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Updated: 13 जुलाई, 2021 10:43 PM
ज्योति गुप्ता
ज्योति गुप्ता
  @jyoti.gupta.01
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एक बात तो तय है जो स्त्रियों का सम्मान नहीं कर सकते वे कभी भी इंसान नहीं बन सकते. ‘सुल्ली’ शब्द मुस्लिम महिलाओं के लिए इस्तेमाल किया जाना वाला एक अपमानजक शब्द है. वहीं सुल्ली डील्स ऐप (what is sulli deals) पर उन्हीं मुस्लिम महिलाओं को निशाना बनाया गया है जो सोशल मीडिया के माध्यम से सामाजिक मुद्दों पर अपनी आवाज़ बेबाकी के साथ रखती हैं. उपर से यह गलती पुरुषों ने की लेकिन ज्ञान महिलाओं को ही दिया जा रहा है.

यकीन नहीं होता कि इस जमाने में #sullideals app पर लड़कियों की फोटो लगाकर उनकी नीलामी की गई. आखिर ऐसी गिरी हुई हरकत करने वाले लोगों को लिखती-पढ़ती और बोलती हुई महिलाओं से इतनी नफरत क्यों है. यह तो इस ऐप की बात है, जिसपर कार्रवाई की जा चुकी है लेकिन सजा तो उनको भी मिलनी चाहिए जो सोशल मीडिया पर लड़कियों की फोटो चुराकर प्रोफाइल पिक्चर बनाकर लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं. चलिए बताते हैं कि पूरा मामला क्या है...

Sulli Deals, Sulli Deals app, sulli deals kya hai, Sulli Deals App Controversyमुस्लिम महिलाओं को नीलाम करने वाले कौन हैं

असल में इस ऐप पर मुस्लिम लड़कियों की तस्वीरें डालकर उनकी नीलामी किए जाने की बात सामने आई है. यहां 80 से ज्यादा महिलाओं की नीलामी सबके सामने की गई. यानी भारतीय महिलाओं को सरेआम 'बिक्री पर' डाल दिया गया. क्या ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि ये महिलाएं हैं, यह खबर कितनी ज्यादा पीड़ादायी है. एक बार सोचिए, इन लड़कियों पर क्या बीती होगी.

इस बारे में पता चलने के बाद, कुछ पीड़ित लड़कियों ने दिल्ली पुलिस से इस अपराध के खिलाफ शिकायत की जिसके बाद साइबर सेल ने मामला दर्ज किया. इस वाकये ने सचमुच लोगों को हैरान कर दिया है. महिलाओं को मानसिक और शारीरिक यातना देने के लिए रोज अलग-अलग तरीके निकाले जा रहे हैं. सोचिए, ये धरती बिन महिलाओं के कैसी लगेगी.

गिटहब पर मौजूद सुल्ली डील्स ऐप को खोलते ही आपको संदेश दिखेगा कि ‘Find your sulli-Deal of the Day'. इसके बाद आपको किसी मुस्लिम महिला की फोटो दिखेगी जो उसके अकाउंट से बिना उसकी इजाजत चोरी से ली गई होगी. लोगों को इसके बारे में खबर तब लगी जब ट्वीटर पर 'डील ऑफ द डे' लाइन के साथ तस्वीरें साझा की जाने लगीं. फिलहाल इस ऐप को GitHub ने हटा दिया है.

इसके लिए सुल्ली फॉर सेल नाम से एक ओपन सोर्स ऐप बनाया गया. जहां सोशल साइट्स से महिलाओं की फोटो और जानकारी का डेटा चोरी करके सार्वजनिक तौर पर बोली लगाई गई. इसी को सुल्ली डील्स का नाम दिया गया. इतना ही नहीं यह ऐप लोगों को 'फाइंड योर सुल्ली डील ऑफ द डे' का नोटिफिकेशन भी भेजता था.

महिलाओं की तस्वीरों पर अश्लील बातें की गईं, उनकी नीलामी की गई. अपने हक के लिए बोलती हुई मुस्लिम महिला शायद समाद के लिए सबसे बड़ा खतरा लगती है. महिलाओं को नीचा दिखाने में ये लोग खुद कितना नीचा गिर गए, इन्हें पता भी नहीं है. अपने घर की महिलाओं के सामने अब ये किस मुंह से जाएंगे, पता नहीं.

साइबर क्राइम की इतनी घिनौनी बदसलूकी महिलाओं के साथ हो चुकी है कि अब कहें तो क्या कहें. इंसान का ऐसा रूप देख कर शायद शैतान भी शर्मा जाए. मुस्लिम औरतों की बोली लगाने वाले तुम्हारे घर में क्या हो रहा होगा, इसका अंदाजा लगाना कोई मुश्किल काम नहीं है. पति से पीटती हुई महिलाएं, पति द्वारा छोड़ी बहनें, तुम्हारी हरकतों के कारण मौत की दुआ मांगती मां...ऐसी कल्पना से भर उठता है इंसान. जो महिलाओं की इज्जत नहीं करता उसके घर का माहौल और कैसा हो सकता है.

क्या तुमने कभी किसी महिला ने प्रेम नहीं किया. क्या बहन ने कभी डांटा नहीं या फिर शायद तुमने अपनी उदास मां के दुख का कारण नहीं पूछा... क्या तुम्हें हमारे देश का नाम रोशन करती हुई महिलाएं नहीं दिखतीं. एक बात तो तय है कि ऐसी गंदी हरकत करके तुमने खुद साबित कर दिया कि तुम इंसान नहीं हो...

क्या महिलाओं को जीने का हक नहीं, यह हिंदुस्तान है मत भूलो कि महिलाओं का सम्मान यहां सर्वोपरि है. तुम्हारे जैसे कितने लोग यहां आए और चले गए लेकिन महिलाओं को हरा नहीं पाए. जो इस सृष्टि का निर्माण करती है उसे हराना इतना भी आसान नहीं.

इस घटना पर क्या कहें, समझ नहीं आ रहा. इस हरकत में शामिल हुए उन सभी पुरुषों के लिए यह शर्म की बात है. इन सभी का पता लगातर इनको तुरंत जेल में डाल देना चाहिए. साथ ही उनको भी जेल की हवा खाना चाहिए जो उल्टा महिलाओं को ही ज्ञान दे रहे हैं. जो इस मामले पर खामोश हैं, उनके बारे में तो बोलना ही बेकार है. कुछ लोग ऐसा सोचते हैं कि हमारे साथ तो नहीं हुआ ऐसा, शुक्र है कि आपके साथ नहीं हुआ.

अगर हालात यही रहे तो नफरतों की आग हमारे घर तक फैलने में देर नहीं लगेगी. अभी भी समय है, संभल जाइए. इस नफरत को जहर में तब्दील होने से बचाइए. भगवान के लिए, महिलाओं को बक्श दीजिए, उन्हें उनके हाल पर छोड़ दीजिए. यह दुनिया उनकी भी है और उन्हें जाने का हक ही है.

इस दुनिया को महिलाओं के लिए नर्क मत बनाइए. महिलाएं चाहें आपके घर की हों या दूसरे की घर की, उनकी इज्जत करना सीखिए. चाहें लव जिहाद हो या सुल्ली डील्स ऐप, ऐसे लोगों की टारगेट महिलाएं ही होती हैं. 

लेखक

ज्योति गुप्ता ज्योति गुप्ता @jyoti.gupta.01

लेखक इंडिया टुडे डि़जिटल में पत्रकार हैं. जिन्हें महिला और सामाजिक मुद्दों पर लिखने का शौक है.

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