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Updated: 31 अक्टूबर, 2022 09:28 PM
ज्योति गुप्ता
ज्योति गुप्ता
  @jyoti.gupta.01
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एक लड़का और लड़की कहीं भी साथ खड़ें हैं भले ही वह भाई-बहन क्यों ना हो मगर कुछ लोग उन्हें गलत नजरिए से ही देखते हैं. इन लोगों को लगता है कि वे दोनों के बीच कुछ गड़बड़ है. मान लीजिए वे भाई-बहन ना हों तो भी आपको क्या? उन्हें ट्रोल करने वाले आप होते कौन हैं?

असल में भारत जोड़ो यात्रा से राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की एक तस्वीर सामने आई, जिसमें उन्होंने साउथ इंडियन ऐक्ट्रेस पूनम कौर (Poonam Kaur) का हाथ पकड़ा था. इस तस्वीर को देखकर कुछ लोगों के दिमाग का कचरा बाहर आ गया. इसी तस्वीर को बीजेपी नेता प्रीति गांधी (Priti Gandhi) ने ट्वीट किया और तंज कसते हुए लिखा "अपने परदादा के पदचिह्नों पर चलते हुए..."

सोचिए कितनी शर्म की बात है कि प्रीती गांधी खुद एक महिला हैं औऱ वे दूसरी महिला के दामन में जबरन कीचड़ उछालने का काम कर रही हैं. वहीं कई लोग गूगल पर पूनम पर कुंडली खंगालने लगे.

ऐसा तो नहीं है कि राहुल गांधी और पूनम कौर एक-दूसरे का हांथ किसी पार्क या सुनसान जगह पर पकड़ा हो. ये दोनों तो हजारों लोगों की भीड़ में दुनिया के सामने एक-दूसरे का हाथ थामे चल रहे हैं. यह एक प्यारी तस्वीर है इसमें गंदगी देखने वाली की असल में सोच ही गंदी है. अब जिसकी जैसी सोच रहती है उसे वही तो दिखाई देगा.

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तस्वीर वायरल होने के बाद अभिनेत्री पूनम कौर ने प्रीति गांधी को जवाब देते हुए लिखा कि, "यह अपमानजनक है. याद रखें प्रधानमंत्री ने नारीशक्ति के बारे में बात की थी. मैं फिसलकर लगभग गिरने वाली थी कि सर ने मेरा हाथ पकड़ लिया."

यहां अभिनेत्री ने वजह बताकर इस बात की सफाई दी कि आखिर राहुल गांधी ने इनका हाथ क्यों पकड़ा? हमारे हिसाब से उनके सफाई देने की जरूरत नहीं थी. अगर वे नहीं भी गिरतीं और राहुल गांधी ने उनका हाथ पकड़ा होता ये बेहद की सामान्य बात है. यह बात प्रीति गांधी जैसी छोटी मानसिकता रखने वाले लोगों की समझ से परे है.

यह तो वैसा ही हुआ कि वैलेनटाइन डे के दिन बजरंग दल प्रेमी जोड़ों को पकड़ने के लिए सड़क पर चले रह भाई-बहन को भी घेर ले. समझ नहीं आता कि कुछ लोग स्त्री-पुरुष को साथ में देखकर हमेशा एक ही दिशा में क्यों चले जाते हैं? अगर दो लोग साथ में हैं भी तो क्या गलत है? चाहें वे क्लब में हों या सड़क पर...यह उनकी अपनी लाइफ है आप बीच में टांग अड़ाने वाले कौन होते हैं?

हाथ पकड़ने का मतलब गलत नहीं होता चाहें वे दोस्त हों

हाथ पकड़ने का मतलब गलत नहीं होता चाहें वे कपल हों

हाथ पकड़ने का मतलब गलत नहीं होता चाहें वे होने वाले कपल हों

हाथ पकड़ने का मतलब गलत नहीं होता चाहें वे होने वाले पति-पत्नी हों

हाथ पकड़ने का मतलब गलत नहीं होता चाहें वे सहकर्मी हों

हाथ पकड़ने का मतलब गलत नहीं होता चाहें वे भाई-बहन हों

हाथ पकड़ने का मतलब गलत नहीं होता चाहें वे सहपाठी हों

इसलिए प्रीति गांधी जैसे लोगों को कम से कम अपना मुंह खोलने से पहले यह तो सोचना चाहिए था कि अगर लड़का-लड़की डेट कर रहे होते हैं तो वे एक-दूसरे से मिलने से पहले अच्छे से तैयार होकर, सज-धज कर जाते हैं. मगर रैली में वैसा कोई माहौल नहीं था फिर राहुल गांधी पर निशाना बांधने का क्या मतलब है? मान लीजिए अगर दो लोग साथ में है भी तो क्या गलत है? चाहें वह क्लब में हों या सड़क पर आपका क्या जा रहा है? आप कमेंट्री करने वाले कौन होते हैं? आप ट्रोल करने वाले कौन होते हैं? आप जज करने वाले कौन होते हैं?

असल में जब मानसिकता में ही दोष हो तो बाकी का तो छोड़ ही दीजिए. सस्ता ट्रोल करने वाले, इमेज खराब करने वाले ऐसे ही भौंकते रहेंगे और जो जैसा है वो अपनी मस्ती में बिना किसी पूर्वाग्रह के आराम से चुपचाप चलता रहेगा. हमें तो इस तस्वीर में कुछ भी गलत नहीं लगता और जिन्हें लगता है उनका हम कुछ कर नहीं सकते...भगवान उन्हें सदबुद्धि दें ताकि वे मानवता की तस्वीर को पहचान सकें.

लेखक

ज्योति गुप्ता ज्योति गुप्ता @jyoti.gupta.01

लेखक इंडिया टुडे डि़जिटल में पत्रकार हैं. जिन्हें महिला और सामाजिक मुद्दों पर लिखने का शौक है.

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