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Updated: 04 जून, 2019 02:09 PM
श्रुति दीक्षित
श्रुति दीक्षित
  @shruti.dixit.31
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ऋतिक रोशन की फिल्म सुपर 30 का ट्रेलर (Super 30 Trailer) आ गया है. इस ट्रेलर में ऋतिक ने पटना के मैथ्स जीनियस आनंद कुमार का रोल अदा किया है जिनका सुपर 30 बैच हर साल IIT पहुंच जाता है. इस फिल्म में Virendra Saxena आनंद कुमरा के पिता के किरदार में हैं. Aditya Srivastava भी इस फिल्म में हैं जो ऋतिक के बॉस के रोल में दिख रहे हैं. मराठी फिल्मों की चर्चित एक्ट्रेस Mrunal Thakur आनंद कुमार के प्यार रितु रश्मी का किरदार निभा रही हैं. Super 30 Release Date 12 July 2019 रखी गई है. ट्रेलर में Vijay Varma भी हैं जिन्हें गली ब्वॉय फिल्म से शोहरत मिली है. विजय गली ब्वॉय में मोईन भाई का रोल निभा चुके हैं. सुपर 30 फिल्म में आनंद कुमार की कहानी है जो पटना के सबसे फेमस कोचिंग इंस्टिट्यूट को चलाते हैं.

सबसे पहले ट्रेलर की बात करते हैं जो शुरू होता है भारत देश के गरीब बच्चों की शक्लों से और बैकग्राउंड में आवाज़ भारत को थर्ड वर्ल्ड कंट्री बताती है यानी सस्ती मजदूरी वाला देश. इसके बाद आता है एक कोचिंग इंस्टिट्यूट का हेड जो आनंद कुमार के नाम पर स्टूडेंट्स को कोचिंग इंस्टिट्यूट में लाते हैं और लाखों-करोड़ों कमाते हैं. फिर एक दिन आनंद को समझ आता है कि ये गलत है और गरीब बच्चों को पढ़ाते हैं. ट्रेलर में एक डायलॉग है कि, 'अब राजा का बेटा राजा नहीं बनेगा. अब जो काबिल होगा वो राजा बनेगा.' ट्रेलर 1 बजे आने वाला था, लेकिन वो 1.30 बजे आया और ट्विटर पर ये ट्रेलर आने से पहले ही ट्रोल होने लगा.

दूसरी बात ऋतिक रोशन की बिहारी बोली. ऋतिक ने इसके लिए कोशिश बहुत की है, लेकिन वो इसे ठीक से बोल नहीं पा रहे हैं. ट्रेलर में उसकी समस्या ऋतिक की एक्टिंग है, हालांकि, कहानी अच्छी है और फिल्म की सफलता उसी के आधार पर हो सकती है.

बायोपिक नहीं है Super 30..

पहले जहां इस फिल्म को बायोपिक के तौर पर बनाया जा रहा था बाद में Super 30 को फिक्शन स्टोरी के तौर पर रखे जाने की बातें सामने आने लगीं. इसका सीधा सा कारण था Anand Kumar पर कई तरह के आरोप लगना. फिल्म की कहानी कहने को आनंद कुमार की जिंदगी से प्रेरित है जो 30 गरीब बच्चों को IIT की कोचिंग देते हैं. आनंद कुमार का दावा था कि इसमें से 26 बच्चे IIT में सिलेक्ट हो गए, लेकिन बाद में कई न्यूज रिपोर्ट्स में ये बातें सामने आईं कि ये गलत फैक्ट है और आनंद कुमार सिर्फ अपने आप को फेमस करना चाहते हैं. IIT दुनिया का सबसे कठिन एग्जाम है और ऋतिक रोशन के करियर में भी सुपर 30 फिल्म एक कठिन एग्जाम के तौर पर ही आई है.

 विवाद छिड़ने के बाद इस फिल्म को लेकर कई कड़े फैसले लिए गए थे. विवाद छिड़ने के बाद इस फिल्म को लेकर कई कड़े फैसले लिए गए थे.

