होम -> समाज

 |  4-मिनट में पढ़ें  |  
Updated: 30 दिसम्बर, 2018 11:59 AM
आईचौक
आईचौक
  @iChowk
  • Total Shares

जब से स्मार्टफोन का दौर शुरू हुआ है तबसे ही एक और चीज़ बहुत लोकप्रिय हो गई है और वो है ऑनलाइन डेटिंग. बिना देखे, बिना सुने वाला प्यार होने लगा. इस प्यार में 'लिखा है खत तुम्हें' वाले गाने नहीं गाए जाते हैं, न ही प्रेमी मिलने या बात करने के लिए कई दिन तक इंतजार करते हैं. इंसानों के लिए टिंडर जैसे डेटिंग एप्स लंबे समय से उत्सुक्ता का विषय बने हुए हैं और न जाने कितने ही लोगों के दिल को सुकून पहुंचाते हैं. जहां टिंडर पर हर उम्र का इंसान मिल सकता है वहीं कुछ अकाउंट्स सिर्फ पेट्स यानी पालतू जानवरों के भी हैं. पर अगर आपसे कहा जाए कि कुछ ऐसे एप्स भी हैं जो सिर्फ और सिर्फ कुत्ते और बिल्लियों के लिए हैं.

कुछ समय पहले एक अमेरिकी शेल्टर होम ने अपने यहां पल रहे हेनरी नाम के एक कुत्ते का अकेलापन दूर करने के लिए उसकी टिंडर प्रोफाइल बना दी थी. हेनरी की प्रोफाइल पर उसे 15 दिन के अंदर 14 मैच मिले और उसे लोगों ने काफी पसंद किया. हेनरी की प्रोफाइल बनाने वाली मिरांडा मोरिसन कहती हैं कि ये हेनरी के लिए अच्छा है क्योंकि लोग उससे आकर मिलते हैं और उसका अकेलापन दूर होता है. पर ये सिर्फ हेनरी की कहानी ही नहीं है, ऐसे कई पेट्स हैं जो टिंडर या अन्य डेटिंग साइट्स पर मौजूद हैं.

टिंडर, सोशल मीडिया, डेटिंग, कुत्तेहेनरी की टिंडर प्रोफाइल, साथ ही एक अन्य एप पर NKLA की प्रोफाइल

सिर्फ इंसानी टिंडर ही नहीं बल्कि कुत्तों के लिए टिंडर जैसे एप्स बहुत से मिल जाएंगे. ये कोई नई बात नहीं है, कुछ सालों पहले ही ये लॉन्च हो चुके हैं, लेकिन इनके बारे में अभी भी कई लोगों को नहीं पता. इन एप्स का यूजर बनने के लिए सबसे पहले आपको चाहिए होता है एक कुत्ता. लॉगइन करते समय भी जरूरी होता है कि उनकी ब्रीड के बारे में बताया जाए.

इन एप्स में हैं कुछ खराबियां-

अगर डॉग टिंडर इस्तेमाल कर रहे हैं तो ऐसा भी हो सकता है कि आपके डॉग की ब्रीड डेटिंग वेबसाइट पर लिस्ट ही न हो. उसके लिए किसी मिलती जुलती ब्रीड से काम चलाना पड़ेगा. ये एक खराबी लगभग सभी डॉग डेटिंग एप्स में मौजूद है. खास तौर पर क्रॉस ब्रीड्स की जानकारी इनमें नहीं मिलती.

दूसरी सबसे अहम बात ये है कि इस तरह के एप्स का उपयोग खास तौर पर ब्रीडर कर रहे हैं जिन्हें अपने डॉग का इस्तेमाल सिर्फ मेटिंग के लिए करवाना है. कई Pets फेसबुक पेज पर भी ऐसे ही ब्रीडर्स की भरमार रहती है जो अपने डॉग्स का इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ ब्रीडिंग के लिए करते हैं.

मौजूदा समय में लोकप्रिय डॉग डेटिंग एप्स-

Twindog, barkbuddy, SNIFFER जैसे एप्स उनके लिए हैं जो अपने कुत्तों के लिए पार्टनर ढूंढ रहे हैं. इसके लिए सबसे खास बात ये है कि इन एप्स को इस्तेमाल करने वाले डॉग ओनर्स पहले आपस में बात करते हैं और फिर ये तय करते हैं कि क्या उनके कुत्तों को मिलवाना चाहिए. ऐसे में इसे कुत्तों का शादी.कॉम भी कह सकते हैं.

पर क्या वाकई ये कुत्तों के लिए है?

अब एक बात तो पक्की है कि कुत्ते तो इन एप्स का इस्तेमाल करेंगे नहीं. वो तो इंसान ही करेंगे. कई मामलों में ये एक तरह से ह्यूमन डेटिंग एप की तरह ही काम करता है जिसमें डेटिंग प्रोफाइल के लिए कुत्तों का होना जरूरी है. लेकिन इसका इस्तेमाल कुत्तों का अकेलापन दूर करने के लिए नहीं बल्कि इसे तो डॉग ओनर्स के मिलने के लिए ज्यादा किया जाता है. Twindog की टैगलाइन है 'Find other dogs & their owners around you' यानी इसका इस्तेमाल आप जैसे चाहें करें. BarkBuddy यकीनन उन एप्स में से एक है जो कुत्तों का अकेलापन दूर करता है, ये एप शेल्टर आदि में मौजूद कुत्तों की प्रोफाइल बनाना है और वो लोग जो कुत्ता पालना चाहें वो इस एप की मदद लेकर शेल्टर से संपर्क कर सकते हैं और अपने लिए बेहतर पेट तलाश सकते हैं. Sniffer का काम Twindog की तरह ही है और ये कुत्ते के लिए दोस्त तलाशने जैसा है. पर यहां भी असली काम तो डॉग ओनर ही करते हैं.

मतलब आप सोच सकते हैं कि ये एप्स लोकल डॉग ओनर्स के मिलने का एक जरिया है. हां, ये बात अलग है कि इस तरह के एप्स का इस्तेमाल लोग इसलिए भी करें कि उनके कुत्तों को पार्क में घूमने के लिए साथी मिल जाए. वजह चाहें जो भी हो पर ऐसे एप्स इंसान और कुत्तों दोनों को ही मिलवा सकते हैं.

ये भी पढ़ें-

इस 'सिंबा' की कहानी दिल दहलाने वाली है

एक नेपाली त्योहार, जिसमें फूलों और रंगों से की जाती है कुत्तों की पूजा

लेखक

आईचौक आईचौक @ichowk

इंडिया टुडे ग्रुप का ऑनलाइन ओपिनियन प्लेटफॉर्म.

iChowk का खास कंटेंट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक करें.

आपकी राय