होम -> सियासत

 |  4-मिनट में पढ़ें  |  
Updated: 05 अगस्त, 2019 01:24 PM
अनुज मौर्या
अनुज मौर्या
  @anujkumarmaurya87
  • Total Shares

काफी दिनों से कश्मीर को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे, जिनमें से एक था धारा 370 को हटाने का. मोदी सरकार चुनाव के दौरान 370 को हटाने की बात करती भी रही, जिसका उसे चुनावों में फायदा भी मिला. अब गृहमंत्री अमित शाह ने कश्मीर को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने धारा 370 को हटाने की सिफारिश की है. उन्होंने साफ कर दिया है कि 370 के सभी खंड लागू नहीं होंगे, सिवाय खंड-1 के. राष्ट्रपति ने इस प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे दी है. जैसे ही अमित शाह ने ये प्रस्ताव पेश किया, वैसे ही विपक्ष ने संसद में हंगामा करना शुरू कर दिया.

यूं तो अमित शाह के बयान से पहले से ही संसद में हंगामा शुरू हो गया था, लेकिन अमित शाह ने साफ किया कि वह हर किसी से सवालों का जवाब देंगे, जिसके बाद मामला थोड़ा संभला. हालांकि, जैसे ही अमित शाह ने धारा 370 के बारे में बोला, वैसे ही फिर हंगामा शुरू हो गया. इसके साथ ही अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर पुर्नगठन विधेयक 2019 और 10 फीसदी आरक्षण से जुड़ा बिल भी पेश किया. जहां एक ओर भाजपा 370 को हटाने के इस फैसले को सही बता रही है, वहीं विपक्ष इसके खिलाफ खड़ा है. सोशल मीडिया पर भी 370 को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं. 

धारा 370, कश्मीर, मोदी सरकार, अमित शाहजैसे ही अमित शाह ने धारा 370 हटाने के बारे में बोला, वैसे ही फिर हंगामा शुरू हो गया.

ये भी पढ़ें- मोदी की 'वापसी' से कश्‍मीर की धारा 370 पर निर्णायक फैसला संभव है

ये 3 बड़े फैसले लिए

1- धारा 370 को हटाने का प्रस्ताव.

2- लद्दाख को अलग कर के केंद्र शासित प्रदेश बनाने का प्रस्ताव.

3- जम्मू-कश्मीर को भी केंद्र शासित प्रदेश बनाने का प्रस्ताव.

सांसद ने कपड़े फाड़े, संसद में बुलाने पड़े मार्शल

सोशल मीडिया पर आर्टिकल 370 की खूब तारीफें हो रही हैं, लेकिन संसद का माहौल कुछ और ही है. गुलाम नबी आजाद ने जमीन पर बैठकर धरना देना शुरू कर दिया. राज्यसभा में ही पीडीपी के एक सांसद न अपने कपड़े तक फाड़ने शुरू कर दिए. ये सब देखते हुए सभापति ने संसद में मार्शल तक को बुलाने का आदेश दे दिया. कुछ सांसदों को संसद से बाहर भी करना पड़ा. गुलाम नबी आजाद ने इसे संविंधान की हत्या तक कह दिया है. महबूबा मुफ्ती ने भी 370 को हटाने पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है.

धारा 370 हटने के मायने

- अब कश्मीर में अलग झंडा नहीं होगा.

- संविधान अलग नहीं होगा.

- दोहरी नागरिकता का कॉन्सेप्ट भी खत्म हो जाएगा.

- देश के अन्य हिस्सों से भी लोग जम्मू-कश्मीर जाकर जमीन खरीद सकेंगे. 

- राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करना गुनाह होगा.

बसपा ने किया समर्थन

इसी बीच एक अच्छी बात ये सामने आ रही है कि बहुजन समाज पार्टी ने मोदी सरकार के इस फैसले का समर्थन कर दिया गया है. बसपा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि उनकी पार्टी इस फैसले का पूरा समर्थन करती है. हम चाहते हैं कि ये बिल पास हो. हमारी पार्टी धारा 370 से जुड़े विधेयक और बाकी विधेयकों के खिलाफ कोई विरोध नहीं जता रहे हैं.

ये भी पढ़ें- कश्मीरी नेताओं के पास धारा 370 और 35A के अलावा कोई और मुद्दा क्यों नहीं?

अगर सिर्फ सोशल मीडिया की बात करें तो जम्मू-कश्मीर को लेकर मोदी सरकार ने जो बयान दिया है, उससे सोशल मीडिया पर लोग काफी खुश हैं. लोग नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी की भी खूब तारीफें कर रहे हैं. अमित शाह को तो बॉस की तरह दिखाया जा रहा है. हालांकि, इसका विरोध करने वाले भी कम नहीं हैं और सोशल मीडिया पर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं. वह कह रहे हैं कि बिना किसी चर्चा के ही ये प्रस्ताव सरकार ने पेश कर दिया. सोशल मीडिया के अलावा संसद के बाहर भी हंगामा हो रहा है. पीडीपी के सांसद कश्मीर बचाओ और देश बचाओ का नारा लगा रहा है. संसद में लोकतंत्र बचाने का नारा लगाया जा रहा है.

ये भी पढ़ें-

शक मत करिए, अमित शाह कश्मीर मामले में अपना चुनावी वादा ही निभा रहे हैं

35A बहाना है मुद्दे से ध्यान हटाना है

भारत-विरोधी मुद्दे पर लड़ा जा रहा है कश्मीर में चुनाव

कश्मीर से जुड़ी धारा 370 पर पाकिस्तान का 'ऐतराज़' क़ाबिल-ए-कुटाई है!

Article 370, Amit Shah, Jammu And Kashmir

लेखक

iChowk का खास कंटेंट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक करें.

आपकी राय