किसी भी इंसान की सक्सेस स्टोरी पढ़ना या उसकी बातें करना अच्छा लगता है, यही कारण है कि ऐसे लोगों पर फिल्में भी बनाई जाती हैं. पर ये तभी हो सकता है जब पूरी तरह से सच हो. आनंद कुमार को लेकर कई तरह के विवाद सामने आते हैं. उनकी लोकप्रियता के कारण Ramanujan School of Mathematics में कई स्टूडेंट्स एडमीशन लेते हैं. आनंद कुमार मैथ्स के जीनियस हैं इसके बारे में किसी को कोई शक नहीं है, लेकिन उनकी सफलता कितनी बड़ी है इसके बारे में जरूर शक है.

Anand Kumar का जीवन किसी फिल्म से कम नहीं...

जिस गणित के प्रोफेसर को लेकर ये फिल्म बनाई गई है यानी आनंद कुमार उनका जीवन भी खुद किसी फिल्मी कहानी की तरह ही है. हिंदी मीडियम से पढ़े आनंद कुमार गणित के मास्टर हैं और ग्रैजुएशन करते-करते ही उन्होंने कई थ्योरी पर पेपर सब्मिट किए थे.

उन्हें कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में एडमीशन मिल गया, लेकिन पिता की मौत की वजह से वो नहीं जा पाए. दिन में वो पढ़ाई करते और रात में पापड़ बेचते ताकि घर में कुछ पैसे आ सकें. ज्यादा पैसों के लिए वो बच्चों को मैथ्स पढ़ाने लगे.

आनंद कुमार की जिंदगी में भी कई उतार चढ़ाव आए हैं.आनंद कुमार की जिंदगी में भी कई उतार चढ़ाव आए हैं.

पटना यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी में विदेशी किताबें नहीं होती थीं तो खुद पढ़ने के लिए वो हर हफ्ते 6 घंटे की ट्रेन यात्रा करते थे ताकि बनारस में जाकर पढ़ाई कर सकें. BHU की सेंट्रल लाइब्रेरी में उनके दो दिन बीतते थे और फिर बाद में सोमवार वापस पटना आकर उनकी पढ़ाई शुरू होती थी. उन्होंने शुरुआत 500 रुपए प्रति माह के एक कमरे से की थी जहां रामानुजम स्कूल ऑफ मैथेमैटिक्स (RSM) शुरू हुआ. 1 साल के अंदर दो स्टूडेंट्स से 36 हो गए और तीन साल के अंदर 500. फिर सन् 2000 में उनके पास गरीब बच्चों ने आना शुरू किया जो कोचिंग की सालाना फीस नहीं दे सकते थे तब शुरू हुई Super 30 की कहानी.

क्या है Super 30..

जैसा कि पहले बताया गया है ये एक एजुकेशनल प्रोग्राम है. इस प्रोग्राम में 30 काबिल बच्चों को लिया जाता है जो कोचिंग की फीस नहीं दे सकते हैं. 2002 में ये शुरू हुआ था जब IPS अभयानंद और आनंद कुमार ने गरीब बच्चों को पढ़ाने का फैसला लिया था. ये दोनों मिलकर स्टूडेंट्स को पढ़ाते थे. कहानी के मुताबिक आनंद कुमार की मां जयंती देवी ने इन बच्चों के खाने-पीने का खयाल रखा था. स्टूडेंट्स को पढ़ाई-लिखाई का सामान भी फ्री में दिया जाता था.

कोचिंग के पहले ही साल में 30 में से 18 बच्चों का IIT में सिलेक्शन हो गया. इसके बाद ये बढ़ता चला गया. 2004 तक 30 बच्चों को चुनने के लिए लिखित एग्जाम होने लगा. 2004 में 30 में से 22 बच्चे IIT के लिए सिलेक्ट हो गए और साल दर साल इस प्रोग्राम के लिए आवेदन बढ़ते चले गए. 2005 में 30 में से 26 और 2006 में 30 में से 28 बच्चे IIT पहुंच गए. 2008 में पहली बार सभी 30 स्टूडेंट्स ने IIT JEE क्लियर कर लिया. इसके बाद अभयानंद ने सुपर 30 छोड़ दिया ये कहकर कि एक्सपेरिमेंट खत्म हो गया, लेकिन आनंद कुमार अभी भी टिके रहे. आनंद कुमार के पुराने स्टूडेंट्स ने टीचर की तरह ये प्रोग्राम ज्वाइन किया और 2009 में फिर 30 स्टूडेंट्स ने ये परीक्षा क्लियर कर ली.

