होम -> सिनेमा

 |  7-मिनट में पढ़ें  |  
Updated: 11 अक्टूबर, 2019 04:54 PM
पारुल चंद्रा
पारुल चंद्रा
  @parulchandraa
  • Total Shares

'The Sky is Pink' उन लोगों के लिए नहीं है जो केवल इंनटरटेन होने के लिए फ़िल्में देखते हैं. इंटरटेन तो आपको ऋतिक रौशन और टाइगर श्रॉफ की फिल्म 'war' कर देगी. लेकिन अगर भावनाओं और इमोशन्स को महत्व देते हैं तो तो प्रियंका चोपड़ा और फरहान अख्तर की फिल्म 'The Sky is Pink' आपको हिला डालने के लिए काफी है. 5 कारण जिनके लिए ये फिल्म देखना चाहिए-

1. फिल्में महसूस करते हैं तो ये फिल्म देख लीजिए

'The Sky is Pink' एक गंभीर फिल्म है. जिसे देखकर आप एक ही पल में मुस्कुराएंगे भी और उसी पल रो भी पड़ेंगे. इस फिल्म को आप एक इमोशनल ड्रामा कह सकते हैं. लेकिन ये फिल्म हमेशा आपको याद दिलाती रहेगी कि ये ड्रामा नहीं सच्चाई है जिसे पर्दे पर उतारा गया है. और चूंकि सच है इसलिए आप इस फिल्म से और भी जुड़ा हुआ महसूस करेंगे.

the sky is pink reviewफिल्म हंसाती भी है और रुलाती भी है

लेकिन इतना जरूर है कि इस फिल्म को देखकर आपकी आंखों से आंसू शर्तिया गिरेंगे, जिसे आप छिपा नहीं पाएंगे. लेकिन कहानी सिर्फ रुलाती नहीं है, फिल्म में बहुत ही balanced तरीके से खुशी और गम को एक साथ पुरोया गया है. इसलिए थिएटर से जब आप बाहर निकलेंगे तो आपके चेहरे पर खुशी ही होगी. यकीन कीजिए कि ये फिल्म आप देखेंगे नहीं बल्कि महसूस करेंगे.

#TheSkyIsPink is an emotional rollercoaster. One second you are wiping your teary eyes and the next second you have that shine in the eye as well. It tells you that human beings can be brave and beautiful too! @priyankachopra @FarOutAkhtar @RSVPMovies

Thread continues..

2. कहानी फिल्मी नहीं सच्ची है

फिल्म की निर्देशक शोनाली बोस हैं जिन्हें अनोखी कहानियों को पर्दे पर लाने के लिए जाना जाता है. जीवन के कड़वे सच जिसे अमूमन पर्दे पर दिखाया नहीं जाता वो शोनाली दिखाती हैं. और इसीलिए इस फिल्म की कहानी मनगढ़ंत नहीं है. ये कहानी 100% सच्ची है. कहानी मोटिवेशनल स्पीकर आयशा चौधरी के परिवार की है. आयशा चौधरी का किरदार फिल्म में जायरा वसीम ने निभाया है और आयशा के माता-पिता प्रियंका चोपड़ा और फरहान अख्तर हैं.

आयशा जानलेवा बीमारी pulmonary fibrosis से पीड़ित थीं और 18 साल की उम्र में दुनिया छोड़कर चली गई थीं. आयशा चौधरी को जन्म से ही SCID(Severe Combined Immuno-Deficiency) नाम की गंभीर बीमारी थी. 6 महीने की उम्र में आयशा का पहला bone marrow transplant किया गया था. इस transplant का वजह से आयशा को pulmonary fibrosis हो गया. ये वो बीमारी है जो फेफड़ों के टिशू को प्रभावित करती है जिससे सांस लेने में परेशानी होती है. 2010 में आयशा जब 13 साल की हुईं तब इस बीमारी का पता चला. आयशा के फेफड़ों की क्षमता केवल 35% थी जिसकी वजह से उसे चलने फिरने में दिक्कत होती थी. वो जल्दी थक जाती थी और उसे हर काम में मदद की जरूरत होती थी.

the sky is pink reviewआयशा की सच्ची कहानी पर आधारित है फिल्म

फिल्म में आप देखेंगे कि आयशा की मां अदिति और पिता कैसे अपनी बच्ची को बचाने के प्रयास करते हैं और किस तरह एक मजबूत मां अदिति अपनी बेटी के साथ आखिरी समय तक खड़ी रहती है, ये जानते हुए भी कि वो कुछ समय बाद नहीं रहेगी. 'The Sky Is Pink' में जीवन के उस बेहद नाजुक हिस्से को छुआ गया है, जिसे कभी छुआ नहीं गया. ये लव स्टोरी होते हुए भी एक फैमिली फिल्म है जिसे पूरा परिवार एक साथ देख सकता है.

