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Updated: 05 जुलाई, 2022 05:24 PM
बिलाल एम जाफ़री
बिलाल एम जाफ़री
  @bilal.jafri.7
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सिंगर से पॉलिटिशियन बने सिद्धू मूसेवाला की हत्या मामले में जांच में जुटी पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने महज 19 साल की उम्र में जरायम की दुनिया में अपना सिक्का चमकाने वाले अंकित सिरसा को धार दबोचा है. अंकित के साथ साथ पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले सचिन भिवानी को भी गिरफ्तार किया है. मामले के मद्देनजर अंकित की गिरफ्तारी इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि सिर्फ 19 साल की उम्र में अंकित ने ऐसा बहुत कुछ कर दिया है जो किसी की भी सोच और कल्पना से परे है. ध्यान रहे कि बीती 29 मई को पंजाबी सिंगर और कांग्रेस के नेता सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर निर्मम तरीके से हत्या कर दी गयी थी. मामला क्योंकि हाई प्रोफाइल था इसलिए पुलिस ने भी इसे गंभीरता से लिया और घटना में शामिल लोगों की धर पकड़ के लिए जगह जगह दबिश दी.

Sidhu Moosewala, Ankit Sirsai, Lawrence Bishnoi, Murder, Punjab, Singer, Congress, Delhi Policeसिद्धू के कातिल अंकित सिरसा का कारनामा ऐसा है जो किसी को भी चौंका देगा

जिक्र अंकित का हुआ है तो बता दें कि अंकित पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में शामिल शूटरों में से एक था. अंकित के मामले में दिलचस्प ये भी है कि वह राजस्थान में हत्या के प्रयास के दो मामलों में भी शामिल है. वहीं बात अगर सचिन भिवानी की हो तो जो जानकारी अब तक बाहर आई है उसके अनुसार सचिन ही वो शख्स था जिसने सिद्धू मूसेवाला की हत्या करने वाले चारों शूटर्स को न केवल पनाह दी बल्कि उनके भागने का भी प्रबन्ध किया.

कौन हैं अंकित सिरसा?

सिद्धू मूसेवाला की हत्या मामले में गिरफ्तार अंकित सिरसा को लेकर न केवल बहस तेज है बल्कि ये नाम सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड कर रहा है इसलिए हमारे लिए भी ये जानना बहुत जरूरी हो जाता है कि आखिर अंकित सिरसा है कौन? साथ ही इसका बैक ग्राउंड क्या है और किस तरह इसने जरायम की दुनिया में अपने कदम जमाए. 

अंकित सिरसा को लेकर जो जानकारी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल से मिली है उसके मुताबिक हरियाणास्थित सोनीपत का रहने वाला अंकित सिरसा अब से ठीक चार महीने पहले ही लॉरेंस बिश्नोई के गैंग में शामिल हुआ था. लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप में शामिल होने के बाद दिवंगत सिद्धू मूसेवाला ही वो पहला व्यक्ति था जिसे उसने बेरहमी से मारा. अंकित के मामले में एक दिलचस्प तथ्य ये भी है कि करीब उन्नीस वर्षीय आरोपी इस मामले में शामिल सबसे कम उम्र का शूटर है.

चूंकि पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या मामले में तार पहले ही एक दूसरे से काफी उलझे हुए थे. इसलिए अब जबकि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है तो हमें इस बात पर गौर करना होगा कि सिद्धू की हत्या का प्लान किसी बारीकी से बना था. यदि हमें इस बात को समझना हो तो हमें पुलिस के उस स्टेटमेंट पर गौर करना चाहिए जिसमें पुलिस ने बताया था कि अंकित और प्रियव्रत फौजी नाम का एक अन्य क्रिमिनल एक कार में थे. प्रियव्रत और अंकित ने पंजाब पुलिस की वर्दी पहनकर अधिकारियों से बचने की कोशिश की.

पुलिस के अनुसार दोनों ने मूसेवाला की गाड़ी को रोका था और ये अंकित सिरसा ही था जिसने सिद्धू को पॉइंट ब्लैंक रेंज पर गोली मारी थी. वारदात को अंजाम देने के बाद वे मौके से फरार हो गए. प्रियव्रत फौजी को ही गिरोह के 'बोलेरो मॉड्यूल' का मुखिया बताया जा रहा है. 

सिद्धू की हत्या किस बेहरहमी से हुई थी इसका अंदाजा उनकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को देखकर लगाया जा सकता है. सिद्धू की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार गोली लगने के 15 मिनट के भीतर ही उनकी मौत हो गई थी और उनके शरीर पर कुल 19 गोलियां लगी थीं. घटना को अंजाम देने के लिए एएन-94 असॉल्ट राइफल जैसे अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया था. '

ऐसा बिलकुल नहीं है कि अंकित की गिरफ़्तारी के बाद सिद्धू की हत्या की गुत्थी सुलझ गयी है. हत्या क्यों हुई? इस हत्या का मकसद गैंग वॉर है या कुछ और इसका खुलासा आगे की जांच में होगा लेकिन जिस तरह तमाम हत्यारे 19 से 30 साल के बीच हैं सवाल उठता है कि क्या ग्लैमर के साथ साथ पैसे की चाह युवाओं को जुर्म की दुनिया में धकेल रही है? यदि ऐसा है तो यकीनन ये ठीक नहीं है और हर सूरत में इस ज़रूरी मसले पर बात होनी ही चाहिए.  

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लेखक

बिलाल एम जाफ़री बिलाल एम जाफ़री @bilal.jafri.7

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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