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Updated: 13 मई, 2019 04:16 PM
श्रुति दीक्षित
श्रुति दीक्षित
  @shruti.dixit.31
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Tesla कंपनी की ऑटोमैटिक कार और इसका ऑटोपॉयलट सिस्टम 2016 से ही किसी न किसी कारण चर्चा में बनी हुई है. वैसे तो इसकी शुरुआत एलन मस्क के ऑटोमैटिक कार बनाने के सपने से ही हो गई थी, लेकिन 2016 में टेस्ला का मॉडल X के आने के बाद तकनीक कुछ ज्यादा ही एडवांस हो गई. इतनी एडवांस की पहले जहां लड़की का हाथ पकड़ने के लिए भी लोग कार के स्टियरिंग व्हील से हाथ नहीं हटाते थे अब लोग कार को ऑटोपायलट पर छोड़कर सेक्स वीडियो बना लेते हैं.

हाल ही में Tesla Autopilot की एक नई अग्निपरीक्षा ली गई. एक पोर्न वेबसाइट के लिए अडल्ट मॉडल टेलर जैकसन ने अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ सेक्स वीडियो बनाया. ये वीडियो इस आधार पर बनाया गया की टेस्ला कंपनी की गाड़ी बिना किसी रुकावट ऑटोपायलट पर चल जाएगी.

टेस्ला के ऑटोपायलट का इस्तेमाल वायरल वीडियो बनाने के काम के लिए किया गया.Tesla के ऑटोपायलट का इस्तेमाल कर सबसे वीडियो बनाने वाले जोड़े ने दुनिया में बहस खड़ी कर दी है.

ऑटोपायलट चाहें प्लेन का हो या कार का उसके लिए पायलट और ड्रायवर का बेहद चौकन्ना रहना जरूरी है. पर यहां मामला कुछ अलग था और गाड़ी में बैठे दोनों ही लोगों का ध्यान सिर्फ एक वायरल वीडियो बनाने पर था. इस बात को लेकर टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने जिस तरह से मजाक किया वो इस मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है.

एलन मस्क की ट्वीट से ऐसा लगता है जैसे उन्हें टेस्ला ऑटोपायलट पर इतना भरोसा है कि वो किसी की जान की भी परवाह नहीं कर रहे. टेस्ला के एक्सिडेंट के कई किस्से सामने आए हैं और कंपनी के अनुसार सालों से इस सिस्टम में बदलाव किए जा रहे हैं जिससे इसे बहुत सुरक्षित बनाया गया है, लेकिन कोई तकनीक क्या इतनी सुरक्षित हो सकती है? खास तौर पर कार जैसी मशीन जिसके एक्सिडेंट पर जान को भी खतरा हो सकता है. एलन मस्क ने तो इसे आसानी से नकार दिया पर क्या ये बात नकारने वाली है?

कार के अंदर बैठे लोगों को कार की और अपनी सुरक्षा का कोई ध्यान नहीं था.कार के अंदर बैठे लोगों को कार की और अपनी सुरक्षा का कोई ध्यान नहीं था.

कितने एक्सिडेंट होते हैं टेस्ला ऑटोपायलट के इस्तेमाल में?

2019 में Tesla कंपनी द्वारा एक अप्रत्याशित डेटा जारी किया गया था. कंपनी द्वारा जारी किए आंकड़े बताते हैं कि हर 2.87 मिलियन मील चलने के बाद ऑटोपायलट द्वारा एक्सिडेंट किया जाता है. (ये किसी एक कार का नहीं सभी कारों का डेटा है.) यानी लाखों कारों में से एक के एक्सिडेंट होना की गुंजाइश. पर अमेरिकी NHTSA के ताज़ा आंकड़े कहते हैं कि अमेरिका में हर 4,36,000 मील (7 लाख किलोमीटर) में एक कार क्रैश होती है.

तो क्या ये ऑटोपायलट सुरक्षित है?

इसका जवाब खुद कंपनी की वेबसाइट में मिल जाएगा जहां ऑटोपायलट के बारे में बताया गया है. कंपनी के अनुसार ये ड्रायवर का काम कम करने के लिए है जिसमें 8 कैमरा, रडार और 12 अल्ट्रासॉनिक सेंसर लगे हुए हैं और साथ ही एक ताकतवर कम्प्यूटर लगा है.

