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Updated: 14 मई, 2019 11:08 PM
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हर गुजरते दिन के साथ श्रीलंका हमले (Srilanka Serial Bomb blast) के बारे में कोई न कोई नई जानकारी सामने आ रही है. ईस्टर डे सुसाइड बॉम्बिंग अटैक ने 300 से ज्यादा लोगों के परिवार उजाड़ दिए और न जाने कितने लोगों को जिंदगी भर के जख्म दे गया. धमाकों को खास तौर पर ईसाई समुदाय और विदेशी नागरिकों के लिए प्लान किया गया था.

श्रीलंका का एक धनी परिवार भी इसमें शामिल था. एक ही परिवार के कई लोग आत्मघाती हमले में जिम्मेदार पाए गए. न सिर्फ पुरुष बल्कि महिलाएं भी. इसी कड़ी में श्रीलंका की सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ संदिग्धों की तस्वीरें जारी की हैं. पुलिस ने मीडिया और आम नागरिकों से इन्हें पहचानने में मदद करने की गुजारिश की है.

श्रीलंका द्वारा जारी की गई थीं संदिग्धों की तस्वीरें.श्रीलंका द्वारा जारी की गई थीं संदिग्धों की तस्वीरें.

इन सभी में एक महिला है पुलस्थिनी महेंद्रन (कुछ मीडिया रिपोर्ट्स पुलस्थिनी राजेंद्रन कह रही हैं.) उर्फ सारा. पुलस्थिनी असल में सुसाइड बॉम्बर मोहम्मद हास्थून की पत्नी हैं. मोहम्मद हास्थून को ही सबसे बड़े हमले का जिम्मेदार माना जा रहा है. वही सेंट सेबेस्चियन चर्च में गए थे जहां ईस्टर मास चल रहा था. माना जा रहा है कि पुलस्थिनी भी इस हमले में काफी हद तक शामिल थीं. अभी तक वो कहां हैं इसका पता नहीं चल पाया है. पुलस्थिनी भी उस दिन चर्च गई थी. तड़के वो वहां जाकर वापस आ गई थी और उसके बाद से किसी ने उसे नहीं देखा.

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक पुलस्थिनी सुबह चर्च गई और वहां प्रार्थना की, लेकिन उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि उसे दर्द हो रहा है. वो 7.30 बजे सुबह शुरू होने वाले ईस्टर मास से पहले ही वहां से निकल गई और वापस नहीं आई.

लव जिहाद की शिकार जो बन गई आतंकी?

दरअसल, पुलस्थिनी की बात करना इसलिए जरूरी है क्योंकि हाल ही में एक लोकप्रिय तमिल वेब चैनल IBC Tamizh ने अपनी इन्वेस्टिगेशन में बताया है कि असल में पुलिस्थिनी तमिल हिंदू थी. उसका परिवार थेट्टाटिवू (श्रीलंका के पूर्वी प्रांत में स्थित) में रहता है. रिपोर्ट कहती है कि पुलस्थिनी को कुछ इस्लामिक कट्टरपंथियों ने अगवा कर लिया था और उसके बाद उसका धर्म परिवर्तन करवाया गया और उसे कट्टर बनाया गया.

इस वीडियो रिपोर्ट में पुलस्थिनी की मां कविता से बात की गई है. कविता के मुताबित पुलस्थिनी बहुत अच्छी स्टूडेंट थी. वो मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी. यहां तक कि अपने स्कूल में तमिल हिंदू धर्म की जानकारी के लिए उसे वाहवाही भी मिलती थी. धर्म की पढ़ाई श्रीलंका के तमिल बहुल इलाकों में आम है और स्कूल के कोर्स का हिस्सा होती है.

पढ़ाई के दौरान कर लिया था अगवा और बदलवा दिया धर्म-

कविता का कहना है कि पुलस्थिनी को उसकी पढ़ाई के दौरान ही अब्दुल राजिक नाम के एक इंसान ने अगवा कर लिया था. कविता और उसके परिवार ने काफी कोशिश की कि उनकी बेटी उन्हें वापस मिल जाए. यहां तक कि खुद राजिक से भी बात की, लेकिन कुछ न हुआ और राजिक ने बताया कि उनकी बेटी खुद ही इस्लाम की तरफ आई है और वो खुश है. कविता को बताया गया कि पुलस्थिनी ने अपनी मर्जी से ये कदम उठाया है.

पुलस्थिनी धर्म में विश्वास रखने वाली होनहार लड़की थी.पुलस्थिनी धर्म में विश्वास रखने वाली होनहार लड़की थी.

कुछ ही महीनों बाद राजिक ने कविता को फोन कर बताया कि पुलस्थिनी ने इस्लाम कबूल लिया है और एक मुस्लिम मोहम्मद हास्थून से शादी भी कर ली है. ये खबर मिलने के बाद कविता ने राजिक से कहा कि वो अब पुलस्थिनी को अपनी बेटी नहीं मानती और उसके साथ जो भी होगा उसके लिए राजिक ही जिम्मेदार रहेगा. कविता ने कुछ दिन के लिए श्रीलंका छोड़ भी दिया.

