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Updated: 07 फरवरी, 2019 06:01 PM
अनुज मौर्या
अनुज मौर्या
  @anujmaurya87
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लोकसभा चुनाव से पहले सिर्फ कांग्रेस ही नहीं है, जिसे लेकर भाजपा चिंता में है, बल्कि ट्विटर भी भाजपा नेताओं की चिंता का सबब बन चुका है. भाजपा का आरोप है कि ट्विटर पक्षपाती रवैया अपना रहा है और ऐसे बहुत से लोगों के अकाउंट डिलीट कर कर चुका है, जो भाजपा जैसी विचारधारा रखते हैं. ये मामला अब छोटा नहीं रहा. इसे लेकर भाजपा के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा समेत करीब 1000 भाजपा समर्थकों ने दिल्ली के ट्विटर इंडिया के दफ्तर के सामने प्रदर्शन तक किया है. इतना ही नहीं, अब ये मामला संसदीय स्थायी समिति तक पहुंच चुका है.

इस मामले पर चिंता जताते हुए भाजपा की ओर से कुछ लोगों ने संसदीय स्थायी समिति के चेयरमैन और लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर से मुलाकात की थी. अब समिति ने ट्विटर को समन भेजा है और 11 फरवरी को इस मामले पर बात की जाएगी. अब सवाल ये उठ रहा है कि जिन ट्विटर अकाउंट्स को ट्विटर ने बंद किया है वह वाकई में फेक अकाउंट थे या फिर विपक्ष ने कोई साजिश की है? क्या ट्विटर भाजपा के खिलाफ काम कर रहा है? क्या वह कांग्रेस से मिला हुआ है? सबसे अहम सवाल कि क्या वाकई ट्विटर ऐसा कर सकता है? कम से कम भाजपा समर्थकों और प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा का तो यही सोचना है कि ट्विटर कांग्रेस के साथ मिलकर भाजपा के खिलाफ काम कर रहा है.

ट्विटर, भाजपा, कांग्रेस, लोकसभा चुनाव 2019ट्विटर पर आरोप है कि वह भाजपा जैसी विचारधारा रखने वालों के अकाउंट डिलीट कर रहा है.

भाजपा को किया जा रहा है टारगेट?

पिछले कुछ दिनों से ट्विटर पर लोगों के फॉलोअर्स कम होने की शिकायत आ रही थी और ये भी आरोप लग रहा था कि ट्विटर कुछ यूजर्स के अकाउंट बैन कर रहा है. अब ये मामला राजनीतिक हो चुका है, जिसे लोकसभा चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है. यही वजह है कि भाजपा की ओर से 20 लोगों ने अनुराग ठाकुर से मिलकर इसकी शिकायत की है. भाजपा के गुड़गांव सोशल मीडिया सेल के को-कन्वेनर वाई के शर्मा ने तो ट्विटर पर आरोप लगाते हुए कहा है- 'अगर आप बैन ही कर रहे हैं तो सबको बैन करिए, हमें टारगेट क्यों कर रहे हैं?'

90 लाख यूजर हुए कम

अगर सिर्फ 2018 की बात करें तो पिछली दो तिमाही से ट्विटर की रिपोर्ट दिखाती है कि यूजर्स की संख्या कम हुई है. ट्विटर के अनुसार ये कमी इसलिए आई है, क्योंकि उसने बहुत सारे फेक अकाउंट और गुमराह करने वाले अकाउंट डिलीट किए हैं. पिछली दो तिमाही में ट्विटर के करीब 90 लाख यूजर कम हुए हैं. पिछले साल अमेरिका में भी ट्विटर को इसी तरह की आलोचना झेलनी पड़ी थी. आरोप लगा था कि फेक अकाउंट बैन करने की आड़ में ऐसे अकाउंट्स को बैन किया जा रहा है, जो रिपब्लिकन पार्टी जैसी विचारधारा रखते हैं. इसके चलते ट्विटर के सीईओ जैक डोरसी को समन भी किया गया था. हालांकि, उन्होंने आरोपों को नकारते हुए तर्क दिया था कि ट्विटर का एल्गोरिद्म कोई पक्षपात नहीं करता है.

जिसे ट्विटर फेक अकाउंट कह रहा है, उसे तजिंदर बग्गा भाजपा को समर्थन करने वाले और दक्षिणपंथी विचारधारा रखने वाले कह रहे हैं. किसकी मानें? ट्विटर की या तजिंदर बग्गा की? खैर, भाजपा की ओर से अनुराग ठाकुर से मिले लोग अपने साथ कई दस्तावेज लेकर गए थे, जिनसे इस बात को साबित किया जा सके कि ट्विटर दक्षिणपंथी विचारधारा वाले ट्विटर अकाउंट डिलीट कर रहा है. अब 11 फरवरी को इस मामले को लेकर संसदीय स्थायी समिति की बैठक होगी. ये देखना दिलचस्प होगा कि उस बैठ के बाद ट्विटर कांग्रेसी होने के आरोप से मुक्त हो पाता है या नहीं.

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