होम -> सियासत

 |  7-मिनट में पढ़ें  |  
Updated: 01 नवम्बर, 2019 09:43 PM
बिलाल एम जाफ़री
बिलाल एम जाफ़री
  @bilal.jafri.7
  • Total Shares

आज के समय में सोशल मीडिया एक ऐसा माध्यम बन गया है, जिसका इस्तेमाल करते हुए कब कौन सी बात तिल का ताड़ बन जाया कुछ कहा नहीं जा सकता. वहीं इसके कुछ सकारात्मक पहलू भी हैं. सोशल मीडिया का कितना 'सोशल यूज' हो सकता है? अगर इस बात को समझना हो तो हम आस्था वर्मा नाम की ट्विटर यूजर की प्रोफाइल का रुख सकते हैं. आस्था की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. तस्वीर में आस्था के साथ उनकी मां हैं. उस तस्वीर के माध्यम से आस्था अपने लिए पिता और अपनी मां के लिए पति तलाश कर रही हैं. अपनी मां के लिए योग्य पति तलाश करने वाली आस्था ने अपने इस पोस्ट में उन खूबियों का भी जिक्र किया है जो उस व्यक्ति में होनी चाहिए जो उनकी मां से शादी करने वाला है. बात अगर आस्था के इस पोस्ट की हो तो आस्था ने ये पोस्ट पूरी गंभीरता के साथ डाला था. मगर इस पोस्ट पर जैसी लोगों की प्रतिक्रिया आ रही हैं वो ये बताने के लिए काफी है कि लोगों का सोचने का नजरिया बहुत संकीर्ण है और वो गंभीर बातों को एक मजाक से ज्यादा कुछ और नहीं समझते हैं.

आस्था वर्मा, ट्विटर, ट्रोलिंग, समाज, Aastha Varma आस्था वर्मा के साथ जो ट्विटर यूजर ने किया उसने हमारे समाज की दिशा और दशा बता दी है

आस्था वर्मा ने ट्विटर पर अपनी मां के साथ सेल्फी डालते हुए ट्वीट किया है और लिखा है की 'अपनी मां के लिए 50 साल के सुंदर व्यक्ति की तलाश कर रही हूं. इसके अलावा आस्था ने अपने इस ट्वीट में कुछ शर्तें भी लिखी हैं. आस्था के अनुसार उन्हें अपनी मां के लिए एक ऐसा व्यक्ति चाहिए जो शाकाहारी हो, शराब ना पीता हो और साथ ही जो संपन्न होना चाहिए.

आस्था के इस पोस्ट पर सबसे दिलचस्प रुख उन लोगों का रहा है जिनके नाम के आगे नीला टिक लगा है. यानी जिनके ट्विटर अकाउंट वेरीफाइड हैं. बात अगर ट्विटर वेरीफाइड एकाउंट्स की हो तो इस मामले के इतर प्रायः यही देखा गया है कि किसी भी मुद्दे को राई से पहाड़ बनाने में इनका अहम योगदान रहा है मगर इस मुद्दे पर ट्विटर के ये सेलेब्रिटी लोग कंधे से कंधा मिलाकर आस्था के साथ खड़े हुए हैं.

आईएएस ऑफिसर डॉक्टर दिव्या एस अय्यर ने आस्था को बधाई देते हुए लिखा है कि उनकी ये पहल वाकई काबिले तारीफ है.

ट्विटर सेलेब्रिटी में शुमार और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओएसडी निधि कामदार ने भी आस्था की इस पहल की सराहना की है और लिखा है कि ये बहुत अलग है और ट्विटर का बहुत अच्छा और बोल्ड इस्तेमाल किया गया है.

वहीं रेड एफएम की आरजे मीरा ने भी आस्था के इस प्रयास की तारीफ की है और परिवर्तन की दिशा में इसे एक बड़ा कदम बताया है.

