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Updated: 07 मई, 2022 04:11 PM
बिलाल एम जाफ़री
बिलाल एम जाफ़री
  @bilal.jafri.7
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बजरंग दाल... संगठन जो अपने को भारतीय संस्कृति का ध्वजवाहक और सनातन धर्म का रक्षक कहता है. जैसे ही संगठन का नाम हमारे सामने आता है. तो जो सबसे पहली तस्वीर हमारे अवचेतन में आती है. वो वेलेंटाइन डे की होती है. एक कपल की होती है. उस कपल को घेरे हुए कुछ लोगों की होती है. लिबरल बिरादरी का जैसा नजरिया बजरंग दल के प्रति है. ये लोग संगठन को फर्जी बताते हैं. लिबरल्स का बजरंग दल के प्रति ये नजरिये जाहिर करता है कि बिरादरी को ये संगठन एक फूटी आंख भी नहीं भाता. अब तक बजरंग दल की अवधारणा हिन्दुओं या ये कहें कि सनातन के लिए ही थी. देखा देखी का आलम कुछ यूं है कि अब मुसलमानों ने भी अपना बजरंग दल तैयार किया है. नाम दिया गया है मुस्लिम डिफेंस फ़ोर्स और दिलचस्प ये कि मुसलमानों के इस संगठन ने अपनी कार्यप्रणाली का श्री गणेश हिजाब विवाद के मद्देनजर हिजाब से किया है. 

खबर कर्नाटक के मैंगलोर से है. पब्लिक प्लेस पर बुर्का या हिजाब हटाने पर मुस्लिम लड़कियों के खिलाफ एक्शन की धमकी देने वाले मैसेज के लिए 'मुस्लिम डिफेंस फोर्स' नाम का एक व्हाट्सएप ग्रुप कर्नाटक में खूब सुर्खियां बटोर रहा है. पुलिस ने भी इस ग्रुप को गंभीरता से लिया है और इसे कौन लोग ऑपरेट कर रहे हैं? उसपर जांच जारी है.

Muslim Defense Force, Karnataka, Mangalore, Hijab, Burqa, Hardliner, Bajrang Dal, Hindutvaमुस्लिम डिफेंस फोर्स नामक व्हाट्सएप ग्रुप ने कहा है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का उतारने वाली लड़कियों की पिटाई करेंगे

व्हाट्सएप के अलग अलग ग्रुप्स में प्रसारित हो रहा 'मुस्लिम डिफेंस फोर्स' का ये मैसेज कन्नड़ भाषा में है. जिक्र अगर इस मैसेज का हो तो इसमें स्पष्ट शब्दों में इस बात का जिक्र किया गया है कि मॉल के बेसमेंट में, हमने कई लोगों को बुर्का पहने और गलत हरकतों को अंजाम देते देखा है. हमारे कार्यकर्ताओं ने उन्हें पहले ही चेतावनी दे दी है. अगर ऐसा दोबारा  हुआ तो फिर सजा दी जाएगी.  

मामले में दिलचस्प ये है कि व्हाट्सएप ग्रुप में संगठन की तरफ से पेरेंट्स को Do और Don't के लिए भी आगाह किया गया है. कहा गया है कि जब भी वे कॉलेज और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जाएं तो अपने बच्चों की निगरानी करें. वहीं कर्नाटक में व्हाट्सएप पर जो मैसेज चल रहे हैं उसमें ये भी कहा गया है कि मैंगलोर में मुस्लिम डिफेंस फोर्स के कार्यकर्ता मुस्लिम लड़कियों की 'निगरानी' कर रहे हैं. यदि उन्होंने बुर्का नहीं पहना है, तो उन्हें पीटा जाएगा.

मामले को लेकर मैंगलोर पुलिस और जिला प्रशासन सख्त है. पुलिस मुस्लिम डिफेंस फोर्स की तरफ से व्हाट्सएप पर भेजे गए  धमकी भरे संदेशों की निगरानी कर रही है. बात विवाद की वजह न बने इसलिए मैंगलोर पुलिस की तरफ से भी कुछ जरूरी गाइड लाइंस को जारी किया गया है. पुलिस ने माता-पिता को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी है कि उनके बच्चे सेल्फी और तस्वीरों के लिए सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का न उतारें, मुस्लिम समूह के सदस्यों द्वारा उन पर हमला किया जा सकता है.

जिक्र ग्रुप का हो तो हम फिर इस बात का जिक्र करना चाहेंगे कि ग्रुप अपने को मुस्लिम अधिकारों का हिमायती बता रहा है. ग्रुप का ये कहना है कि मुस्लिम महिलाएं, जो सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का पहनती हैं, वो सार्वजनिक स्थानों पर फोटो और सेल्फी लेने के लिए इसे निकाल नहीं सकतीं. ऐसा करने पर उन पर हमला किया जाएगा अपने आप में तमाम सवाल खड़े करता है. ग्रुप का ये रवैया इस बात के साफ़ संकेत दे रहा है कि शरीयत का हवाला देकर ग्रुप कट्टरपंथ को प्रमोट कर रहा है. 

ध्यान रहे ये सब हिजाब की आड़ में हुआ है. तो ये भी अपने में दिलचस्प है कि, जब अभी कुछ दिनों पहले कर्नाटक के उडुपी में शुरू हुआ हिजाब विवाद देशभर में फैला तो हिजाब के समर्थन में आए लोगों या बहुत साफ कहें तो मुसलमानों ने इस बात पर बल दिया था कि वो हिजाब अपनी मर्जी से पहन रहे हैं. लेकिन ये बात तब झूठ साबित होती है जब हम हिजाब पर मुसलमानों के बजरंग दल यानी 'मुस्लिम डिफेंस फोर्स का नजरिया और उस नजरिये के अंतर्गत दी जा रही धमकी को देखते हैं.  

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लेखक

बिलाल एम जाफ़री बिलाल एम जाफ़री @bilal.jafri.7

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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