पर इसके साथ ही एक चेतावनी दी गई है कि ऑटोपायलट को एक पूरी तरह से सचेत ड्रायवर की निगरानी में ही इस्तेमाल करना चाहिए जिसके हाथ हमेशा स्टियरिंग पर हों ताकि समस्या होने पर तुरंत ही कार को अपने कंट्रोल में लिया जा सके और किसी भी तरह से दुर्घटना से बचा जा सके.

कंपनी ने आगे ये भी लिखा है कि जहां ऑटोपायलट को इसलिए बनाया गया है ताकि वो ड्रायवर की मदद कर सके और ये पूरी तरह से अपने हिसाब से चलने वाला सिस्टम नहीं है इसलिए चौकन्ना रहना जरूरी है. इसके आगे ऑटोपायलट सिस्टम के 5 लेवल के बारे में बताया गया है. इसमें..

ऑटोमैटिक इमर्जेंसी ब्रेकिंग सिस्टम: जिसके कारण कार के ब्रेक सामने आए किसी भी व्यक्ति, जानवर, रुकावट आदि को जानकर अपने आप लग जाते हैं.

फ्रंट कोलीजन वॉर्निंग: यानी सामने किसी संभावित टक्कर की गुंजाइश पर वॉर्निंग देना. इसी तरह साइट कोलीजन वॉर्निंग भी एक सिस्टम है.

ऑब्स्टिकल अवेयर (Obstacle Aware Acceleration): यानी अगर सामने कोई आ रहा है तो कार की स्पीड धीमी हो जाएगी.

ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग: सड़क की लेन बदलते समय कोई रुकावट आने पर चेतावनी.

और ऐसे ही कई फीचर्स के बारे में कंपनी की वेबसाइट पर बात की गई है. लेकिन इसके नीचे एक बार फिर लिखा गया है कि ये सभी एक्टिव फीचर्स ड्रायवर की मदद करने के लिए हैं और ये हर मौके पर सही तरह से रिस्पॉन्स करें ये जरूरी नहीं है. ये जरूरी है कि सचेत रहा जाए और सुरक्षित गाड़ी चलाई जाए. अपनी कार का कंट्रोल हमेशा खुद रखा जाए.

जहां ये सभी बातें Tesla सपोर्ट वेबसाइट में लिखी हुई हैं.

ये सोचने वाली बात है कि खुद टेस्ला का सीईओ कैसे इस तरह की ट्वीट कर सकता है. वो वीडियो बनाते समय अंदर बैठे लोगों ने बहुत बड़ा खतरा मोल लिया है. ऑटोपायलट के कई फीचर्स में से एक भी अगर नहीं काम किया तो मुमकिन है कि एक्सिडेंट हो जाए. अगर इसकी बिलकुल गुंजाइश नहीं होती तो कंपनी भला इतनी चेतावनी अपनी वेबसाइट पर क्यों लिखती?

अब Elon Musk की ट्वीट ने लोगों को ऐसी हरकतें करने के लिए प्रोत्साहित करने का काम किया है. इस ट्वीट के कमेंट्स पढ़ेंगे तो ही समझ जाएंगे कि लोग ऑटोपायलट का इस्तेमाल ऐसे ही लापरवाही से करने की कोशिश करेंगे.

टेस्ला का ऑटोपायलट सिस्टम सभी ड्रायवरलेस गाड़ियों से ज्यादा बेहतर है और वो ज्यादा अच्छा सक्सेस रेट देती है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि टेस्ला गाड़ी के साथ कोई समस्या आएगी ही नहीं. एलन मस्क ने ये करने से पहले एक बार भी नहीं सोचा कि इसका परिणाम क्या हो सकता है. अगर लाखों लोग एक साथ इसी तरह की घटनाओं को अंजाम देंगे तो क्या होगा टेस्ला के सक्सेस रेट का?

किसी भी ऑटोमोबाइल कंपनी के मालिक का अपने ही प्रोडक्ट को लेकर इस तरह का व्यवहार सही नहीं है. ये आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है.

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श्रुति दीक्षित श्रुति दीक्षित @shruti.dixit.31

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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