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Updated: 11 जुलाई, 2022 07:38 PM
देवेश त्रिपाठी
देवेश त्रिपाठी
  @devesh.r.tripathi
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टीम इंडिया के स्टार प्लेयर विराट कोहली का बल्ला एक लंबे अरसे से खामोश नजर आ रहा है. जिसकी वजह से विराट कोहली की आलोचनाएं अब चरम पर पहुंच चुकी हैं. कुछ ही महीनों में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2022 से पहले विराट कोहली का फॉर्म में आना जरूरी है. लेकिन, हाल ही में कोहली ने वेस्टइंडीज के दौरे से ब्रेक लिया है. ये फैसला काफी चौंकाने वाला है. क्योंकि, टीम इंडिया के बल्लेबाज विराट कोहली के पास टी20 वर्ल्ड कप से पहले तैयारी का ये आखिरी मौका था. हालांकि, इस मामले पर टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने आउट ऑफ फॉर्म चल रहे विराट कोहली का बचाव किया है. रोहित शर्मा का कहना है कि 'फॉर्म सबकी खराब हो सकती है. हम प्लेयर की क्वालिटी को बैक करते हैं.' आसान शब्दों में कहा जाए, तो रोहित शर्मा ने साफ कर दिया है कि विराट कोहली को टी20 वर्ल्ड कप में मौका मिलना तय है. लेकिन, इस स्थिति में सवाल खड़ा होना लाजिमी है कि आखिर विराट कोहली को मौके पर मौके क्यों दे रही है टीम इंडिया?

Team India playing 11 debate hot talks before T20 World Cup why Team India is giving chances to Virat Kohliविराट कोहली अपनी खराब फॉर्म के चलते आलोचनाओं से घिरे हैं. लेकिन, रोहित शर्मा ने उनका बचाव किया है.

विराट कोहली जैसा अनुभवी खिलाड़ी और कोई नहीं

टीम इंडिया की रन मशीन कहे जाने वाले विराट कोहली भले ही ढाई साल में एक भी शतक लगाने में कामयाब न हो सके हों. जिसके चलते टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी और तमाम क्रिकेट एक्सपर्ट विराट की जगह नए खिलाड़ियों को मौका देने की बात कर रहे हैं. क्योंकि, टी20 के लिहाज से टीम इंडिया के पास बल्लेबाजों की एक बड़ी लिस्ट है. जो टीम इंडिया में शामिल होने की वेटिंग लिस्ट में शामिल हैं. विराट कोहली की खराब फॉर्म के बीच सूर्यकुमार यादव, दीपक हूडा जैसे कई युवा खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से क्रिकेट फैन्स से लेकर एक्सपर्ट्स तक को काफी प्रभावित किया है. लेकिन, अगर टी20 वर्ल्ड कप की बात की जाए. तो, इनमें से कोई भी बल्लेबाज विराट कोहली के अनुभव की बराबरी नहीं कर सकता है. आसान शब्दों में कहा जाए, तो टी20 वर्ल्ड कप 2022 से पहले टीम इंडिया शायद ही विराट कोहली को बाहर रखकर कोई रिस्क उठाना चाहेगी.

बड़े टूर्नामेंट के दबाव का नही होगा असर

अगर टीम इंडिया पूरी तरह से परफॉर्मिंग खिलाड़ियों को ही टी20 वर्ल्ड कप में ले जाने का फैसला लेती है. तो, इस बात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है कि बड़े टूर्नामेंट और बड़े मैचों का दबाव युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर असर डाल सकता है. और, टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में अगर कोई युवा खिलाड़ी एक बार दबाव में घिर जाता है. तो, उसे बिखरने में देर नहीं लगेगी. वहीं, विराट कोहली की बात की जाए, तो वह ऐसे कई बड़े टूर्नामेंट खेल चुके हैं. जिसके चलते शायद ही उन पर किसी तरह से बड़े मैचों का दबाव हावी होगा. इसे ऐसे समझिए कि आमतौर पर पाकिस्तान के साथ होने वाले मैच में खिलाड़ियों पर सबसे ज्यादा दबाव होता है. और, पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप के दौरान पाकिस्तान के साथ होने वाले मैच में विराट कोहली ने ही 57 रनों की पारी खेली थी. उनके अलावा कई स्टार खिलाड़ी फ्लॉप थे.

'खराब फॉर्म' सिर्फ बुरा दौर है, जो गुजरेगा भी

विराट कोहली को टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया के स्क्वॉड में शामिल करने को लेकर हो रही बहस की वजह है उनकी खराब फॉर्म (Poor Form). लेकिन, खराब फॉर्म तो टीम इंडिया के लिए सबसे लंबे समय तक खेलने वाले सचिन तेंडुलकर के क्रिकेटिंग करियर में भी आई थी. लेकिन, इसकी वजह से सचिन तेंडुलकर को टीम इंडिया से बाहर तो नहीं कर दिया गया था. जिस तरह से रिकॉर्डों की बारिश एक खिलाड़ी के क्रिकेट करियर से जुड़ती है. ठीक उसी तरह खराब फॉर्म भी उसी क्रिकेट का हिस्सा है. जो एक समय के बाद खत्म हो ही जाएगा. संभव है कि विराट कोहली टी20 वर्ल्ड कप के दौरान अपने क्रिकेट करियर की सबसे बेहतरीन पारियां खेल जाएं. क्योंकि, क्रिकेट है ही अनिश्चिचतताओं का खेल. तो, विराट कोहली को केवल उनकी कुछ हालिया खराब फॉर्म के चलते टी20 स्क्वॉड से बाहर नहीं रखा जा सकता है.

लेखक

देवेश त्रिपाठी देवेश त्रिपाठी @devesh.r.tripathi

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं. राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर लिखने का शौक है.

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