई एयर स्ट्राक को करीब दो हफ्ते बीत चुके हैं, लेकिन पाकिस्तान के दिल में डर अभी भी बरकरार है. डर इस बात का कि भारत की ओर से फिर से कोई कार्रवाई ना हो जाए. ये डर जायज भी है, क्योंकि बालाकोट में हुई एयर स्ट्राइक के कुछ दिन बाद ही पीएम मोदी ने कहा था कि ये तो सिर्फ पायलट प्रोजेक्ट है. अब पाकिस्तान डरा हुआ है कि भारत कुछ बड़ा ना कर दे. यही वजह है कि पाकिस्तानी सीमा में थल सेना से लेकर वायुसेना तक ने कमान संभाली हुई है और भारत से लोहा लेने को तैयार खड़े हैं.

पाकिस्तानी सीमा में इमरान खान ने एफ-16 लड़ाकू विमानों का एक पूरा बेड़ा ही तैनात किया हुआ है. सेना और सरकार के अधिकारियों के अनुसार इनमें वो एफ-16 भी हैं जो अमेरिका से खरीदे गए हैं और वो एफ-16 भी हैं जिन्हें जॉर्डन से खरीदा गया है. इन विमानों को सिंधु के हैदराबाद से लेकर उत्तरी इलाकों के स्कार्डू तक भारत-पाक सीमा पर तैनात दिया गया है. अधिकारियों के अनुसार एलओसी पर रडार और बचाव प्रणाली को तो पाकिस्तान ने 14 फरवरी को हुए पुलवामा हमले के तुरंत बाद ही मजबूत कर दी थी. पाकिस्तान को पता था कि भारत इस हमले के बाद कोई न कोई कार्रवाई तो जरूर करेगा.

पुलवामा हमला, पाकिस्तान, सेना, इमरान खानपीएम मोदी ने बालाकोट में हुई एयर स्ट्राइक को पायलट प्रोजेक्ट कहा था, जिससे पाकिस्तान डरा हुआ है.

सीमा पर हवाई यातायात अभी भी बंद

जब पुलवामा हमले के जवाब में 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक की थी, तो पाकिस्तान ने अपने देश में हवाई सेवाओं पर रोक लगा दी थी. भारत-पाकिस्तान के बीच तो अभी भी फ्लाइट नहीं उड़ रही हैं, लेकिन पाकिस्तान ने सीमा से दूर के राज्यों में हवाई यातायात शुरू कर दिया है. ये पाकिस्तान का डर ही है कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर अभी भी कोई पाकिस्तानी फ्लाइट उड़ती नहीं दिखती. वहीं दूसरी ओर, सीमा पर पाकिस्तान द्वारा लड़ाकू विमानों की तैनाती को देखते हुए भारतीय सीमा में भी एहतियात बरता जा रहा है और सीमा के आस-पास हवाई यातायात बंद कर दिया गया है.

पुलवामा हमला, पाकिस्तान, सेना, इमरान खानभारत-पाक सीमा पर अभी भी हवाई यातायात शुरू नहीं हुआ है.

नहीं रुक रही LoC पर फायरिंग

अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने बालाकोट में हुई एयर स्ट्राइक के तुरंत बाद ही सीजफायर उल्लंघन शुरू कर दिया. हिंदुस्तान टाइम्स द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तानी सेना ने 26 फरवरी को 19 बार सीजफायर का उल्लंघन किया, उसके अगले दिन जब पाकिस्तानी वायुसेना ने भारत पर हमला किया, तब 16 बार पाक सेना ने सीजफायर उल्लंघन किया और फिर 28 फरवरी को भी 26 बार सीजफायर उल्लंघन किया. पिछले दो महीनों में पाकिस्तानी सेना ने कुल 467 बार सीजफायर उल्लंघन किया है, जिसमें से 251 बार सिर्फ फरवरी में किया गया. 2017 में ये आंकड़ा 971 था, जो 2018 में दोगुने से भी अधिक बढ़कर 2140 हो गया.

पाकिस्तान की जमीन पर आतंकवाद पनाह लिए हुए हैं, ये बात आज पूरी दुनिया जानती है. बालाकोट में हुए हमले के बाद इसकी पुष्टि भी हो गई. प्रमाण भी मिल जाते, अगर पाकिस्तानी सेना दुनिया भर के पत्रकारों को बालाकोट जाने से नहीं रोकती. पाकिस्तान के दिल में डर सिर्फ भारत की ओर से एक और हमला होने का नहीं, बल्कि ये भी है कि कहीं उसकी पोल ना खुल जाए. अगर बालाकोट तक पत्रकार पहुंचे तो कुछ ना कुछ तो वहां से मिलेगा ही, जिसे पूरी दुनिया देखेगी. अब पाकिस्तान देश के अंदर से सबूत मिटा रहा है और सीमा पर सेना तैनात की है, ताकि भारत फिर से उसके लिए मुसीबत का सबब ना बन जाए. आतंकवादियों को पनाह देने वाले देश के दिल में इतनी दहशत तो बनी ही रहनी चाहिए.

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