इसके एक महीने बात कविता का कहना है कि उसे अपनी बेटी का फोन आया और उसने कहा कि वो पूरी तरह से टूट चुकी है. पुलस्थिनी अपनी शादी से खुश नहीं थी और उसने मां को ये बात बताई. पुलस्थिनी का कहना था कि उसका पति कई लोगों के साथ संबंध रखे हुए है. इसके बाद कविता की अपनी बेटी से कभी बात नहीं हुई.

हमले के दो हफ्ते पहले पुलस्थिनी को ढूंढने आया था कोई...

कविता का दावा है कि हमले के दो हफ्ते पहले एक इंसान पुलस्थिनी को ढूंढने उसके घर आया था. जब उसके बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि वो श्रीलंका की इंटेलिजेंस एजेंसी का सदस्य है और उसके आगे कुछ भी नहीं.

IBC की रिपोर्ट के मुताबिक जिस अब्दुल राजिक की बात कविता ने की है वो असल में कट्टर इस्लामिक संगठन श्रीलंकन तौहीद जमात (SLTJ) का सदस्य था. इसके तमिलनाडु तौहीद जमात से भी संबंध थे. SLTJ ने साफ इंकार कर दिया है कि उसके श्रीलंका हमले से कोई संबंध हैं. साथ ही, सारा इल्जाम नैशनल तौहीद जमात पर लगाया गया है.

श्रीलंका का बम ब्लास्ट आतंकियों द्वारा किए गए कुछ सबसे खतरनाक हमलों में से एक था और इस हमले की बहुत पहले से तैयारी की गई थी. श्रीलंका सबसे धनी और राजनीति स्तर पर जुड़े हुए व्यक्ति के दो बेटे इसमें शामिल थे और उनमें से एक की पत्नी ने ब्लास्ट के बाद खुद को और पूरे परिवार को (बच्चों सहित) बम से उड़ा लिया था ताकि वो पकड़ी न जाए. अब पुलस्थिनी के मामले में भी ऐसा शक किया जा रहा है कि शायद वो भी सुसाइड बॉम्बिंग के लिए तैयार हो और उसके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ हो. पुलस्थिनी की कहानी अगर सच्ची है तो ये बेहद खतरनाक समस्या की ओर इशारा कर रही है. जिस लव जिहाद जिसके चर्चे भारत में अलग-अलग जगहों पर होते रहते हैं वो श्रीलंका में एक कड़वी सच्चाई बनकर सामने आया है. पुलस्थिनी का मामला अगर सही है तो ये सोचने की जरूरत है कि कट्टर आतंकी संगठनों से लड़कियों को कैसे बचाया जाए. 

लव जिहाद से भी ज्यादा खतरनाक बनता जा रहा है Converted Jihad-

श्रीलंका के इस मामले को एक तरफ तो लव जिहाद से जोड़ा जा सकता है, लेकिन दूसरी तरफ इसे कनवर्टेड जिहाद से भी जोड़कर देखा जा सकता है. एक दो नहीं ऐसे दर्जनों मामले मिल जाएंगे जहां हिंदू, ईसाई, डच, यहूदी लोग इस्लाम अपनाकर जिहादी बन गए और ISIS जैसे संगठनों के साथ जुड़ गए. श्रीलंका वाले मामले में भी ISIS ने ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली है तो इस बात को भी नकारा नहीं जा सकता कि पुलस्थिनी को उसी संगठन ने कट्टर बनाया हो. हालांकि, इसका कोई सबूत नहीं है.

जिहादी जैक के बारे में तो शायद सबने सुना होगा. जैक को एक खतरनाक ISIS रिक्रूट माना जाता है. ब्रिटिश मीडिया ने जिहादी जैक नाम दे दिया. इसी तरह, ब्रिटेन की रहने वाली शमीमा बेगम का पति यागो रेडिजिक (Yago Riedijk) भी कनवर्ट होकर इस्लामी कट्टर संगठन ISIS से जुड़ गया. इसी तरह कीवी जिहादी मार्क टेलर भी था जो अपनी पत्नी द्वारा छोड़े जाने के गम में धर्म से दूर हो गया. 

ये भारत से भी अछूता नहीं है. केरल की निमिशा (हिंदू) और उसका पति बेक्सेन (ईसाई) दोनों 2016 में अफ्गानिस्तान भाग गए थे. दोनों ने ही इस्लाम कबूल किया. निमिशा बन गई फातिमा और बेक्सेन बन गया ईसा. इतना ही नहीं, बेक्सेन का भाई बेस्टिन और उसकी पत्नी मेरिल भी इस्लाम कबूल कर मरियम और इसिया बन गए. ये सभी ISIS से जुड़ गए.

हो सकता है कुछ ऐसा ही पुलस्थिनी के साथ भी हुआ हो. सिर्फ किसी एक देश में ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में इस तरह की बातें सामने आ रही हैं कि जवान लड़के-लड़कियों को बहका कर उनका धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है और वो इस तरह के जिहादी संगठनों से जुड़ रहे हैं. 

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