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Updated: 06 नवम्बर, 2019 10:02 PM
बिलाल एम जाफ़री
बिलाल एम जाफ़री
  @bilal.jafri.7
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पाकिस्तान और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री चर्चा में हैं कारण बना है करतारपुर कॉरिडोर (Kartarpur Corridor).पाकिस्तान में स्थित करतारपुर साहिब पर गुरु नानक के 550वें प्रकाश पर्व की तैयारियां जोरों पर चल रही है. 9 नवंबर को इस कॉरिडोर का उद्घाटन होना है. माना जा रहा है कि पाकिस्तान में इमरान खान(Imran Khan) और भारत में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इस कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे. करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन होने में कुछ समय अभी शेष है. इसके अलावा जैसा रुख पाकिस्तान और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का भारत के प्रति है उसने कई आशंकाओं को जन्म दे दिया है. माना जा रहा है कि धर्म की आड़ लेकर पाकिस्तान इस कॉरिडोर का इस्तेमाल भारत में आतंकियों को भेजने के लिए भी कर सकता है. ध्यान रहे कि चाहे वो कश्मीर मसला (Kashmir Issue) रहा हो या आतंकवाद बीते कुछ दिनों से पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और पाकिस्तान इन दोनों ही मुद्दों पर मुंह की खा रहा है और विश्व भर के सामने आलोचना का शिकार हो रहा है. मुफ़लिसी और खस्ताहाली में जीते पाकिस्तान के लिए, करतारपुर कॉरिडोर को एक बड़ा प्रोजेक्ट इसलिए भी माना जा सकता है क्योंकि, इससे जहां एक तरह पाकिस्तान कि लगातार गिरती हुई अर्थव्यवस्था संभलेगी. तो वहीं दूसरी तरफ ये कॉरिडोर विश्व पटल पर आलोचना का शिकार होते पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को राजनीतिक फायदा भी पहुंचाएगा.

करतारपुर कॉरिडोर, इमरान खान, पंजाब, नवजोत सिंह सिद्धू, कैप्टन अमरिंदर सिंहकरतारपुर कॉरिडोर के कारण पाकिस्तान और देश के प्रधानमंत्री इमरान खान दोनों ही सुर्ख़ियों में हैं

जैसा कि हम उपरोक्त पंक्तियों में पाकिस्तान की नीयत का जिक्र कर चुके हैं साथ ही हम इस बात का भी हवाला दे चुके हैं कि सिख धर्म के प्रचार प्रसार के लिए पाकिस्तान की ये पहल कुछ आशंकाओं को भी जन्म दे रही है. तो आइये जानें उन 5 आशंकाओं को जिनको देखकर इस बात का अंदाजा हो जाता है कि सिख धर्म के नाम पर पाकिस्तानी की तरफ से एक बड़ा दाव खेला गया है.

कश्मीरियों के बाद खालिस्तानी आतंकियों के सहारे पाकिस्तान

करतारपुर साहिब में गुरु नानक के 550वें प्रकाश पर्व की तैयारियां जोरों पर हैं. जैसा कि हम बता चुके हैं 9 नवंबर को इस कॉरिडोर का उद्घाटन होना है मगर इस उद्घाटन से पहले ही पाकिस्तान सुर्ख़ियों में आ गया है. कारण बना है एक विडियो. पाकिस्तानी सरकार ने करतारपुर साहिब के लिए एक आधिकारिक गाना लॉन्च किया है, तीन हिस्सों में पोस्ट किए गए इस गाने में जरनैल सिंह भिंडरावाले समेत अन्य खालिस्तानी लीडर्स की तस्वीर भी इस वीडियो में दिखाई गई है.

आपको बताते चलें कि वीडियो में एक हिस्सा है, जहां पर जरनैल सिंह भिंडरावाले, अमरीक सिंह खालसा और मेजर जनरल (निष्कासित) शाहबेग सिंह की तस्वीर लगे पोस्टर को दिखाया गया है. तीनों खालिस्तान समर्थकों को 1984 में हुए ऑपरेशन ब्लूस्टार के दौरान मार गिराया गया था. जरनैल सिंह भिंडरावाले एक खालिस्तानी समर्थक नेता था, जिसने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. वहीं अमरीक सिंह खालसा भी खालिस्तान समर्थक था, जिसने ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट फेडरेशन को चलाया था. वहीं अगर बात शाहबेग सिंह की करें तो ऑपरेशन ब्लूस्टार के वक्त शाहबेग ने भिंडरावाले का साथ दिया था.

एक ऐसे समय में जब भारत की सरकार आतंकवाद या फिर आतंक के किसी भी स्वरुप के प्रति बेहद गंभीर हो पाकिस्तान की तरह से इस तरह के विडियो ने ये साफ़ साफ़ बता दिया है कि कश्मीर की आड़ में व्यर्थ का हो हल्ला मचाने और प्रोपोगेंडा फैलाने वाला पाकिस्तान अब खालिस्तानी आतंकियों को अपने विडियो में दिखा कर हार्डलाइनर सिखों की सहानुभूति हासिल करना चाहता है.पाकिस्तान की इस हरकत ने न सिर्फ ये बताया है कि पाकिस्तान की तरफ से शांति और अमन की बातें झूठी हैं. साथ ही उसने ये भी बता दिया है कि इस मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है.

