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Updated: 23 सितम्बर, 2017 05:03 PM
सोनाक्षी कोहली
सोनाक्षी कोहली
 
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लड़कियों की जिंदगी में कई ऐतिहासिक दिन आते हैं. पहली बार किस का अनुभव. पहली बार दिल टुटने का दर्द. और पहली बार.... अपने माता-पिता को सोशल मीडिया फ्रेंड लिस्ट में जोड़ना! जी हां ये भी ऐतिहासिक दिन की गिनती में ही आएगा. क्योंकि जैसे पहले किस के बाद, पहली बार दिल टूटने के बाद जीवन में बहुत कुछ बदल जाता है, वैसे ही माता-पिता के फ्रेंड लिस्ट में आते ही पूरी टाइमलाइन ही बदल जाती है.

बहुत से लोग इस बात से सहमत होंगे. तो जो लोग अभी तक अपने पैरेंट्स को वर्चुअल स्पेस में भी जगह देने से बचे हुए हैं वो पहले हमारी ये रिपोर्ट पढ़ लें उसके बाद ही उन्हें अपने लिस्ट में जोड़ने का जोखिम लें-

1- चाहे अनचाहे आप उनका एक नया ही चेहरा देख लेंगे?

जैसे ही माता-पिता फ्रेंड लिस्ट में जुड़ते हैं उनको एक नया काम मिल जाता है. उनमें जासूस करमचंद की आत्मा घुस आती है. अब तक आप घर में कैसा व्यवहार करते हैं इसपर ही पैनी नजर होती थी. लेकिन अब आप सोशल मीडिया पर क्या कर रहे हैं इस पर माइक्रोस्कोप लगा दिया जाएगा. यकीन न हो तो एक बार 2 बजे रात को ऑनलाइन होकर देखिए. उधर से मां का मैसेज आपके स्क्रीन पर टिमटिमाएगा- बस कर. 2 बज गए. सो जा!

2- मां-बाप क्या-क्या कर सकते हैं ये पता चल जाएगा-

यकीन मानिए आप ये बिल्कुल नहीं जानना चाहेंगे कि आपके माता-पिता क्या करने में माहिर हैं. या वो किस-किस तरह का काम कर सकते हैं. क्योंकि अब वो सिर्फ जासूसी तक ही सीमित नहीं रहेंगे. समय के साथ वो आपसे ऐसे बर्ताव करने लगेंगे जैसे कोई पोसेसिव ब्वायफ्रेंड. ब्वायफ्रेंड को आपके हर दोस्त (खासकर लड़कों) पर गिद्ध की नजर लगाए बैठेंगे. आपके फ्रेंडलिस्ट के हर लड़के के बारे में उन्हें जानना है.

वो चौक के शर्मा जी का लड़का जो दूसरी क्लास तक ही आपके साथ पढ़ा था आपके फ्रेंड लिस्ट में कैसे आया से लेकर किसी ने कोई कमेंट क्यों कर दिया ये भी उन्हें बताइए. और आप उसे पर्सनली नहीं जानती ये कोई जवाब नहीं बल्कि बहाना है. और आपको पता है ना बाप की अदालत में बहाने बनाना मतलब बाप की तलवार को हाथ लगाना!

3- हिम्मत है तो कोई फोटो शेयर करके दिखा दो-

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अब आपको लेक्चर नहीं दिए जाएंगे. बल्कि अब ऑनलाइन वॉल पर ज्ञान दिया जाएगा. अब ये बात तो साफ है कि उनके दोस्त आपके दोस्त नहीं हैं. लेकिन आपके सारे दोस्त उनके दोस्त हैं. बस इसलिए आपके हर दोस्त को उनके फ्रेंड रिक्वेस्ट जाएंगे. साथ ही हर फोटो, हर टैग स्टेटस पर कमेंट की बाढ़ आएगी- मेरी दुलारी बेटी. मेरी प्यारी बेटी. मेरी गुड़िया. ऐसे कमेंट से दोस्त के फोटो को गुलजार कर देंगी.

4- आपके टाइमलाइन की शक्ल ही बदल जाएगी-

एक समय होता था जब आपकी टाइमलाइन दारू पार्टी, इन ए रिलेशनशीप, फीलिंग ब्रोकेन टाइप के अपडेट और मेमे से भरी होती थी. लेकिन माता-पिता के लिस्ट में आते ही आपके टाइमलाइन की कायापलट हो जाएगी. अब आपके माता-पिता आपको टैग करते हुए घरेलु नुस्खे वाले आर्टिकल, वीडियो, फोटो शेयर करेंगे. साथ ही धार्मिक फोटो और ज्ञान से आपकी वॉल तर-बतर रहेगी.

इतने के बाद गाहे-बगाहे आपके बचपन की फोटो भी शेयर हो जाएगी. दो चोटी किए हुए, बालों में पूरा तेल चुपड़े आप उन्हें प्यारी गुड़िया जैसी मालूम होंगी. और अपना ये प्यार वो सोशल मीडिया पर भी दिखाने से बाज नहीं आएंगी.

5- उनसे हाइड करके अपडेट करेंगे! कोई फायदा नहीं...

अब रिश्ते में वो हमारे मां-बाप ऐसे ही थोड़े हैं. तो इसलिए जिस प्यार और धैर्य से आपने उन्हें सोशल मीडिया एप चलाना सिखाया है, अब उसी तसल्ली से उनके सवालों का सामना भी करिए. क्योंकि अगर उनको पता चल गया कि आपके स्टेटस, फोटो सब आप रिसट्रिक्ट कर देती हैं तो फिर ये तो सुनना ही होगा- "क्या यही दिन देखने के लिए तुझे पैदा किया था?"

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लेखक

सोनाक्षी कोहली सोनाक्षी कोहली

सोनाक्षी कोहली एक युवा पत्रकार हैं और पितृसत्तात्मक समाज पर व्यंग्य के रुप में चोट करती हैं

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