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Updated: 26 नवम्बर, 2020 11:07 AM
बिलाल एम जाफ़री
बिलाल एम जाफ़री
  @bilal.jafri.7
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जिस लिहाज से एक के बाद एक फिल्में रिलीज हो रही हैं इतना तो स्पष्ट हो गया है कि OTT प्लेटफॉर्म्स और इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करते निर्माता निर्देशकों ने इतना तो समझ लिया है कि जो दर्शक यहां आ रहा है उसे खालिस एंटरटेनमेंट चाहिए. अब बात चूंकि एंटरटेनमेंट की चली है तो इतिहास गवाह एंटरटेनमेंट और साउथ का सिनेमा एक दूसरे के पर्याय हैं. बीते कुछ वक्त से जैसा सिनेमा साउथ में बन रहा है ये कहना अतिश्योक्ति नहीं है कि अभी फिलहाल हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के पास साउथ के सिनेमा का कोई तोड़ नहीं है. ये तमाम बातें तब और पुख्ता हो जाती हैं जब हम दुर्गामति जैसी फिल्मों को हिंदी पट्टी के दर्शकों द्वारा हाथों हाथ लेते देखते हैं. बता दें कि भूमि पेडनेकर (Bhumi Pednekar) की फ़िल्म दुर्गामति का ट्रेलर लॉन्च (Durgamati On Amazon Prime) कर दिया गया है. फिल्म OTT प्लेटफॉर्म अमेज़न प्राइम पर 11 दिसंबर को रिलीज हो रही है. फ़िल्म में भूमि के अलावा अरशद वारसी (Arshad Warsi), जिसू सेनगुप्ता और माही गिल (Mahie Gill) निर्णायक भूमिका में हैं. भूमि की फ़िल्म दुर्गामति को तमिल और तेलुगू भाषा की फ़िल्म भागमती का हिंदी रीमेक बताया जा रहा है.

Durgamati, Vhumi Pednekar, Arshad Warsi, Trailer, Amazon Prime, Filmफिल्म दुर्गामति को कुछ इस अंदाज में नजर आ रही हैं भूमि

जिक्र चूंकि फ़िल्म दुर्गामति के ट्रेलर का हुआ है तो तीन मिनट बीस सेकंड के इस ट्रेलर में तमाम मौके ऐसे आएंगे जब दर्शक को डर और सस्पेंस का कॉकटेल एक ही समय पर मिलेगा. ट्रेलर में कई सीन ऐसे हैं जिन्हें देखकर अपने आप ही दर्शकों के रौंगटे खड़े हो जाएंगे. ट्रेलर के मद्देनजर फ़िल्म हॉरर/ सस्पेंस जॉनर की फ़िल्म है.

फ़िल्म रिलीज से पहले ही दर्शकों को प्रभावित कर पाए इसलिए ट्रेलर लांच में भी फ़िल्म के निर्माता निर्देशकों की तरफ से कुछ बड़े प्रयोग किये गए हैं. ट्रेलर में सस्पेंस है. डर है और उतने ही डायलॉग लिए गए हैं जो उस सस्पेंस को बरकरार रखें. बात आगे बढ़ाने से पहले हमारे लिए भी ये बताना बेहद जरूरी है कि जिस तरह का फ़िल्म का ट्रेलर है, यदि दर्शक ने इसे देखा तो वो एक बार जरूर इस फ़िल्म को देखने के लिए प्रयत्न करेगा.

बात करैक्टर की हो फ़िल्म में भूमि चंचल चौहान की भूमिका में है जो एक हत्या के मामले में जेल में बंद है. फ़िल्म में माही गिल एक टॉप कॉप की भूमिका में हैं जिन्हें किसी पुरानी रंजिश के चलते फ़िल्म के एक अन्य करैक्टर यानी अरशद वारसी से बदला लेना. फ़िल्म में बांग्ला सिनेमा की रीढ़ कहे जाने वाले जिसू सेन गुप्ता एक पुलिस इंस्पेक्टर हैं जो फ़िल्म में अपने सीनियर्स के आदेशों का पालन करते हुए दिखाई दे रहे हैं. फ़िल्म में चंचल बनी भूमि को पुलिस द्वारा पूछ ताछ के लिए एक हवेली पर ले जाया जाता है जहां ऐसा बहुत कुछ होता है जिन्हें देखकर दर्शकों की हार्ट बीट स्वयं ही बढ़ जाएगी.