करतारपुर कॉरिडोर को लेकर सही तो कह रहे हैं कैप्टन अमरिंदर

करतारपुर कॉरिडोर के सन्दर्भ में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज तक / इंडिया टुडे के साथ विस्तृत बातचीत की है और पाकिस्तान पर तमाम तरह के गंभीर आरोप लगाए हैं.  पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने कहा है कि  एक सिख होने के नाते वह काफी खुश हैं लेकिन बतौर मुख्यमंत्री उन्हें पाकिस्तान की नियत पर काफी शक होता है. कैप्टन ने कहा कि करतारपुर साहिब खुलने पर एक सिख के तौर पर मैं काफी खुश हूं, सिर्फ मैं नहीं हर सिख आज खुश है. लेकिन पाकिस्तान की नियत पर शक होता है, क्योंकि उन्होंने 70 साल बाद ऐसा किया है.

कैप्टन का मानना है कि पाकिस्तान की इस पहल के पीछे आईएसआई का हाथ है. कह सकते हैं कि कहीं न कहीं इस कॉरिडोर का इस्तेमाल करके पाकिस्तान आतंकवाद की नर्सरी को अब कश्मीर के अलावा पंजाब में भी चलाना चाहता है.

सचेत कर चुका है इंटेलिजेंस

आतंकवाद और पाकिस्तान का चोली दामन का साथ है. जिन हालात में आज पाकिस्तान का सिस्टम काम कर रहा है ये कहना कहीं से भी गलत नहीं है कि पाकिस्तान आतंकवाद को एक जरूरत की तरह देखता है. बात पाकिस्तान समर्पित आतंकवाद पर हो रही है तो हमारे लिए भी ये बताना बहुत जरूरी है कि देश की रक्षा एजेंसियां पहले ही भारत को सहेत कर चुकी हैं कि वो सावधान रहे. जैसी आशंका है माना यही जा रहा है कि आज नहीं तो कल पाकिस्तान अपना असली चेहरा दिखा ही देगा.

बात इंटेलिजेंस एजेंसियों की हुई है तो बता दें कि इंटेलिजेंस ने दावा किया है कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आतंकियों को प्रशिक्षित करने का काम शुरू हो गया है.  गौरतलब है कि पिछले दिनों पंजाब में पाकिस्तानी ड्रोनों द्वारा हथियारों की तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं.इसलिए अब इस खुलासे ने पाकिस्तान की नापाक साजिश की पोल खोल दी है.

सिद्धू के नाम पर भारतीय सिखों का विश्वास जीतना चाहता है पाकिस्तान

करतारपूर कॉरिडोर मामले में जो बात सबसे ज्यादा दिलचस्प और साथ ही विचलित करने वाली है वो है नवजोत सिंह सिद्धू. सिद्धू पर जिस तरह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री प्यार उड़ेल रहे हैं. उसने एक साथ कई सवालों को जन्म दे दिया है. आशंका जताई जा रही है कि एक बहुत ही सोची समझी रणनीति के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान सिद्धू से नजदीकियां बढ़ा रहे हैं. एक बड़ा वर्ग है जिसका मानना है कि अपनी इस पहल से पाकिस्तान आम भारतीय सिक्खों के दिल में पाकिस्तान के प्रति हमदर्दी पैदा करना चाह रहा है.

इस वक़्त सिद्धू किस हद तक पाकिस्तान के मोह में हैं इसे हम पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर की उस बात से समझ सकते हैं जिसमें उन्होंने कहा है कि, 'जब इमरान खान ने शपथ ली तो नवजोत सिंह सिद्धू को बुलाया गया, शपथ से पहले PAK सेना के जनरल ने सिद्धू को बताया कि हम करतारपुर कॉरिडोर खोल रहे हैं. जबकि वहां तब इमरान खान प्रधानमंत्री भी नहीं बने थे.'

इसके अलावा खुद रही गई कसर पाकिस्तन के उस विडियो ने पूरी कर दी है जिसका उपरोक्त बिन्दुओं में जिक्र हुआ है. करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के तहत जो विडियो पाकिस्तान ने बनाया है उसमें नवजोत सिंह सिद्धू भी दिखाई पड़ रहे हैं.

कॉरिडोर के जरिये पैसा बनाना चाहता है पाकिस्तान

पाकिस्तान के सन्दर्भ में अगर आतंकवाद के इतर कोई बात हो तो बेरोजगारी और कर्जा वो मुद्दे हैं. जिन्हें लेकर पाकिस्तान लंबे समय से बैकफुट पर है. अब जबकि kartarpur कॉरिडोर का उद्घाटन होने में थोड़ा ही समय बचा हुआ है तो एक बड़ा वर्ग है जो इस बात की आशंका जाता रहा है कि अपनी इस योजना के जरिये पाकिस्तान सिर्फ और सिर्फ पैसा कमाना और उस पैसे से अपने कर्जे की भरपाई करना चाहता है.

ध्यान रहे कि पूर्व में हम ऐसे तमाम मामले देख चुके हैं जहां kartarpur कॉरिडोर में आने वाले लोगों से पाकिस्तान ने मोटी फीस वसूलने की बात कही थी.

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लेखक

बिलाल एम जाफ़री बिलाल एम जाफ़री @bilal.jafri.7

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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