विवादों से घिरे Super 30 के बैच..

आनंद कुमार पर गाहे-बगाहे ये आरोप लगते रहे हैं कि वो अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए बातों को बढ़ा-चढ़ा कर बोलते हैं. 23 जुलाई 2018 को दैनिक जागरण में एक आर्टिकल आया जिसमें लिखा था कि सुपर 30 के 26 नहीं बल्कि सिर्फ 3 स्टूडेंट्स सिलेक्ट हुए हैं और अन्य स्टूडेंट्स अलग-अलग कोचिंग इंस्टिट्यूट के हैं.

रिपोर्ट में ये भी लिखा था कि सुपर 30 के स्टूडेंट्स को Ramanuj Institute नाम के एक अन्य कोचिंग इंस्टिट्यूट में एनरोल करना होता था और ये कहा जाता था कि आनंद कुमार उन्हें कोचिंग देंगे अगर वो उस इंस्टिट्यूट में अच्छा कर पाए. रिपोर्ट के मुताबिक इस Ramanuj Institute से कुमार को 1 करोड़ सालाना की आय हुई थी. इस मामले में Gauhati High Court ने आनंद कुमार को नोटिस भी भेजा था क्योंकि IIT-Gauhati के चार स्टूडेंट्स ने इसके खिलाफ पेटिशन फाइल कर दी थी.

इतना ही नहीं Quora पर बाकायदा एक सवाल है . What are your views on the accusations made on Anand Kumar's Super 30?(आनंद कुमार पर लगे आरोपों को लेकर आपकी राय क्या है?)

इसको लेकर कई लोगों ने अपनी राय दी. एक यूजर अमित कुमार ने लिखा कि वो दो साल तक रामानुजम क्लासेस जो देखते रहे हैं. उनके कई दोस्त आनंद सर से कोचिंग ले चुके हैं तो उन्हें सच्चाई के बारे में भी पता है.

 Quora वेबसाइट से लिया गया स्क्रीनशॉट Quora वेबसाइट से लिया गया स्क्रीनशॉट

उनका कहना है कि आनंद कुमरा अटेंशन लेने के लिए कुछ भी कर सकते हैं. सुपर 30 बैच कभी 30 नहीं था शुरुआत में 100 बच्चे थे इसमें. उसमें से कई लोगों को पहले ही हटा दिया गया था. कई SC/ST बच्चे थे क्योंकि उनका कट ऑफ जनरल कैटेगरी के मुकाबले काफी कम रहता है. नंबर 10-12 बच्चों तक पहुंच जाता था. इस उत्तर में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. ये भी कहा गया है कि उनके कोचिंग इंस्टिट्यूट के जो बच्चे IIT क्लियर कर लेते हैं उन्हें सुपर 30 बना दिया जाता है.

ये Quora थ्रेड ऐसे कई उत्तरों से भरा हुआ है. इसके एक उत्तर में ये भी लिया है कि अभयानंद जी तब सुपर 30 से अलग हुए जब आनंद कुमार ने डोनेशन के नाम पर मुकेश अंबानी से 50 लाख रुपए ले लिए.

कुल मिलाकर सुपर 30 भी Hrithik Roshan की जिंदगी की तरह विवादों से घिर गई. Hrithik Roshan ने अपनी फिल्म की रिलीज डेट भी आगे बढ़ाई ताकि कंगना रनौत की फिल्म से उनकी टक्कर न हो जाए. ऋतिक ने एक ट्वीट कर इस बारे में लिखा था कि उन्हें कोई विवाद नहीं चाहिए इसलिए वो अपनी फिल्म की डेट आगे बढ़ा रहे हैं.

कुल मिलाकर सुपर 30 फिल्म ट्रेलर रिलीज और फिल्म रिलीज से पहले ही विवादों से घिर गई थी. Metoo मूवमेंट के दौरान इसके डायरेक्टर विकास बहल पर भी आरोप लगे थे और कुछ समय के लिए उन्हें हटना भी पड़ा था. ऋतिक लंबे समय से किसी फिल्म में नजर नहीं आए हैं और सुपर 30 को उनकी करियर की सुपर हिट फिल्म बनना होगा.

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श्रुति दीक्षित श्रुति दीक्षित @shruti.dixit.31

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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