कैसा है फ़िल्म में भूमि का रोल

3 मिनट और कुछ सेकंड्स का ट्रेलर देखकर कोई भी इस बात का अंदाजा बड़ी ही आसानी से लगा सकता है कि इस फ़िल्म की जान सिर्फ और सिर्फ भूमि हैं. चूंकि फ़िल्म हॉरर फिल्म है और जैसा काम इस फ़िल्म में भूमि ने किया है इतना तो स्पष्ट है कि उन्होंने फिल्म की स्क्रिप्ट और अपने रोल दोनों पर खूब अच्छे से काम किया है. फ़िल्म में भूमि की एक्टिंग दमदार है साथ ही जिस लुक में वो फ़िल्म में नजर आ रही हैं वो भी शानदार लग रहा है.

हमेशा ही लीग से हटकर रोल करने के लिए जानी जाती हैं भूमि

इंडस्ट्री का वर्तमान दौर या ये कहें कि आजकल के जो एक्टर्स इंडस्ट्री में हैं. वो प्रायः एक ही जैसे रोल करते हैं और नहीं भी किये तो एक्टर्स के रोल उनकी पिछली परफॉरमेंस का अपडेटेड वर्ज़न लगते हैं. ऐसे में जब बात भूमि की हो तो भूमि आजकल के एक्टर्स को टफ कॉम्पटीशन देती हैं. चाहे उनकी पहली फ़िल्म दम लगाके हईशा ही या फिर टॉयलेट, शुभ मंगल सावधान, सोनचिरैया, सांड की आंख भूमि ने अपनी हर फिल्म में बिल्कुल अलग तरह की एक्टिंग की है और ऐसा ही कुछ मिलता जुलता हाल उनकी हालिया फ़िल्म दुर्गामति का भी है.

फ़िल्म के अन्य कैरेक्टर्स भी दिख रहे हैं प्रभावी

जैसा कि हम बता चुके हैं फिल्म में सिर्फ भूमि नहीं हैं. बल्कि अरशद वारसी, माहि गिल जिसू सेनगुप्ता जैसे लोग हैं. तो इन लोगों ने भी फिल्म के साथ पूरा इंसाफ किया है. ट्रेलर में जैसी परफॉरमेंस इन लोगों की दिख रही है साफ़ है कि फिल्म के को प्रड्यूसर अक्षय कुमार ने बहुत ही सोच समझकर इन कलाकारों के ऊपर दांव खेला है.

फिल्म में दिख रहा है 'साउथ वाला फैक्टर'

जैसा कि हम बता चुके हैं फिल्म साउथ की हिट फिल्म भागमती का हिंदी रीमेक है. इसलिए साउथ का वो चीजों को कुछ ज्यादा ही खींचकर दिखाने वाला अंदाज हमें इस फिल्म में भी दिखाई देता है जिस कारण जो डर फिल्म के ट्रेलर को देखते हुए बना था वो हंसी में तब्दील हो जाता है और विचार आता है कि ऐसा तो हम पहले देख चुके हैं.

बहरहाल, फिल्म हिट होती है या फ्लॉप इसका पता हमें 11 दिसंबर को चलेगा लकिन चूंकि और सस्पेंस का कॉकटेल हैं तो इसे एक बार देखा जा सकता है. एक दर्शक के रूप में आप निराश नहीं होंगे. बाकी फिल्म को एक हॉरर फिल्म कहा जा रहा है तो हम बस ये कहकर अपनी बात को विराम देंगे कि हॉरर जॉनर में किस तरह की फ़िल्में बनती हैं. यदि इसे समझना हो तो हमारे भारतीय निर्माता निर्देशकों को हॉलीवुड का रुख करना चाहिए और डिटेलिंग पर ध्यान देना चाहिए. यदि हॉलीवुड किसी फिल्म को हॉरर कहता है तो वो 16 आने हॉरर होती हैं.

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लेखक

बिलाल एम जाफ़री बिलाल एम जाफ़री @bilal.jafri.7

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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