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Updated: 02 जून, 2018 05:22 PM
पारुल चंद्रा
पारुल चंद्रा
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फिल्म 'वीरे दी वेडिंग' का सोशल मीडिया पर लोग जिस तरह बायकॉट करने की बात कर रहे थे, उससे लग रहा था कि कहीं फिल्म की ओपनिंग खराब न हो जाए, लेकिन आंकड़े बता रहे हैं कि इस फिल्म ने पहले ही दिन 10.70 करोड़ रुपए का बिजनेस कर लिया है. और इस साल की तीसरी सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फिल्म साबित भी हो गई है.

veere di weddingवीरे दी वेडिंग साल की तीसरी सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्म

फिल्म की खास बात ये रही कि इसमें सिर्फ लड़कियां हैं और सच कहा जाए तो यही इसके लिए खतरे की बात भी थी, कि चूंकि इसमें सिर्फ लड़कियां हैं तो हो सकता है कि ये फिल्म न चले. अक्सर अच्छी ओपनिंग उन्हीं फिल्में को मिलती है जिनसे किसी बड़े डायरेक्टर या फिर किसी बड़े एक्टर का नाम जुडा हो. सलमान खान, शाहरुख खान, आमिर खान, इन सबके नाम पर ही फिल्में चल जाती हैं, या फिर करण जौहर या संजय लीला भंसाली जैसे हाइफाई डायरेक्टर अपने बड़े बजट के नाम पर फिल्मों को खींच ले जाते हैं. लेकिन खतरा होता है सिर्फ फीमेल लीड पर. ज्यादातर फीमेल लीड फिल्में अच्छी तो होती हैं लेकिन बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं दिखा पातीं. यहां तक कि फिल्म 'पिंक' इतनी सफल होने के बावजूद भी पहले दिन केवल 4.32 करोड़ ही कमा पाई थी. ऐसे में वीरे दी वेडिंग का 10.70 करोड़ कमाना अपने आप में एक उपलब्धि है.

पर क्या फिल्म की सफलता एक्ट्रेस की सफलता होती है

लेकिन इस फिल्म की सफलता से एक बात करना और लाजिमी हो जाता है कि ये सफलता इन चार लड़कियों- करीना कपूर, सोनम कपूर, स्वरा भास्कर, शिखा तलसानिया की ही मेहनत का नतीजा है. और जिनके पास साथ था एकता कपूर और रिया कपूर जैसे युवा निर्माताओं का. हर किसी ने अपने अपने काम को बहुत ही गंभीरता से किया और खुद को साबित किया.

veere di weddingकेवल महिलाओं की फिल्म

लेकिन क्या इन हिरोइन्स का वेतन भी फिल्म की शानदार ओपनिंग की तरह ही शानदार होता है? नहीं, बॉलीवुड में एक्टर एक्ट्रेस से ज्यादा पैसे कमाते हैं. अब तक बहुत सी एक्ट्रेस जैसे प्रियंका चोपड़ा, कंगना रानौत, विद्या बालन, अनुष्का शर्मा, राधिका आपटे, सोनम कपूर, सोनाक्षी सिन्हा आदि वेतन असमानता को लेकर अपनी बात सबके सामने रख चुकी हैं, बावजूद इसके कि इन्होंने कई फिल्में ऐसी की हैं जो इन्हीं के दम पर सफल हुईं.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, काजोल का कहना है कि- 'बॉलीवुड में समान वेतन बेहद जरूरी है, लेकिन ये बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की सफलता देखकर तय किया जाना चाहिए न कि जेंडर देखकर. समान वेतन पर बहस सिर्फ एक विचार है जिसपर बात नहीं की जाती. एक्ट्रेस को वेतन बॉक्स ऑफिस की सफलता के आधार पर ही मिलना चाहिए.'

लोगों का तर्क भी यही होता है कि अगर लड़कियां फिल्म को ओपनिंग नहीं दिला सकतीं तो समान पैसे की मांग क्यों करें. देखा जाए तो ये किसी भी लिहाज से गलत है. एकता कपूर को भी बॉलीवुड में यही सुनने को मिला था कि लड़कियों वाले गाने तो हिट होते हैं लेकिन फिल्में नहीं चलतीं. और उनकी खुशी और जवाब दोनों इस ट्वीट से समझा जा सकता है.

स्वरा भास्कर ने अपनी फिल्म की सफलता पर ट्वीट भी किया है कि 'फिल्म साल की तीसरी सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्म है जिसने पहले दिन 10.70 करोड़ का बिजनेस किया, बिना किसी हीरो के और बिना एडल्ट रेटिंग के. साफ जाहिर है कि भविष्य महिलाओं का ही है.'

जिस तरह से आज की ये अभिनेत्रियां काम कर रही हैं, खुद को साबित करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही हैं, वो किसी भी मायने में अभिनेताओं से कम नहीं है, तो फिर सफलता भी सिर्फ नाम की न मिले बल्कि उनके वेतन पर भी रिफ्लेक्ट हो.

माना जा सकता है कि फिल्म 'वीरे दी वेडिंग' की सफलता, बॉलीवुड में काम करने वाली सभी एक्ट्रेस के लिए नई दिशा साबित होगी.

You go girls !!

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लेखक

पारुल चंद्रा पारुल चंद्रा @parulchandraa

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं

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