Some films are more than just cinematic expressions. Many come as a lesson in which one has to live according to our circumstances.... #TheSkyIsPink is one such film. It encapsulates the true essence of life & death. Never given this rating, but this one deserves it! ⭐️⭐️⭐️⭐️⭐️

3. अगर माता-पिता हैं तो ये फिल्म देखनी ही चाहिए

फिल्म भले ही आयशा चौधरी के जीवन से प्रेरित हो लेकिन ये असल में आयशा के माता-पिता की कहानी है. जो उनके पूरे जीवन को दिखाती है- जिसमें प्यार भी दिखता है, टकरार भी दिखती है और साथ भी दिखता है. कहते हैं शादी के बाद दो लोगों को जीवन पूरी तरह से बदल जाता है, यहां आप उन माता-पिता के जीवन और संघर्षों को करीब से समझ पाएंगे जो अपने बीमार बच्चे को लेकर उम्र भर संघर्षरत रहते हैं. ये फिल्म उन्हीं पेरेंट्स के दर्द, हिम्मत और जज्बे को सेलिब्रेट करती है. ये फिल्म बहुतों के लिए सीख और हिम्मत देकर जाती है जो कहीं न कहीं इस दुख से जुड़े हैं. ये किसी के भी जीवन का एक बहुत संवेदनशील हिस्सा होगा, जिसे इस फिल्म के जरिए दिखाया जा रहा है. आप अगर माता-पिता हैं तो फिल्म आपको देखनी चाहिए. और अगर माता-पिता नहीं हैं तो इस फिल्म के जरिए ये जान लेगें कि कभी न हार मानने वाले माता-पिता कैसे होते हैं.

#TheSkyIsPink was so so emotional ! Not gonna lie, I sobbed. Loved it. @priyankachopra and @FarOutAkhtar are fantastic and the writing is so effective. Felt every minute of it. Go check it out in the theatre ya’ll!

4. प्रियंका चोपड़ा की शानदार अदाकारी के लिए

2016 में फिल्म 'जय गंगाजल' करने के 3 साल बाद प्रियंका चोपड़ा ने The Sky Is Pink के साथ वापसी की है. और इस फिल्म को देखने के बाद आप बहुत आसानी से समझ सकते हैं कि प्रियंका क्यों और कैसे हॉलीवुड में इतनी सफल रहीं. निश्चित तौर पर ये प्रयंका चोपड़ा की बेहरीन फिल्मों में से एक है. यीं तो प्रियंका फिल्म 'बर्फी'  के जरिए अपनी अदाकारी का लोहा पहले ही मनवा चुकी हैं लेकिन The Sky Is Pink में आपको परिपक्व प्रियंका चोपड़ा दिखाई देंगी. वो भले ही फिल्म में एक किशोर बच्चों की मां बनी हैं लेकिन स्टाइल और ग्लैमर की कोई कमी नहीं है. वो बेहतरीन थीं और इस सीरियस फिल्म में भी वो शानदार लग रही हैं.

It's a slap on the face of those who were saying that Priyanka doesn't have any influence in the west. Bitches she's been promoting her movie without any international production backing, on her own, in the major entertainment shows. The power @priyankachopra #TheSkyIsPink

5. जीवन के असल मायने समझाती है फिल्म

दुख की भी अपनी एक भाषा होती है और इस फिल्म के जरिए आप शायद उस भाषा को समझें. जीवन तो सुख और दुखों से ही मिलकर बना होता है. लेकिन फिल्म का आखिरी सीन ऐसा है जो आपको जीवन के असल मायने समझा देता है. आप ये समझेंगे कि जो पल आप सबसे कमजोर पड़ते हैं असल में उन्हीं पलों में आपको सबसे ज्यादा मजबूत होना होता है. वहां आप ये भी समझेंगे की किसी के आसमान का रंग गुलाबी क्यों होता है वहीं ये भी जानने की कोशिश करेंगे की आपके आसमान का रंग क्या है.

और फिर भी अगर स्टार और रिव्यू देखकर फिल्म देखने जाते हैं तो फिल्मी क्रिटिक्स ने इसे बहुत अच्छे रिव्यू दिए हैं. ये तस्वीर सब कुछ साफ कह रहा है.

the sky is pink review

ये भी पढ़ें-

The Sky is pink: खास लोगों की खास लोगों के लिए खास फिल्म

Bigg Boss ने जानबूझकर TRP की ओखली में सिर दिया, मूसल तो पड़ेंगी ही!

'बाला' और 'उजडा चमन' जैसी फिल्मों का बनना भी जरूरी है

 

लेखक

पारुल चंद्रा पारुल चंद्रा @parulchandraa

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं

iChowk का खास कंटेंट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक करें.

आपकी राय