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Updated: 28 सितम्बर, 2020 08:55 PM
बिलाल एम जाफ़री
बिलाल एम जाफ़री
  @bilal.jafri.7
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कोरोना के इस दौर में जब अनलॉक के कई चरणों के बावजूद थियेटर, सिनेमाघर बंद हों मनोरंजन की शौकीन जनता को राहत OTT प्लेफॉर्मस ही दे रहे हैं. बात क्वालिटी की हो तो क्योंकि दर्शकों की पसंद को यहां खास तरजीह दी जा रही है इसलिए कंटेंट से समझौता नहीं किया जा रहा. आज के इस दौर में दर्शकों को किस हद तक OTT का कंटेंट पसंद आ रहा है गर जो इस बात को समझना हो तो हम अमेज़न प्राइम वीडियो (Amazon Prime video) की वेब सीरीज 'मिर्जापुर 2' (Mirzapur 2)का रुख कर सकते हैं. चाहे वो गुड्डू-बबलू रहे हों या फिर कालीन भइया और मुन्ना त्रिपाठी डॉक्टर से लेकर गोलू गुप्ता और स्वीटी की एक्टिंग ने जनता को खूब प्रभावित किया. चूंकि पहले सीजन में कहानी को एक ट्विस्ट के साथ छोड़ा गया था इसलिए दर्शक दूसरे सीजन का इंतजार कर रहे हैं और ये जानना चाहते हैं कि मिर्जापुर सीजन 2 (Mizapur Season 2) में क्या हुआ. वहीं बात अगर इस लोकप्रिय सीरीज के निर्माता, निर्देशक और ख़ुद अमेज़न प्राइम की हो तो ये तीनों भी ऑडियंस की इस बेकरारी को समझते हैं और जैसा इनका रवैया है ये इसे भरपूर कैश कर रहे हैं ताकि दर्शक पहले के मुकाबले दूसरे सीजन को और ज्यादा पसंद करें. बात बीते दिन की है. विश्व पर्यटन दिवस (World Tourism Day) को जिस तरह अमेज़न प्राइम ने कैश किया साफ हो जाता है कि सीरीज Mirzapur 2 को हिट करने के लिए अमेज़न प्राइम ने ठान लिया है कि वो साम दाम दंड भेद एक करके हिट सीरिज मिर्जापुर के दूसरे भाग को न सिर्फ लोगों के सामने लाएगा बल्कि प्रयास ये भी किये जा रहे हैं कि इसे एक रिकॉर्ड तोड़ हिट बनाया जाए.

Amazon Prime Video Mirzapur 2, Mirzapur Web Series, Mirzapur Season 2मिर्जापुर 2 के मद्देनजर अमेजन प्राइम और निर्माता निर्देशक ने बड़ी गलती कर दी है

सीरीज आने में अभी वक़्त है और जनता भी इंतज़ार में है कि मिर्जापुर 2 के ट्रेलर को जल्द से जल्द रिलीज किया जाए तो इस क्रम में अमेज़न प्राइम ने एक वीडियो बनाया है. जिसमें कहा गया है कि आपने अगर मिर्जापुर नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा.

वीडियो में विजुअल्स के साथ साथ वॉइस ओवर दिया गया है जिसमें मिर्जापुर का जिक्र करते हुए बताया गया है कि,' यहां हवाओं में कस्तूरी नहीं कारतूस की महक है.कोयल से ज्यादा कबूतरों की चहक है. होली में गाल पर अलग तरह का भाईचारा छप जाता है. शादियों में बैंड बाजा वाला नहीं बिन बुलाया बाराती बैंड बजाता है. कब तक रहोगे बोरियत के सुर में कुछ दिन तो गुज़ारो मिर्जापुर में.'

इंटरनेट पर वायरल हो रहे मिर्जापुर वेब सीरीज के सीजन 2 के इस प्रमोशनल वीडियो को चंद ही घंटों में 5 लाख से ऊपर लोगों का देखना इस बात की तस्दीख कर देता है कि मिर्जापुर सीजन 2 आने वाले वक्त का बड़ा हिट है. इसे जनता का खूब प्यार मिलने वाला है. वीडियो को ठीक ठाक मात्रा में डिस्कलाइक भी मिले हैं. साथ ही दर्शकों ने ये भी शिकायत की है कि अपने फायदे के लिए अमेजन प्राइम के अलावा निर्माता निर्देशक ने मिर्जापुर का एक ऐसा चेहरा जनता और देश को दिखाया है जिसका वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है. 

तो कहां हुई मिस्टेक 

देखा जाए तो वो तमाम लोग जो इस वीडियो के मद्देनजर शिकायत कर रहे हैं उनका आहत होना स्वाभाविक है.

असलियत में मिर्जापुर कोई छोटी मोटी जगह नहीं है. बात अगर एक शहर के रूप में मिर्ज़ापुर की हो तो वर्तमान परिदृश्य में मिर्ज़ापुर का शुमार पूर्वांचल के बड़े और ठीक ठाक शहरों में है. ,क्यों कि पूरे उत्तर प्रदेश में माइनिंग का हब मिर्जापुर जौनपुर और वाराणसी जैसे शहरों के नजदीक है तो टूरिस्टों की भी एक ठीक ठाक संख्या को ये अपने प्रति आकर्षित करता है.

टूरिज्म डे के नाम पर अमेज़न प्राइम ने मिर्जापुर का जो बखान किया है वो मिर्जापुर-2 वेब सीरीज का कम, उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले का ज्यादा लगता है. लेकिन क्या वाकई ऐसा ही है मिर्जापुर? जवाब है नहीं. हम जवाब में न इसलिए कह रहे हैं क्यों कि हमारे द्वारा ऐसा कहने के पीछे 2 वजहें पहली यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शासन होना (योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही अपराधियों पर नकेल कसी जा रही है) और दूसरा मिर्जापुर का एक ठीक टूरिज्म हब होना.

जो जानते हैं ठीक है. जो नहीं जानते वो जान लें कि मिर्जापुर स्थित विंध्याचल धाम भारत के प्रमुख हिन्दू तीर्थ स्थलों में से एक है. बात त्योहारों की हो तो नवरात्र में यहां लाखो श्रद्धालु मां के दर्शन करने आते है. इसके अतिरिक्त, यहां सीताकुण्ड, लाल भैरव मंदिर, मोती तालाब, टांडा जलप्रपात, विल्डमफ़ाल झरना, तारकेश्‍वर महादेव, महा त्रिकोण, शिव पुर, चुनार किला, गुरूद्वारा गुरू दा बाघ और रामेश्‍वर, देवरहा बाबा आश्रम आदि के लिए प्रसिद्ध है.

ऐसे में जो कोरी बातें इस सीरीज के प्रचार स्वरूप कही गईं हैं साफ है कि एक शहर के रूप में वो कहीं से भी मिर्जापुर के लिए सही नहीं है. क्यों कि ये बातें डर बढ़ाती हैं इसलिए ये मिर्जापुर के पर्यटन तक को प्रभावित कर सकती हैं. विषय की गंभीरता समझते हुए अमेजन प्राइम के अलावा इस सीरीज के निर्माता निर्देशकों को माफी मांगनी चाहिए. मिर्जापुर की ये क्षणिक बुराई सीरिज को फायदा तो दे देगी लेकिन इसका एक बड़ा नुकसान एक शहर के रूप में मिर्जापुर और वहां के लोगों को भुगतना होगा.

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लेखक

बिलाल एम जाफ़री बिलाल एम जाफ़री @bilal.jafri.7

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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