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Updated: 08 फरवरी, 2019 11:12 AM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गये धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा को अपने भाषण से काफी रोचक बना दिया. सेंस ऑफ ह्यूमर से भरे मोदी के भाषण में पूरे वक्त निशाने पर कांग्रेस पार्टी और उसकी अब तक की सरकारें रहीं.

मोदी ने तरह तरह के आंकड़े पेश कर रोजगार से लेकर महंगाई तक कांग्रेस के दावों का मजाक उड़ाया. कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए मोदी ने कहा कि अहंकार के कारण उसकी सीटें 400 से 40 पर पहुंच गयीं. दूसरी तरफ, मोदी बोले - सेवा भाव वाले दो थे और आज बहुमत की सरकार बनाई है. मोदी का आशय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी से रहा.

संसद से लाइव मोदी ने अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करने के साथ ही दूसरी पारी के लिए वोट भी मांग लिये. इस वादे के साथ कि '2014 में हम जिस मंजिल को लेकर निकले थे और देश के लिए जिन सपनों का पूरा करने की हमने ठानी है, उसे हम पूरा करेंगे.'

राफेल पर मोदी का सवाल - कांग्रेस बताये किसके लिए काम कर रही है?

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राफेल डील का मुद्दा उठाया और कहा कि प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिये. बताना चाहिये कि HAL से करार छीनकर एक नई कंपनी को क्यों दी गई? खड़गे ने कहा कि जेपीसी से इस मामले की जांच होनी चाहिए और जब तक ऐसा नहीं होता तब तक हम इसके लिए लड़ते रहेंगे. मल्लिकार्जुन खड़गे सरकार पर राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी झूठ बोलने का आरोप लगाया.

जब प्रधानमंत्री मोदी खड़े हुए तो मल्लिकार्जुन खड़गे की तो तारीफ की लेकिन कांग्रेस पर टूट पड़े. मोदी ने कहा कि ये तो उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाला हाल हो गया है.

मोदी एक एक कर गिनाने लगे, 'सेना को अपमानित किया आपने, आपातकाल लगाया आपने, सेना प्रमुख को गुंडा कहा गया, सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाए, तख्तापलट की खबरें बनाई गईं - ये सेना का अपमान है.'

मोदी ने कहा कि झूठ बोलते बोलते कांग्रेस नेताओं की आदत खराब हो गयी है. इसके लिए रक्षा सौदों का हवाला देते हुए मोदी ने कहा कि चूंकि कांग्रेस के कार्यकाल में बगैर दलाली का कोई सौदा ही नहीं हुआ, इसलिए उसे लगता है कि ये नामुमकिन है.

parliament liveराफेल मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी का प्रहार

मोदी ने कांग्रेस द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक का मखौल उड़ाने का भी जिक्र किया. कांग्रेस के उस दावे पर कि सर्जिकल स्ट्राइक तो मनमोहन सरकार में भी हुए, लेकिन ढिंढोरा नहीं पीटा गया. मोदी ने मनमोहन सरकार में सर्जिकल स्ट्राइक की संभावना को ही खारिज कर दिया.

मोदी बोले, 'कांग्रेस की सरकार में सर्जिकल स्ट्राइक की नहीं सोच सकते थे. जवानों को बुलेट प्रूफ जैकेट तक नहीं दिए गए. जूते तक नहीं मिले. सर्जिकल स्ट्राइक कहां से हो पाता और इसका फैसला कौन लेता?' ऐसा लगता है जैसे मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा खुद को 'डरपोक' कहने जाने पर रिएक्ट कर रहे हों.

तमाम बातों के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस को ही चुनौती दे डाली - 'मैं गंभीर आरोप लगा रहा हूं. आप नहीं चाहते कि वायु सेना मजबूत हो. आप किस कंपनी के लिए काम कर रहे हो?'

कांग्रेस के आरोपों को हंसी-मजाक बनाने की तैयारी

बीजेपी सरकार का अब तक का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए मोदी ने कहा कि तुलना '55 साल बनाम 55 महीने' की सरकार में होनी चाहिये.

मोदी ने कहा, 'जब हम इतिहास की बात करते हैं तो 1947 से 2014 की बात करते हैं. कांग्रेस में हमारे मित्र दो ही टाइम पीरियड देखते हैं. पहला BC, जो उनके लिए 'बिफोर कांग्रेस' है - जब कुछ भी नहीं हुआ और दूसरा है AD यानी 'आफ्टर डायनेस्टी' - जब सब कुछ हुआ. साढ़े चार साल पहले क्या होता था और आज क्या है, सब दिखता है.'

अमीरो की सरकार बोलने जाने पर मोदी ने कहा, 'साढ़े चार साल में 10 करोड़ से ज्यादा शौचालय बने हैं, देश के 10 करोड़ अमीरों के लिए मैंने शौचालय बनाए हैं, क्योंकि ये लोग कहते हैं कि मेरी सरकार अमीरों के लिए है.'

मोदी संसद में वैसे ही कांग्रेस की बखिया उधेड़ने में लगे रहे जैसे चुनावी रैलियों में हुआ करता है. ऐसा भी नहीं कि ये ऐसा पहला मौका रहा. ऐसा ही चुनावी भाषण मोदी ने कर्नाटक चुनाव से पहले भी दिया था - और कई मौकों पर समझाते रहे हैं कि वो कांग्रेस के पाप धो रहे हैं.

कांग्रेस के साथ साथ मोदी ने समूचे विपक्ष को भी निशाने पर लिया और विपक्षी एकता को 'महामिलावट' की संज्ञा दे डाली. मोदी ने कहा - 'कोलकाता में एक साथ आते हैं, राज्यों में एक-दूसरे का मुंह नहीं देखते.' तत्काल ही मोदी ने लोगों को आगाह भी कर दिया, 'हेल्दी डेमोक्रेसी वाले लोग 'महामिलावट' से दूर रहेंगे.'

संसद में मोदी के भाषण से ऐसा लगता है बीजेपी ने आम चुनाव में विपक्ष से मुकाबले की पूरी तैयारी कर ली है - और चुनाव प्रचार में मुख्य रूप से तीन बातों पर फोकस हो सकता है -

1. कांग्रेस के गंभीर से गंभीर आरोपों को बीजेपी हंसी-मजाक में लेते हुए लोगों को समझाएगी कि झूठ बोलना पार्टी नेताओं की फितरत है. इसलिए कांग्रेस के किसी भी आरोप को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है.

2. जब भी रोजगार या कर्जमाफी जैसी बातें उठेंगी बीजेपी संबंधित क्षेत्रों से तरह तरह के आंकड़े पेश कर विपक्ष के आरोपों को जोर देकर खारिज करेगी, ताकि लोगों का ध्यान उस पर जाये ही नहीं.

3. लोगों को समझाएगी कि विपक्षी नेताओं के गठबंधन को सत्ता सौंपना देश के लिए खतरनाक हो सकता है. अब तक का मोदी सरकार का सारा किया हुआ काम मिट्टी में मिल जाएगा.

ऐसे मौका तो विरले ही आ सकता है जब भाषण पर ताली बजाने वाले लोग सामने बैठे हों और जो पार्टी निशाने पर पर उसके बड़े नेता भी आस पास मौजूद हों - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ताजा भाषण बिलकुल ऐसे ही माहौल में हुआ है.

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