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Updated: 12 अगस्त, 2019 02:13 PM
पारुल चंद्रा
पारुल चंद्रा
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पाकिस्तान और भारत के रिश्ते जब-जब खराब हुए, भारत से एक आवाज जोर-शोर से सुनाई आती कि पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में काम देना बंद करो. इसपर जमकर राजनीति भी हुई और फिर पाकिस्तानी कलाकारों को काम देना भी बंद हो गया. ऐसा करके भारत ने अपना गुस्सा जाहिर किया और पाकिस्तानी कलाकारों की भारत में दुकान बंद करके भारतीयों का आत्म सम्मान भी बना रहा. आज इसी स्थिति में पाकिस्तान है. जो हमेशा भारत में हुआ करता था वो आजकल पाकिस्तान में हो रहा है. यानी पाकिस्तान के खिलाफ जो फैसले भारत किया करता था वो इस बार पहले पाकिस्तान ने किए, जैसे व्यापारिक संबंध तोड़ना, पाकिस्तान में भारतीय फिल्में बैन कर देना आदि. लेकिन कलाकारों को लेकर जो राजनीति भारत में होती थी वो Mika Singh की वजह से पाकिस्तान में हो रही है.

Mika Singhकराची में परफॉर्मेंस देने पर मीका सिंह की आलोचना हो रही है

सिंगर मीका सिंह इन दिनों भारत और पाकिस्तान के बीच पिस गए हैं, दोनों तरफ से जमकर गालियां खा रहे हैं. पाकिस्तान में परफॉर्म करके जो आए हैं. वो भी तब जब पाकिस्तान ने भारत के साथ सभी व्यापारिक संबंध तोड़ लिए हैं. दरअसल 8 अगस्त को मीका सिंह को पाकिस्तान के कराची में एक अरबपती की बेटी की शादी में गाना गाने के लिए बुलाया गया था, जो पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ का रिश्तेदार भी है. सामने वाली पार्टी रईस थी, और दुल्हा मीका का फैन था जो मीका को लाइव सुनना चाहता था. सो दुल्हे की इच्छा की खातिर मीका को अच्छे खासे पैसे देकर बुलाया गया था. बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम के लिए मीका सिंह को करीब डेढ़ लाख डॉलर यानी करीब डेढ़ करोड़ रुपए दिए गए थे. साथ ही ऊंची पहुंच लगवाकर मीका एंड टीम का वीजा क्लीयर करवाया गया था.

मीका ने प्रोफेशनल सिंगर के तौर पर पाकिस्तान में कार्यक्रम दिया, लेकिन कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही बवाल हो गया. मीका सिंह पर पाकिस्तान की राजनीति गर्माना तय था क्योंकि ये वो समय था जब पाकिस्तान भारत से रिश्ते खत्म कर अपने आत्मसम्मान को बचाने की कोशिश कर रहा था. ऐसे में पाकिस्तान से सवाल उठे कि आखिर पाकिस्तान में आने के लिए इन्हें वीजा किसने दिया?

पाकिस्तान की पत्रकार नायला इनायत ने मीका का वीडियो शेयर किया. उन्होंने लिखा, ‘देखकर खुश हूं कि हाल ही में कराची में मीका सिंह ने जनरल मुशर्रफ के रिश्तेदार के यहां मेंहदी की रस्म में परफॉर्म किया. अगर यही चीज नवाज शरीफ के रिश्तेदार के यहां होती तो गद्दारी के हैशटैग चल रहे होते.’

पाकिस्तान की तरफ से ये सवाल भी उठे कि देशभक्ति क्या सिर्फ गरीबों के लिए होती है, अमीरों का देशभक्ति से कोई लेना देना नहीं होता. मीका को बुलाने वाले अमीर हैं तो लानत है ऐसी दौलत पर.

बताया जा रहा है कि मीका को 29 जुलाई को 30 दिन का वीजा दिया गया था जिसमें मीका सिंह ने कराची में कार्यक्रम देने के अलावा ननकाना साहब और करतारपुर साहिब भी दर्शन के लिए गए थे.

विरोध तो भारत की तरफ से भी है, लेकिन उतना नहीं जितना पाकिस्तानी कलाकारों के भारत में परफॉर्म करने पर होता था. हालांकि मीका सिंह को शर्म करने की सलाह भारतीय दे रहे हैं. लेकिन भारत की तरफ से प्रतिक्रियाएं ऐसी भी हैं कि मीका सिंह ने पाकिस्तानी इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री पर सर्जिकल स्ट्राइक कर दी.

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गौर करने वाली बात है कि भारत से भी मीका सिंह के विरोध में सिर्फ आम आदमी की आवाजें सुनाई दे रही हैं, जो भारत की इज्जत की खातिर मीका का बायकॉट करने की भी बात कर रहे हैं. लेकिन बॉलीवुड या फिर राजनीतिक गलियारों से अभी तक मीका सिंह के विरोध में कोई आवाज नहीं आई है.

पाकिस्तान इस वक्त वही झेल रहा है जो कभी भारत झेला करता था. जब पाकिस्तानी कलाकार भारत में परफॉर्म करते तो यहां भी जमकर राजनीति होती थी. आम आादमी हो या राजनीतिक पार्टियां पाकिस्तानी कलाकार बैन करो के नारे लगा करते थे. वहां भी सरकार पर उंगलियां उठ रही हैं. विरोध किया जा रहा है. क्योंकि अब मीका सिंह का पाकिस्तान जाकर गाना गाना पाकिस्तान को अपने चेहरे पर तमाचे की तरह लग रहा है.

कलाकार चाहे पाकिस्तान के हों या भारत के उनका एक दूसरे के देश में परफॉर्मेंस देना कभी किसी को फूटी आंख नहीं सुहाता, खासकर जब तनाव हो. लेकिन देशभक्ति से भी बड़ी एक सच्चाई होती है, जो है पैसा. आप इसे प्रोफेशनलिज्म भी कह सकते हैं. मीका को वीजा 29 जुलाई को दिया गया. और ये वो समय था जब पाकिस्तान और भारत के बीच इस तरह की कोई बात नहीं थी. सभी जानते हैं कि 5 अगस्त को कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने का ऐलान किया गया था और उसके बाद ही पाकिस्तान से प्रतिक्रिया आनी शुरू हुई थी. मीका की परफॉर्मेंस के पहले ही पाकिस्तान ने संबंध तोड़ दिए तो मीका क्या कॉन्ट्रैक्ट तोड़ देते? लेकिन मामला अगर 10 करोड़ का हो तो मीका सिंह रिस्क लेना ज्यादा पसंद करेंगे. उन्होंने सभी बातों को दरकिनार कर अपने काम पर फोकस किया बस. अब से अगर पाकिस्तानी इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री पर सर्जिकल स्ट्राइक कहें तो यही सही. लेकिन हम तो यही कहेंगे- बाप बड़ा न भइया...सबसे बड़ा रुपैया!

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लेखक

पारुल चंद्रा पारुल चंद्रा @parulchandraa

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं

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