New

होम -> समाज

 |  4-मिनट में पढ़ें  |  
Updated: 12 जून, 2020 11:50 AM
सुरभि सप्रू
सुरभि सप्रू
  @surbhi-sapru
  • Total Shares

Kashmir Sarpanch Ajay Pandit killing story: कभी-कभी जीवन में कुछ घटनाएं आपको बहुत कुछ सिखाती हैं. कई बार प्यार करना और कई बार नफरत करना भी. ये दोनों हम किसी घटना के घटित होने के बाद ही करते हैं. कश्मीर में फिर एक हिन्दू मारा गया है. कुछ बड़े ट्विटर हैंडल इसे ट्वीट कर अपना गुस्सा जता रहे हैं और कुछ वैसे ही मौन पड़े हैं. ये मौन पड़े हुए हैंडल वही वाले हैं जिन्होंने कश्मीरी हिन्दुओं पर हुए अत्याचारों पर मुझे भी मौन रहने की सलह दी थी. अब इसी पर विचार करने की आवश्यकता है कि जिन कश्मीरी हिन्दुओं ने हमेशा के लिए कश्मीर में ही रहने का निर्णय लिया उनकी सुरक्षा के लिए आज कौन बात कर रहा है और कौन कर रहा था? सुनिए, अब कमरे में और कैमरे पर दहाड़ मारने से कुछ नहीं होगा. इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है. सच यही है कि कश्मीर में हिन्दुओं के उदय और हिन्दुओं का विस्तार अभी भी खतरे में है. जो समुदाय किसी का बुरा असल में नहीं चाहता उसके अंदर नफरत का बीज किसने बोया?

हाल ही में कई कश्मीरी हिन्दुओं ने ईद की बधाई दी थी. सरपंच अजय पंडिता भी वैसे ही थे, वो 'फिलटर्ड सेक्युलर' नहीं थे, 'प्योर सेक्युलर' थे. सब लोग कुछ लोगों पर सेलेक्टिव होने का आरोप लगा रहे हैं और मैं भी खुलकर ये आरोप लगा रही हूं. हमें सोशल मीडिया की क्रांति से ऊपर उठकर इसे देखना होगा. मैं यहां अपने कश्मीरी हिन्दू भाई बहनों से भी ये बात कहना चाहती हूं कि अपने व्यव्हार को अपने विचारों से अलग नहीं करिए.

Kashmiri Pandit Ajay Pandita Bharti Sarpanch Murderअजय पंडित के शव पर रोते और बिलखते हुए उसके परिजन

अपने लोगों के लिए आवाज़ बनिए. जब मैंने अजय जी की बेटी का वो वीडियो देखा तो मेरे मन में ये विचार आया कि अगर ये बच्ची उस समय पर पैदा हुई होती तो शायद कोई हिन्दू कश्मीर से बाहर नहीं निकलता और घाटी को छोड़ने पर मजबूर नहीं किया जाता. शीन ने बताया कि उसने अपने पिता से पूछा था कि ये बाकी धर्म वाले ऐसे क्यों होते हैं? तो उसके पिता ने कहा 'धर्म को कुछ नहीं बोलो, इंसानों की गारंटी मैं नहीं लेता.'

अब प्रश्न यही बनता है क्या अजय पंडिता का ये विचार उनके लिए खतरा बन गया? शीन चीख रही है और चीखते-चीखते वो ये कह रही है कि - हम कश्मीर वापस जाएंगे, हमें किसी का बाप भी नहीं रोक सकता' उसे डर नहीं लगत. अब विचार इस पर कीजिये कि कौन से विचार को हम हिन्दुओं को अपना लेना चाहिए? शीन के पिता का या शीन का?

मुझसे पूछेंगे तो मैं यही कहूंगी कि मुझसे सच में नहीं पता कि कौन सा विचार सफल है क्योंकि मुझे कश्मीरी हिन्दुओं का अस्तित्व खतरे में दिखाई देता है कम से कम तब तक जब तक घाटी आतंकी विचार और व्यवहार से जकड़ी हुई है. फिर सोचिये कि जिन लोगों ने मुझसे ये सब भूलने को कहा था क्या उन लोगों को ये देखकर मेरे विचार और व्यव्हार से सहमति होगी? क्या फिर घाटी में हिट लिस्ट बनाई जा रही है?

जिन लोगों ने अपने घर के पास एक छोटे मंदिर की रक्षा के लिए घाटी में रहने का निर्णय किया, जिन लोगों ने घाटी में रहने के लिए मुस्लिम बनना तक स्वीकार कर लिया क्या उन लोगों की सुरक्षा के लिए किसी के पास समय नहीं है? अधूरा ज्ञान, अधूरी बातें, अधूरी कहानियां, अधूरा सच और अधूरा चिनार, आखिर घाटी में और रह ही क्या गया है?

ये भी पढ़ें -

Kashmiri Pandit Sarpanch Murder ने घाटी में केंद्र के कमजोर इंतजाम उजागर कर दिए

Kapil Mishra के बचाव में राइट विंग बुद्धिजीवियों की जकरबर्ग को चिट्ठी!

Yogi Adityanath की ख़ूबियां सीमा पार दुश्मन को दिख गईं, यहां विपक्ष अंधा हो गया!

लेखक

सुरभि सप्रू सुरभि सप्रू @surbhi-sapru

पैरों में नृत्य, आँखों में स्वप्न,हाथों में तमन्ना (कलम),गले में संगीत,मस्तिष्क में शांति, ख़ुशी से भरा मन.. उत्सव सा मेरा जीवन- मेरा परिचय.. :)

iChowk का खास कंटेंट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक करें.

आपकी राय