बहरहाल हमने बात की शुरुआत उन लोगों के रिप्लाई से की थी जिन्होंने एक बेटी द्वारा अपनी मां की शादी की बात को एक मजाक की तरह लिया है. आस्था की पोस्ट पर जिस तरह के रिप्लाई आए हैं उन्हें देखकर इस बात का यकीन हो जाता है कि भले ही आस्था ने परिवर्तन की अलख जगाई हो मगर गंभीर विषयों के प्रति जो लोगों का नजरिया है उन्हें केवल अपने मनोरंजन से मतलब है.

आइये नजर डालें उन प्रतिक्रियाओं पर जो आस्था के इस पोस्ट पर आई हैं और समझने का प्रयास करें कि कैसे हमारा समाज एक बहुत ही गंभीर बात को बहुत हलके में ले रहा है.

इतने गंभीर मसले पर व्यक्ति कितना गिर सकता है इसे हम धीरज मेस्सी के उस पोस्ट से समझ सकते हैं जो उन्होंने डाला है. अपने रिप्लाई में धीरज ने विल्सन नाम के किसी व्यक्ति का स्क्रीन शॉट लिया है जो ये बताता है कि हमारा समाज कहां अ गया है.

@ganeshk2014 के रिप्लाई पर गौर करें तो मिलता है कि उन्होंने राहुल गांधी की तस्वीर डाली है. एक बेहद गंभीर मसले पर राहुल गांधी की ये तस्वीर तमाम सवाल खड़े करती है.

मामले में दिलचस्प बात ये है कि लोगों की प्रतिक्रिया देखकर आस्था बिलकुल भी आहात नहीं हैं और वो लोगों को उसी अंदाज में जवाब दे रही हैं जिस अंदाज में वो उनसे सवाल कर रहे हैं.

सवाल ये है कि आखिर इतने बड़े मसले पर बेतुकी बातें करके लोग क्या साबित करना चाह रहे हैं.

@KickAssBadasss नाम के ट्विटर यूजर ने जो रिप्लाई किया है उसको देखकर इस बात का यकीन हो जाता है कि लोगों की मानसिकता बदलने में अभी लंबा वक़्त लगेगा.

@BabbuSingh420 ने जो प्रतिक्रिया दी है और जिस तरह उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तस्वीर का इस्तेमाल किया है बता देता है कि दोष हमारे समाज का नहीं बल्कि परवरिश का है.

ऐसे भी तमाम यूजर हैं जो आस्था को ज्ञान दे रहे हैं कि वो गलत जगह पर अपने पिता के लिए रिश्ता खोज रही हैं. ऐसे लोगों को भी आस्था ने खूब जवाब दिया है और कहा है कि वो इस बात को जानती हैं मगर यहां ढूंढने में कोई हर्ज इसलिए भी नहीं है क्योंकि यहां पर उनकी आवाज सुनी जाएगी.

आस्था के इस इस ट्वीट को अब तक चार हजार 600 लोगों ने री ट्वीट किया है जबकि तकरीबन 21 हजार लोगों ने इसे पसंद किया है और इसपर प्रतिक्रियाएं हर अंदाज में आ रही हैं. मामले पर जिस तरह लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं उन्हें देखकर इस बात का एहसास हो गया है कि आस्था के इरादे तो सही थे मगर अपनी बात रखने के लिए जिस प्लेट फॉर्म का इस्तेमाल उन्होंने किया वो अभी इतना मैच्योर नहीं हुआ है कि उनकी बात को समझे. आस्था को समझना चाहिए था कि ट्विटर मौजमस्ती और चुहल से ज्यादा और कुछ नहीं है.

ये भी पढ़ें -

ट्रोलिंग के शिकार लोगों को Kalki Koechlin से कुछ सीख लेनी चाहिए!

राष्ट्रगान पर खड़े होने की बहस में पीरियड का बहाना क्‍यों?

Perfect selfie कैसे लें? एक मिनट का संघर्ष भरा वीडियो

 

लेखक

बिलाल एम जाफ़री बिलाल एम जाफ़री @bilal.jafri.7

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

iChowk का खास कंटेंट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक करें.

आपकी राय