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Updated: 04 मई, 2019 06:46 PM
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21 अप्रैल को श्रीलंका में हुए 8 धमाकों में 253 लोग मारे गए थे. इनमें 10 भारतीय भी थे. लेकिन भारत इन धमाकों से सिर्फ इतना ही नहीं जुड़ा था. लगातार आ रही खबरें इस तरफ इशारा कर रही थीं कि श्रीलंका में हुए धमाकों के तार भारत से भी जुड़े हैं. भारत से कनेक्शन की बातों पर अब श्रीलंका ने भी मुहर लगा दी है. श्रीलंका के सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल महेश सेनानायके ने बयान दिया है कि देश में सीरियल धमाके करने वाले आतंकियों ने भारत के केरल और कश्मीर से ट्रेनिंग ली थी.

भारत को भी मिल रहे थे सुराग

इस मामले की सगन जांच में जुटी NIA को हमले के मास्टरमाइंड जाहरान हाशिम के कॉल डीटेल से पता चला था कि वो केरल और तमिलनाडु में लंबे समय से सक्रिय था और करीब तीन महीने तक भारत में रहा भी था. हाशिम से संपर्क रखने के आरोप में केरल के पलक्कड़ से रियाज अबुबकर को भी गिरफ्तार किया गया जो केरल में फिदायीन हमले की फिराक में था. रियाज के IS से संबंध होने का शक है. इसके अलावा कासरगोड में दो अन्य संदिग्धों के घरों पर भी छापा मारा गया जहां से हाशिम के वीडियो के अलावा कई डिजिटल डिवाइस, मोबाइल फोन, सिम, मैमोरी कार्ड, पैन ड्राइव, डायरियां, अरबी, मलयालम में हाथ से लिखे नोट्स और जाकिर नाइक और इस्लामिक उपदेशक सैयद कुतेब की डीवीडी भी बरामद की गई थीं. जांच में पता चला कि आरोपी IS की हिंसक चरमपंथी विचारधारा से प्रभावित थे और इसे सोशल मीडिया पर भी फैलाने में लगे थे.

srilanka blastश्रीलंका में सीरियल धमाकों में 300 से भी ज्यादा लोगों की जान गई

NIA पहले से ही केरल में IS से जुड़े एक मामले की जांच कर रही थी, जिसमें हाशिम के एक वीडियो की भी जांच की गई. इसमें कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग पर हमले के संकेत मिले थे. इसके बाद आईएस से जुड़े अकाउंट्स की जांच के दौरान भी एनआईए को पता चला कि श्रीलंका में चर्चों को निशाना बनाया जा सकता है. वीडियो में हाशिम युवाओं से श्रीलंका, तमिलनाडु और केरल में इस्लामिक शासन स्थापित करने की बात कह रहा था.

भारत ने श्रीलंका को इस बात की चेतावनी दी थी लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया. 4 अप्रैल और 20 अप्रैल यानी हमलों के ठीक पहले भी श्रीलंका को चेताया गया था. लेकिन उन्होंने भारत की बातों का भरोसा नहीं किया और इतना बड़ा हादसा हो गया.

श्रीलंका भी यही कह रहा है

महेश सेनानायके ने कहा कि खुफिया जानकारी के मुताबिक आतंकी कश्मीर के अलावा बेंगलुरु और केरल के कुछ हिस्सो में भी गए थे. एक इंटरव्यू में सेनानायके ने कहा कि 'मुझे पूरी जानकारी नहीं है कि आतंकियों के भारत जाने का मुख्य मकसद क्या था. लेकिन यह तय है कि वे किसी तरह की ट्रेनिंग या दूसरे आतंकी संगठनों से संपर्क साधना चाहते थे. हमले को अंजाम देने के तरीके से लगता है कि आतंकियों ने इसकी साजिश स्थानीय नहीं बल्कि किसी बाहरी की मदद से की थी.'

अब भारत को भी कमर कसने की जरूरत है

हमले के बाद से NIA और भी सक्रीय हो गया है क्योंकि जो भी जानकारी निकलकर आ रही है वो भारत की सुरक्षा के लिहाज से भी काफी अहम है. इन सारी बातों से एक ही बात सामने आती है कि हमला भले ही श्रीलंका पर हुआ हो लेकिन उसका खतरा भारत पर भी बना हुआ है. NIA को मिले हुए वाडियो में श्रीलंका, तमिलनाडु और केरल में इस्लामिक शासन स्थापित करने की बात की गई थी. श्रीलंका पर हमला हो चुका, तो क्या अब भारत की बारी है?

हमले के बाद श्रीलंका तो सुरक्षा को लेकर नए रास्ते अपना रहा है. हाल ही में बुर्के पर बैन लगा दिया गया अब बताया जा रहा है कि मदरसों को अब श्रीलंका सरकार का धार्मिक और सांस्कृतिक मंत्रालय ही नियंत्रित करेगा. क्योंकि श्रीलंका के मदरसों में पढ़ाने वाले करीब 800 विदेशी धर्मगुरू टूरिस्ट वीजा पर श्रीलंका में थे. और भी न जाने क्या-क्या. लेकिन जब दक्षिण भारत में भी यही स्थिति है और भारत की सुरक्षा एजेंसियां ये सब जानती हैं तो भारत सरकार को भ कुछ अहम फैसले लेने की जरूरत है जिससे भारत का माहौल न बिगाड़ा जा सके.

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